{"_id":"63768391d3cd52571755d5ab","slug":"death-udhampur-news-jmu2725081184","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्घटना में मारे गए लोग सुपुर्द-ए-खाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्घटना में मारे गए लोग सुपुर्द-ए-खाक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किश्तवाड़। जिला किश्तवाड़ के उपमंडल मढ़वा में बुधवार को सूमो वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई थी। उनको वीरवार सुबह नम आंखों से उनके पैतृक गांवों में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान पूरे मढ़वा इलाके से भारी संख्या में लोग शामिल हुए। जानकारी के अनुसार जिस जगह पर दुर्घटना हुई है, वहां पर नदी बह रही है। आशंका जताई जा रही थी कि इसमें कुछ और भी हो सकते हैं। उनकी वीरवार सुबह तलाश की गई लेकिन देर शाम तक वहां पर कुछ भी नहीं मिला।
इस दुर्घटना में एनएचएम का एक कर्मी अफाक अहमद निवासी दच्छन में शामिल है, जिसकी मौत हो गई थी। वह भी कई वर्षों से इसी इलाके में स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहा था। इस संबंध में डॉ. नाजिर शेख ने किश्तवाड़ में एक शोक सभा के दौरान बताया कि अफाक अहमद अस्थायी तौर पर तैनात था, जिसके जाने के बाद उनके परिवार और गर्भवती पत्नी को विभाग की तरफ से मुआवजा दिया जाए। साथ ही उसकी जगह उसकी पत्नी को रोजगार दिया जाए। इस दौरान एनएचएम के जिला प्रधान अलताफ वानी ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की कि परिवार को मुआवजा एवं पत्नी को उसकी जगह नौकरी में रखा जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से यह एनएचएम के तहत लगा था। स्थायी न होने के कारण इसके परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके परिवार को जॉब पालिसी और 20 लाख मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन
इस दुर्घटना में एनएचएम का एक कर्मी अफाक अहमद निवासी दच्छन में शामिल है, जिसकी मौत हो गई थी। वह भी कई वर्षों से इसी इलाके में स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहा था। इस संबंध में डॉ. नाजिर शेख ने किश्तवाड़ में एक शोक सभा के दौरान बताया कि अफाक अहमद अस्थायी तौर पर तैनात था, जिसके जाने के बाद उनके परिवार और गर्भवती पत्नी को विभाग की तरफ से मुआवजा दिया जाए। साथ ही उसकी जगह उसकी पत्नी को रोजगार दिया जाए। इस दौरान एनएचएम के जिला प्रधान अलताफ वानी ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की कि परिवार को मुआवजा एवं पत्नी को उसकी जगह नौकरी में रखा जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से यह एनएचएम के तहत लगा था। स्थायी न होने के कारण इसके परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके परिवार को जॉब पालिसी और 20 लाख मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन