{"_id":"610adad08ebc3ec38439ebc6","slug":"concern-expressed-over-the-closure-of-door-to-door-garbage-collection-udhampur-news-jmu2408970162","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था बंद होने पर जताई चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था बंद होने पर जताई चिंता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। नगर में घरों से कचरा उठाने की व्यवस्था बंद होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुमित मगोत्रा ने चिंता जताई है। इसके साथ ही नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है।
बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने स्थानीय प्रशासन को आड़ेहाथ लिया है। कहा कि नगर परिषद की ओर से शहर को स्वच्छ बनाने के लिए घरों से कचरा एकत्रित करने का काम शुरू किया गया था। इसके लिए टेंडर जारी कर ठेकेदार को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसकी एवज में प्रत्येक घर से पचास रुपये प्रति माह शुल्क लिया जाता था। लेकिन यह व्यवस्था पांच दिन बंद है। जानकारी मिली है कि ठेकेदार का टेंडर खत्म हो गया है और नगर परिषद ने दूसरे ठेकेदार को टेंडर अलाट किया है। नगर परिषद का कहना है कि व्यवस्था को सुचारु करने में 21 दिन का समय लगेगा।
मगोत्रा ने कहा नगर परिषद को दो माह पहले कदम उठाना चाहिए था लेकिन स्थानीय प्रशासन की लापवाही से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिर से गलियों व नालियों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं, जो काफी चिंताजनक है। नगर परिषद से मांग है कि जल्द व्यवस्था को बहाल किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने स्थानीय प्रशासन को आड़ेहाथ लिया है। कहा कि नगर परिषद की ओर से शहर को स्वच्छ बनाने के लिए घरों से कचरा एकत्रित करने का काम शुरू किया गया था। इसके लिए टेंडर जारी कर ठेकेदार को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसकी एवज में प्रत्येक घर से पचास रुपये प्रति माह शुल्क लिया जाता था। लेकिन यह व्यवस्था पांच दिन बंद है। जानकारी मिली है कि ठेकेदार का टेंडर खत्म हो गया है और नगर परिषद ने दूसरे ठेकेदार को टेंडर अलाट किया है। नगर परिषद का कहना है कि व्यवस्था को सुचारु करने में 21 दिन का समय लगेगा।
विज्ञापन
मगोत्रा ने कहा नगर परिषद को दो माह पहले कदम उठाना चाहिए था लेकिन स्थानीय प्रशासन की लापवाही से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिर से गलियों व नालियों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं, जो काफी चिंताजनक है। नगर परिषद से मांग है कि जल्द व्यवस्था को बहाल किया जाए।
विज्ञापन