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Udhampur News: सीआरपीएफ ने बलिदानी मुश्ताक अहमद को दी पुष्पांजलि
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मुफ्त बिजली की मांग को लेकर चौगान में धरना प्रदर्शन किया ।
- फोटो : मुफ्त बिजली की मांग को लेकर चौगान में धरना प्रदर्शन किया ।
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रामबन। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल 84 बटालियन सीआरपीएफ ने ग्रुप सेंटर (जीसी), सीआरपीएफ हीरानगर के साथ मिलकर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। वह 2008 में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में माओवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ, 84वीं बटालियन ने रामबन के परनोते के एक स्कूल में शहीद कांस्टेबल चालक मुश्ताक अहमद की शहादत को सम्मानित करने के लिए एक समारोह का आयोजन किया।
उन्होंने बताया कि परनोते रामबन निवासी बलिदानी कांस्टेबल मुश्ताक अहमद ने दो फरवरी 2008 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में माओवादियों से लड़ते हुए देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने बताया कि शहीद मुश्ताक अहमद के परिवार में उनकी पत्नी रुबीना बेगम और दो बेटे हैं। इस समारोह में उनकी पत्नी, बच्चों, रिश्तेदारों, गांव के बुजुर्गों और सीआरपीएफ कर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। समारोह के दौरान बलिदानी को पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा गया। सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन के कमांडेंट एन रणबीर सिंह ने बलिदानी के परिजनों को निकटतम सीआरपीएफ यूनिट होने के नाते हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। परिवार के सदस्यों और गांव के बुजुर्गों ने बलिदानी कांस्टेबल मुश्ताक अहमद की ओर से किए गए सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में समारोह आयोजित करने के लिए सीआरपीएफ को धन्यवाद दिया।
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ, 84वीं बटालियन ने रामबन के परनोते के एक स्कूल में शहीद कांस्टेबल चालक मुश्ताक अहमद की शहादत को सम्मानित करने के लिए एक समारोह का आयोजन किया।
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उन्होंने बताया कि परनोते रामबन निवासी बलिदानी कांस्टेबल मुश्ताक अहमद ने दो फरवरी 2008 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में माओवादियों से लड़ते हुए देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने बताया कि शहीद मुश्ताक अहमद के परिवार में उनकी पत्नी रुबीना बेगम और दो बेटे हैं। इस समारोह में उनकी पत्नी, बच्चों, रिश्तेदारों, गांव के बुजुर्गों और सीआरपीएफ कर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। समारोह के दौरान बलिदानी को पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा गया। सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन के कमांडेंट एन रणबीर सिंह ने बलिदानी के परिजनों को निकटतम सीआरपीएफ यूनिट होने के नाते हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। परिवार के सदस्यों और गांव के बुजुर्गों ने बलिदानी कांस्टेबल मुश्ताक अहमद की ओर से किए गए सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में समारोह आयोजित करने के लिए सीआरपीएफ को धन्यवाद दिया।
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