फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   A place with a palpable concerns Jlin 19

एक जगह एक साथ जलीं 19 चिताएं

Sat, 22 Oct 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/रियासी
ब्यूरो, अमर उजाला/रियासी Updated Sat, 22 Oct 2016 01:38 AM IST
विज्ञापन
A place with a palpable concerns Jlin 19
रियासी में जलती सामूहिक चिंता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

ज्योतिपुरम में वीरवार को हुए बस हादसे के बाद शुक्रवार को भमाग तहसील के कई ग्रामीण क्षेत्रों में मातम पसरा रहा। एक साथ 19 चिंताएं जलीं। ग्रामीण क्षेत्र सेरसुण्डुया, सरमेधा, बक्कल, सुरजनधार, केरी में शुक्रवार को किसी घर में चूल्हे नहीं जले। हर तरफ चीत्कार गूंजती रही। हर चेहरा गम में डूबा था।

विज्ञापन


गौरतलब है कि वीरवार को हुए हादसे में सेरसुण्डुया गांव के सबसे ज्यादा लोग काल का ग्रास बने थे। इसके अलावा सरमेधा सुरजनधार बक्कल के लोग भी हादसे के शिकार हुए। यह सभी गांव एक-दूसरे से लगता हुआ है। इसलिए शुक्रवार को भमाग के लमसोरा में स्थित दरिया चिनाब में सबसे ज्यादा तेरह चिताएं एक साथ जलीं। बाकी शवों का अंतिक संस्कार भी बक्कल के नीचे से बह रहे दरिया चिनाब के पास किया गया।
विज्ञापन


एक युवक के क्रिश्चियन होने के कारण उसके शव को दफनाया गया। शुक्रवार को सभी शवों के हुए अंतिम संस्कार के दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। वहीं इसके अलावा जम्मू-पुंछ के सांसद जुगल किशोर शर्मा, स्थानीय विधायक और वित्त राज्यमंत्री अजय नंदा, जिला विकास आयुक्त रवींद्र कुमार भी शवों को अंतिम संस्कार करने के  लिए ले जा रही शव यात्राओं में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को हर प्रकार से उचित मुआवजा। घायलों को भी हर संभव सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक ही चिता पर जले दो सगे भाई और दो सगी बहनें
वीरवार को ज्योतिपुरम में हुए बस हादसे में मौत के मुंह में समाये दो सगे भाइयों के साथ ही दो सगी बहनों की चिताएं एक साथ जलीं। इस दौरान मौके पर मौजूद हर व्यक्ति का दिल पसीज गया। उनकी आंखें भर आईं। समाख निवासी दोनों सगे भाई शिव सिंह तथा रूमाल सिंह पुत्र अमरू  वीरवार को रियासी में हुए एक विवाह समारोह में शामिल होने आए थे।

दोपहर को जिस बस में सवार होकर वे अपने घर के लिए रवाना हुए, उसके दुर्घटनाग्रस्त होने से दोनों की मौत हो गई। शुक्रवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ एक ही चिता पर किया गया। इसी तरह इसी हादसे में दो सगी बहनों की जान भी एक साथ गई। दोनों आपस में देवरानी जेठानी भी थी। बताया जाता है कि  सेरसुण्डुया निवासी देसराज की बेटी की शादी कुछ दिनों के बाद होने वाली थी, जिसके लिए सामान खरीदने के लिए उसकी पत्नी नीलम देवी अपनी बहन प्रेमलता पत्नी बिशन सिंह के साथ रियासी आई हुई थी।


खरीदारी करने के बाद दोपहर को वे दोनों भी उसी बस में सवार हुई जो कि ज्योतिपुरम में खाई में गिर गई और दोनों बहनें काल के गाल में समा गई। शुक्रवार को दोनों के शवों का अंतिम किया गया। शुक्रवार को हुए अंतिम संस्कारों के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुटी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed