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शहर में आवारा मवेशियों की भरमार, शहरवासी परेशान
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उधमपुर। लावारिस मवेशियों की बढ़ती संख्या से शहरवासी परेशान हैं। उनकी इस समस्या को दूर करने के लिए नगर परिषद की तरफ से तैयार किए जा रहे कैटल पौंड का काम अपने अंतिम चरण है लेकिन लोगों का कहना है कि शहर के आसपास के लोग भी इन लावारिस पशुओं को शहर की गलियों व सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं। शहरवासियों ने ऐसे मवेशी मालिकों पर भी नकेल कसने की मांग की है, जो अपना काम निकालने के बाद इन्हें सड़कों पर लावारिस मरने के लिए छोड़ जाते हैं।
गौरतलब है कि शहर में लावारिस मवेशियों की भरमार है, जिनमें दिन-प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। इनमें गाय- बैल से लेकर काफी संख्या में घोडे़ खच्चर भी शामिल हैं। यह दिनभर गंदगी, कचरे पर मुंह मार कर गुजारा करते हैं और सड़कों पर झुंड बनाकर रहते हैं। कई बार सार्वजनिक इमारतों में भी इनके झुंड नजर आते हैं, जो आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। सड़कों पर लावारिस मवेशियों की भरमार से इनके हादसे का शिकार होने के साथ ही ये राहगीरों व वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं। आपस में लड़ने के दौरान ये राहगीरों को भी घायल कर देते हैं और कई बार उत्तेजित होकर लोगों पर हमला भी बोल देते हैं। नगर में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं और काफी लोग इनके हमलों से घायल भी हुए हैं।
शहरवासी लगातार इस समस्या के समाधान की मांग करते आए हैं लेकिन बीते एक दशक से इनकी संख्या में कमी आने की बजाय लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते कुछ दिनों से शहर की सड़कों पर अब लावारिस घोडे़ और खच्चरों की भरमार नजर आ रही है। नगर के दोमेल चौक, सुभाष नगर, बाडेयां, गेडां तालाब, सैलां तालाब, हाउसिंग कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, जिला अस्पताल परिसर इत्यादि में इनके झुंड आसानी से देखने को मिल जाते हैं। इनसे राहगीरों के साथ ही वाहन चालकों को विशेषतौर पर परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि शहर हो या आसपास, ऐसे सभी मवेशी मालिकों पर कार्रवाई होेनी चाहिए।
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यूनियन स्वयं इस समस्या को दूर करने के लिए आवाज उठाती आ रही है। शहर में घूमने वाले लावारिस घोडे़ और खच्चर वे हैं, जिन्हें कटरा, जोह्नू, तलपड़ और तंदाल आदि इलाकों के लोगों द्वारा यहां लाकर छोड़ा गया है। ये मवेशी अब काम करने के लायक नहीं रह गए हैं। इनमें से किसी को टांग में समस्या है, कोई रोग ग्रस्त है तो कोई बूढ़ा हो गया है। ये शहर में लावारिस घूम घूमकर अपना पेट भरते हैं और जब इनमें से कोई स्वस्थ हो जाता है तो इनके मालिक इन्हें आकर फिर से अपने साथ ले जाते हैं। स्थानीय घोडे़ और खच्चर चलाने वाले लोग अपने मवेशियों का पूरा ध्यान रखते हैं उन्हें लावारिस सड़कों पर नहीं छोड़ते हैं। नगर परिषद को लावारिस मवेशियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई करनी चाहिए और इनके मालिकों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए। -विजय कुमार (घोड़ा खच्चर यूनियन उधमपुर के प्रधान)
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समस्या को दूर करने के लिए कैटल पौंड बनाया जा रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद लावारिस मवेशियों की धरपकड़ के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इनके मालिकों से जुर्माना वसूला जाएगा। जो भी अपने मवेशी को शहर में लावारिस घूमने के लिए छोडे़गा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. जोगेश्वर गुप्ता (अध्यक्ष नगर परिषद)
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गौरतलब है कि शहर में लावारिस मवेशियों की भरमार है, जिनमें दिन-प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। इनमें गाय- बैल से लेकर काफी संख्या में घोडे़ खच्चर भी शामिल हैं। यह दिनभर गंदगी, कचरे पर मुंह मार कर गुजारा करते हैं और सड़कों पर झुंड बनाकर रहते हैं। कई बार सार्वजनिक इमारतों में भी इनके झुंड नजर आते हैं, जो आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। सड़कों पर लावारिस मवेशियों की भरमार से इनके हादसे का शिकार होने के साथ ही ये राहगीरों व वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं। आपस में लड़ने के दौरान ये राहगीरों को भी घायल कर देते हैं और कई बार उत्तेजित होकर लोगों पर हमला भी बोल देते हैं। नगर में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं और काफी लोग इनके हमलों से घायल भी हुए हैं।
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शहरवासी लगातार इस समस्या के समाधान की मांग करते आए हैं लेकिन बीते एक दशक से इनकी संख्या में कमी आने की बजाय लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते कुछ दिनों से शहर की सड़कों पर अब लावारिस घोडे़ और खच्चरों की भरमार नजर आ रही है। नगर के दोमेल चौक, सुभाष नगर, बाडेयां, गेडां तालाब, सैलां तालाब, हाउसिंग कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, जिला अस्पताल परिसर इत्यादि में इनके झुंड आसानी से देखने को मिल जाते हैं। इनसे राहगीरों के साथ ही वाहन चालकों को विशेषतौर पर परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि शहर हो या आसपास, ऐसे सभी मवेशी मालिकों पर कार्रवाई होेनी चाहिए।
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यूनियन स्वयं इस समस्या को दूर करने के लिए आवाज उठाती आ रही है। शहर में घूमने वाले लावारिस घोडे़ और खच्चर वे हैं, जिन्हें कटरा, जोह्नू, तलपड़ और तंदाल आदि इलाकों के लोगों द्वारा यहां लाकर छोड़ा गया है। ये मवेशी अब काम करने के लायक नहीं रह गए हैं। इनमें से किसी को टांग में समस्या है, कोई रोग ग्रस्त है तो कोई बूढ़ा हो गया है। ये शहर में लावारिस घूम घूमकर अपना पेट भरते हैं और जब इनमें से कोई स्वस्थ हो जाता है तो इनके मालिक इन्हें आकर फिर से अपने साथ ले जाते हैं। स्थानीय घोडे़ और खच्चर चलाने वाले लोग अपने मवेशियों का पूरा ध्यान रखते हैं उन्हें लावारिस सड़कों पर नहीं छोड़ते हैं। नगर परिषद को लावारिस मवेशियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई करनी चाहिए और इनके मालिकों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए। -विजय कुमार (घोड़ा खच्चर यूनियन उधमपुर के प्रधान)
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समस्या को दूर करने के लिए कैटल पौंड बनाया जा रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद लावारिस मवेशियों की धरपकड़ के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इनके मालिकों से जुर्माना वसूला जाएगा। जो भी अपने मवेशी को शहर में लावारिस घूमने के लिए छोडे़गा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. जोगेश्वर गुप्ता (अध्यक्ष नगर परिषद)