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कोकून मंडी में पहले दिन बिकी 20 लाख की कोकून
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सेरीकल्चर कार्यालय में बुधवार को इस सीजन की पहली कोकून मंडी की शुरूआत हो गई। पहले दिन जिले के थनोआ और सुलगार इलाके के कीट पालकों ने 20 लाख रुपये की कोकून बेची है। इस बार मंडी की शुरूआत में रेशम कीट पालकों को कोकून के अच्छे दाम मिले हैं और सभी खुश भी हैं। मंडी में कोकून खरीदने के लिए प्रदेश के साथ बंगाल और कर्नाटक से भी व्यापारी पहुंचे हैं।
कीट पालन में जिला उधमपुर राजोरी के बाद दूसरे स्थान पर हैं। हर वर्ष जिले में कीट पालक चार करोड़ से अधिक की कोकून बेचते हैं। कीट पालकों को कम समय में अच्छी आमदनी कमाने का अवसर मिलता है। इसमें सेरीकल्चर विभाग की तरफ से पूरी मदद की जाती है। 2020 में कोरोना संकट के कारण मंडी में कीट पालकों को कोकून के उचित दाम नहीं मिले थे और इसको लेकर कीट पालकों ने कई बार प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया था। लेकिन इस बार उनको अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।
बुधवार को मंडी का पहला दिन था। इस बार यह मंडी 27 जुलाई तक चलेगी और इसमें पांच हजार से अधिक कीट पालक कोकून बेचेंगे। पहले दिन थनोआ और सुलगार के 133 कीट पालकों ने 2100 किलो कोकून बेची है और कीट पालकों को इसके करीब 20 रुपये मिले हैं। मंडी में कोकून का अधिकमत दाम 1050 रुपये प्रति किलो रहा। डी ग्रेड की कोकून 645 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकी। सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मंडी चलती रही। कीट पालक भी सुबह आठ बजे से ही मंडी में पहुंचना शुरू हो गए थे।
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एसओपी का पालन करवाने को मंडी में तैनात की गई है एसडीआरएफ की टीम
मंडी में कोकून बेचने को हर रोज सैकड़ों कीट पालक पहुंचेंगे और ऐसे में सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के नियम का पालन करवाना मुश्किल हो जाएगा। इसी को लेकर विभाग की तरफ से इस बार मंडी में एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। यह टीमें भीड़ नहीं लगने देंगी और ग्रामीणों को सामाजिक दूरी का पालन करने और मास्क पहनने को लेकर जागरूक करेंगी। इसके साथ ही विभाग की तरफ से कीट पालकों को सैनिटाइजर और मास्क भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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कीट पालन में जिला उधमपुर राजोरी के बाद दूसरे स्थान पर हैं। हर वर्ष जिले में कीट पालक चार करोड़ से अधिक की कोकून बेचते हैं। कीट पालकों को कम समय में अच्छी आमदनी कमाने का अवसर मिलता है। इसमें सेरीकल्चर विभाग की तरफ से पूरी मदद की जाती है। 2020 में कोरोना संकट के कारण मंडी में कीट पालकों को कोकून के उचित दाम नहीं मिले थे और इसको लेकर कीट पालकों ने कई बार प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया था। लेकिन इस बार उनको अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।
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बुधवार को मंडी का पहला दिन था। इस बार यह मंडी 27 जुलाई तक चलेगी और इसमें पांच हजार से अधिक कीट पालक कोकून बेचेंगे। पहले दिन थनोआ और सुलगार के 133 कीट पालकों ने 2100 किलो कोकून बेची है और कीट पालकों को इसके करीब 20 रुपये मिले हैं। मंडी में कोकून का अधिकमत दाम 1050 रुपये प्रति किलो रहा। डी ग्रेड की कोकून 645 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकी। सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मंडी चलती रही। कीट पालक भी सुबह आठ बजे से ही मंडी में पहुंचना शुरू हो गए थे।
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एसओपी का पालन करवाने को मंडी में तैनात की गई है एसडीआरएफ की टीम
मंडी में कोकून बेचने को हर रोज सैकड़ों कीट पालक पहुंचेंगे और ऐसे में सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के नियम का पालन करवाना मुश्किल हो जाएगा। इसी को लेकर विभाग की तरफ से इस बार मंडी में एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। यह टीमें भीड़ नहीं लगने देंगी और ग्रामीणों को सामाजिक दूरी का पालन करने और मास्क पहनने को लेकर जागरूक करेंगी। इसके साथ ही विभाग की तरफ से कीट पालकों को सैनिटाइजर और मास्क भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।