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कछुआ चाल में चल रहा कैटल पांड का काम, कब मिलेगी आवारा मवेशियों से राहत
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उधमपुर शहर में बंद पड़ा कैटल मांड के मरम्मत का कार्य
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। नगर परिषद सात माह बाद भी कैटल पौंड का कायाकल्प नहीं करवा पाई है, जिस कारण लावारिस मवेशी शहवासियों के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। दिन प्रतिदिन मवेशियों की संख्या में बढ़ोतरी जारी है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है। मौजूदा समय में कायाकल्प का कार्य बंद पड़ा है।
मई 2022 में करीब 12.5 लाख रुपये में कैटल पौंड के कायाकल्प का काम शुरू हुआ था, जिसे तीन माह में पूरा कर नगर परिषद को सौंपना था। लेकिन करीब सात माह बाद भी काम अधूरा है। इस कारण नगर परिषद कैटल पांड का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। शहर के अंदर लावारिस मवेशियों की संख्या में बढ़ोतरी होने से शहरवासी परेशान हैं।
नगर परिषद के उपेक्षित रवैये से शहर का कैटल पौंड एक दशक से बंद पड़ा है। लावारिस मवेशियों से जहां दुकानदार और रेहड़ी-फड़ी वाले परेशान हैं वहीं हाईवे व धार रोड पर अकसर जाम लगने लगा है। कई बार हादसे तक हो चुके हैं।
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ठेकेदार को दिया जाएगा कैटलपांड चलाने का जिम्मा
कैटल पौंड की हालत सुधारने के बाद नगर परिषद कैटल पौंड का टेंडर जारी करेगा। इसमें मवेशियों को पकड़ कर रखने और जुर्माना वसूल करने के लिए ठेकेदारी सिस्टम काम करेगा। इससे नगर परिषद को सिरदर्द लेने की जरूरत नहीं होगी। उसे हर वर्ष टेंडर के जरिये भुगतान राशि मिल जाएगी।
कैटल पौंड के अभी कई काम शेष
इस समय कैटल पौंड में मवेशियों को रखने के लिए 20 फीट चौड़े और 32 फीट लंबे शेड का काम पूरा कर लिया गया है। अभी पुराने शेड की हालत में सुधार होना है। साथ ही दो हजार लीटर का ओवर हेड वाटर टैंक भी बनना है। कैटल पौंड में पेयजल व चारे के लिए खुरलियां का निर्माण और फर्श का कार्य शेष है।
ठेकेदार पैसे की कमी के कारण काम नहीं कर रहा है। नगर परिषद ने उसको जल्द काम शुरू करने को कहा है। काम पूरा होते ही लावारिस मवेशियों की समस्या का समाधान हो जाएगा।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, चेयरमैन, नगर परिषद
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मई 2022 में करीब 12.5 लाख रुपये में कैटल पौंड के कायाकल्प का काम शुरू हुआ था, जिसे तीन माह में पूरा कर नगर परिषद को सौंपना था। लेकिन करीब सात माह बाद भी काम अधूरा है। इस कारण नगर परिषद कैटल पांड का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। शहर के अंदर लावारिस मवेशियों की संख्या में बढ़ोतरी होने से शहरवासी परेशान हैं।
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नगर परिषद के उपेक्षित रवैये से शहर का कैटल पौंड एक दशक से बंद पड़ा है। लावारिस मवेशियों से जहां दुकानदार और रेहड़ी-फड़ी वाले परेशान हैं वहीं हाईवे व धार रोड पर अकसर जाम लगने लगा है। कई बार हादसे तक हो चुके हैं।
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ठेकेदार को दिया जाएगा कैटलपांड चलाने का जिम्मा
कैटल पौंड की हालत सुधारने के बाद नगर परिषद कैटल पौंड का टेंडर जारी करेगा। इसमें मवेशियों को पकड़ कर रखने और जुर्माना वसूल करने के लिए ठेकेदारी सिस्टम काम करेगा। इससे नगर परिषद को सिरदर्द लेने की जरूरत नहीं होगी। उसे हर वर्ष टेंडर के जरिये भुगतान राशि मिल जाएगी।
कैटल पौंड के अभी कई काम शेष
इस समय कैटल पौंड में मवेशियों को रखने के लिए 20 फीट चौड़े और 32 फीट लंबे शेड का काम पूरा कर लिया गया है। अभी पुराने शेड की हालत में सुधार होना है। साथ ही दो हजार लीटर का ओवर हेड वाटर टैंक भी बनना है। कैटल पौंड में पेयजल व चारे के लिए खुरलियां का निर्माण और फर्श का कार्य शेष है।
ठेकेदार पैसे की कमी के कारण काम नहीं कर रहा है। नगर परिषद ने उसको जल्द काम शुरू करने को कहा है। काम पूरा होते ही लावारिस मवेशियों की समस्या का समाधान हो जाएगा।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, चेयरमैन, नगर परिषद