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कैटल पांड का टेंडर रद्द होने के बाद फिर से लटका मरम्मत का कार्य
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उधमपुर शहर में कई वर्षों से बदहाल पड़ा नगर परिषद का कैटल पांड
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। देविकानगरी के लोगों को लावारिस मवेशियों के खिलाफ नगर परिषद की कार्रवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि, मवेशी बाड़े की मरम्मत के लिए जारी किया टेंडर रद्द कर दिया गया है।
अब इसके लिए दोबारा से टेंडर जारी किया जाएगा। और इस प्रक्रिया में समय लगेगा। वहीं, शहर में दिन प्रतिदिन बढ़ रही लावारिस मवेशियों की संख्या से शहरवासी परेशान हैं। इससे शहर की सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
शहर में नगर परिषद की तरफ से तैयार मवेशी बाड़े की करीब 20 वर्ष से हालत खराब है। इसका इस्तेमाल वर्षों से नहीं किया गया। करीब 40 वर्ष पहले इसका निर्माण लावारिस मवेशियों को पकड़ कर रखने के लिए किया गया था। लेकिन, रख रखाव के अभाव में इसकी हालत खराब होने के बाद नगर परिषद ने इसका इस्तेमाल करना बंद कर दिया।
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इसके खराब होने के बाद लावारिस मवेशियों को पकड़ कर कार्रवाई करना भी बंद कर दिया गया। करीब 20 वर्ष से शहरवासी इसकी हालत सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। दो वर्ष पहले नगर परिषद ने करीब साढ़े आठ लाख रुपये बाड़े की हालत सुधारने के लिए मंजूर किए थे। मरम्मत के कार्य का शिलान्यास भी कर दिया गया। लेकिन, 2020 में कोरोना संकट के कारण मरम्मत का कार्य अधर में लटक गया।
इसके बाद करीब एक वर्ष तक काम अधर में ही लटका रहा। 2021 में मरम्मत के कार्य के लिए फिर से प्रयास किए और परिषद ने 16 लाख रुपये मंजूर किए। इस राशि से बाड़े की हालत सुधारने के साथ पकड़े जाने वाले मवेशियों के लिए चारा रखने का स्थान, पीने के पानी का इंतजाम, आदि कार्य किए जाने थे। पीडब्ल्यूडी ने इसका टेंडर भी जारी कर दिया। लेकिन, अब इस टेंडर को रद्द कर दिया गया है।
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शहर में लगातार बढ़ रही लावारिस मवेशियों की संख्या
शहर में पिछले कुछ वर्षों से लावारिस मवेशियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शहरवासी सुबह मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं। मवेशी धार रोड, पुराने राजमार्ग, अस्पताल रोड व शहर के विभिन्न हिस्सों में घूमते रहते हैं। इनके कारण यातायात प्रभावित होता है। कई बार वाहन दुर्घटना का शिकार भी होते हैं।
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हमले कर कई बार शहरवासियों को किया है घायल
शहर के विभिन्न हिस्सों में घोड़े घूमते नजर आते हैं। कई बार ये घोड़े शहरवासियों को हमला कर घायल कर देते हैं। इसकी कई बार नगर परिषद के पास शिकायत पहुंचती है, लेकिन परिषद मवेशियों को पकड़ कर रखने का स्थान न होने के कारण कार्रवाई न करने की समस्या को सामने रख देता है।
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इसका टेंडर जारी किया गया था। लेकिन, कुछ निजी कारणों के कारण ठेकेदार इसका काम नहीं कर सका। इस कारण टेंडर को रद्द कर दिया गया। अब इसका नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा। करीब सप्ताह के अंदर यह प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। उम्मीद है कि जल्द इसका काम शुरू हो और नगर परिषद के साथ शहरवासियों को राहत मिले।
- सुरेंद्र सिंह खालसा, नगर परिषद चेयरमैन
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अब इसके लिए दोबारा से टेंडर जारी किया जाएगा। और इस प्रक्रिया में समय लगेगा। वहीं, शहर में दिन प्रतिदिन बढ़ रही लावारिस मवेशियों की संख्या से शहरवासी परेशान हैं। इससे शहर की सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
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शहर में नगर परिषद की तरफ से तैयार मवेशी बाड़े की करीब 20 वर्ष से हालत खराब है। इसका इस्तेमाल वर्षों से नहीं किया गया। करीब 40 वर्ष पहले इसका निर्माण लावारिस मवेशियों को पकड़ कर रखने के लिए किया गया था। लेकिन, रख रखाव के अभाव में इसकी हालत खराब होने के बाद नगर परिषद ने इसका इस्तेमाल करना बंद कर दिया।
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इसके खराब होने के बाद लावारिस मवेशियों को पकड़ कर कार्रवाई करना भी बंद कर दिया गया। करीब 20 वर्ष से शहरवासी इसकी हालत सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। दो वर्ष पहले नगर परिषद ने करीब साढ़े आठ लाख रुपये बाड़े की हालत सुधारने के लिए मंजूर किए थे। मरम्मत के कार्य का शिलान्यास भी कर दिया गया। लेकिन, 2020 में कोरोना संकट के कारण मरम्मत का कार्य अधर में लटक गया।
इसके बाद करीब एक वर्ष तक काम अधर में ही लटका रहा। 2021 में मरम्मत के कार्य के लिए फिर से प्रयास किए और परिषद ने 16 लाख रुपये मंजूर किए। इस राशि से बाड़े की हालत सुधारने के साथ पकड़े जाने वाले मवेशियों के लिए चारा रखने का स्थान, पीने के पानी का इंतजाम, आदि कार्य किए जाने थे। पीडब्ल्यूडी ने इसका टेंडर भी जारी कर दिया। लेकिन, अब इस टेंडर को रद्द कर दिया गया है।
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शहर में लगातार बढ़ रही लावारिस मवेशियों की संख्या
शहर में पिछले कुछ वर्षों से लावारिस मवेशियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शहरवासी सुबह मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं। मवेशी धार रोड, पुराने राजमार्ग, अस्पताल रोड व शहर के विभिन्न हिस्सों में घूमते रहते हैं। इनके कारण यातायात प्रभावित होता है। कई बार वाहन दुर्घटना का शिकार भी होते हैं।
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हमले कर कई बार शहरवासियों को किया है घायल
शहर के विभिन्न हिस्सों में घोड़े घूमते नजर आते हैं। कई बार ये घोड़े शहरवासियों को हमला कर घायल कर देते हैं। इसकी कई बार नगर परिषद के पास शिकायत पहुंचती है, लेकिन परिषद मवेशियों को पकड़ कर रखने का स्थान न होने के कारण कार्रवाई न करने की समस्या को सामने रख देता है।
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इसका टेंडर जारी किया गया था। लेकिन, कुछ निजी कारणों के कारण ठेकेदार इसका काम नहीं कर सका। इस कारण टेंडर को रद्द कर दिया गया। अब इसका नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा। करीब सप्ताह के अंदर यह प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। उम्मीद है कि जल्द इसका काम शुरू हो और नगर परिषद के साथ शहरवासियों को राहत मिले।
- सुरेंद्र सिंह खालसा, नगर परिषद चेयरमैन

उधमपुर शहर में कई वर्षों से बदहाल पड़ा नगर परिषद का कैटल पांड- फोटो : UDHAMPUR