{"_id":"612fc8128ebc3ef147303ddc","slug":"by-taking-out-a-rally-people-were-given-proper-nutrition-information-udhampur-news-jmu242754954","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैली निकाल कर लोगों को दी सही पोषण की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैली निकाल कर लोगों को दी सही पोषण की जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिनैनी। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के उपलक्ष्य में सीडीपीओ कार्यालय से रैली का आयोजन किया गया। इसे म्यूनिसिपल कमेटी के उपप्रधान अमित अबरोल ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस मौके पर सीडीपीओ संजीव शर्मा विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
सितंबर माह में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय पोषण दिवस व इस सप्ताह में प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के तौर पर मनाने की जानकारी दी गई। बताया कि बच्चों को सही पोषण मिलेगा तो देश मजबूत होगा। कई बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में बच्चों को सही खाना और समय-समय पर दें ताकि वह कुपोषण के शिकार न हो सकें।
सीडीपीओ ने बताया कि सितंबर माह में राष्ट्रीय पोषण माह के तौर पर मनाया जाता है और सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार इस माह इसका आयोजन हो रहा है। सितंबर के पहले सप्ताह को प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के तौर पर मनाया जाता है। योजना के तहत जो महिला पहले बच्चे को जन्म देती है उसे सरकार की तरफ से पांच हजार रुपये की मदद दी जाती है। यह पैसा तीन किस्तों में उनके खाते में जाता है। योजना के अनुसार घर-घर जाकर, ग्राम सभाएं और अन्य जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सितंबर माह में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय पोषण दिवस व इस सप्ताह में प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के तौर पर मनाने की जानकारी दी गई। बताया कि बच्चों को सही पोषण मिलेगा तो देश मजबूत होगा। कई बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में बच्चों को सही खाना और समय-समय पर दें ताकि वह कुपोषण के शिकार न हो सकें।
विज्ञापन
सीडीपीओ ने बताया कि सितंबर माह में राष्ट्रीय पोषण माह के तौर पर मनाया जाता है और सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार इस माह इसका आयोजन हो रहा है। सितंबर के पहले सप्ताह को प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के तौर पर मनाया जाता है। योजना के तहत जो महिला पहले बच्चे को जन्म देती है उसे सरकार की तरफ से पांच हजार रुपये की मदद दी जाती है। यह पैसा तीन किस्तों में उनके खाते में जाता है। योजना के अनुसार घर-घर जाकर, ग्राम सभाएं और अन्य जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
विज्ञापन