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Udhampur News: पहले भारत-पाक तनाव, अब मौसम की मार तोड़ रही कारोबार की कमर
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शांति गुप्ता
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- दिन में पार चढ़ने से बाजारों में पसर रहा सन्नाटा
उधमपुर। भारत-पाक संघर्ष के बाद से उधमपुर में कारोबार फिर से उबर नहीं पा रहा है। उस पर दोपहर के समय गर्मी में पारा लगातार बढ़ने से भी बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है। जिसकी वजह से व्यापारियों को काफी मंदी का सामना करना पड़ रहा है।
सात मई को शुरू हुए भारत पाक संघर्ष के चार दिन ठप रहे कारोबार के बाद सीज फायर होने पर व्यापारियों को लगा था कि व्यापार फिर से पटरी पर लौट आएगा। लेकिन इस दौरान प्रवासी मजदूरों के अपने घर लौटने पर ढुलाई का काम रुकने से व्यापारियों को माल की शार्टेज का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं अब गर्मी की मार ने भी कारोबार को पूरी तरह से ठप कर दिया है। सुबह होते ही तेज धूप के साथ तापमान बढ़ने लगता है और दोपहर होते-होते गर्माहट इतनी बढ़ जाती है कि हर कोई बेवजह से घर से बाहर निकलने से भी परहेज करने लगा है। जिसका सीधा असर बाजारों में देखने को मिल रहा है और लगातार कारोबार प्रभावित हो रहा है।
पूरे बाजार में मंदी की मार पड़ रही
अप्रैल, मई और जून के महीने में कारोबार सामान्य रहता है। खासकर टी शर्ट या फिर गर्मियों में पहनने वाले कपड़ों की बिक्री, स्कूलों का नया सत्र शुरू होने पर बैग, स्टेशनरी आदि का कारोबार भी जारी रहता है। लेकिन इस बार पूरे बाजार में मंदी की मार पड़ रही है।
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-महेश बनाथिया, व्यापारी।
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इन महीनों में काम ठप हो गया है
इन महीनों में काम की तेजी रहती है। क्योंकि अगले दो महीनों में गर्मियों की छुट्टियों और गर्मी के वजह से कारोबार ठप रहता है। खासकर बरसात की वजह से भी मंदा पड़ जाता है। लेकिन मौजदा वर्ष में इन महीनों में काम ठप हो गया है, ऐसे में अगले दो महीनों में ओर भी मंदी का सामना करना पड़ सकता है।
-दिक्षांत बुच्चा, व्यापारी
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कोई खास तेजी देखने को नहीं मिल रही
शादियों का दौर भी चल रहा है, ऐसे में कारोबार की काफी उम्मीद रहती है लेकिन इस बार कोई खास तेजी देखने को नहीं मिल रही है। जबकि शादियों के दिनों में सौने-चांदी के जेवरों का काफ अधिक होता है। पिछले वर्ष के मुकाबले कारोबार पर काफी मार पड़ रही है।
- जोगिंद्र वर्मा, प्रधान स्वर्णकार संघ
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माल की सप्लाई पर्याप्त रूप से नहीं हो पा रही
माल की सप्लाई पर्याप्त रूप से नहीं हो पा रही जिससे माल की शार्टेज तो ही रही है परंतु मौसम की मार ने भी कारोबार की कमर तोड़ दी है। अगर पारा इसी तरह चढ़ता रहा तो अगले तीन महीने कारोबार काफी भारी पड़ सकते हैं। - शांति गुप्ता, व्यापारी
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उधमपुर। भारत-पाक संघर्ष के बाद से उधमपुर में कारोबार फिर से उबर नहीं पा रहा है। उस पर दोपहर के समय गर्मी में पारा लगातार बढ़ने से भी बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है। जिसकी वजह से व्यापारियों को काफी मंदी का सामना करना पड़ रहा है।
सात मई को शुरू हुए भारत पाक संघर्ष के चार दिन ठप रहे कारोबार के बाद सीज फायर होने पर व्यापारियों को लगा था कि व्यापार फिर से पटरी पर लौट आएगा। लेकिन इस दौरान प्रवासी मजदूरों के अपने घर लौटने पर ढुलाई का काम रुकने से व्यापारियों को माल की शार्टेज का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं अब गर्मी की मार ने भी कारोबार को पूरी तरह से ठप कर दिया है। सुबह होते ही तेज धूप के साथ तापमान बढ़ने लगता है और दोपहर होते-होते गर्माहट इतनी बढ़ जाती है कि हर कोई बेवजह से घर से बाहर निकलने से भी परहेज करने लगा है। जिसका सीधा असर बाजारों में देखने को मिल रहा है और लगातार कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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पूरे बाजार में मंदी की मार पड़ रही
अप्रैल, मई और जून के महीने में कारोबार सामान्य रहता है। खासकर टी शर्ट या फिर गर्मियों में पहनने वाले कपड़ों की बिक्री, स्कूलों का नया सत्र शुरू होने पर बैग, स्टेशनरी आदि का कारोबार भी जारी रहता है। लेकिन इस बार पूरे बाजार में मंदी की मार पड़ रही है।
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-महेश बनाथिया, व्यापारी।
इन महीनों में काम ठप हो गया है
इन महीनों में काम की तेजी रहती है। क्योंकि अगले दो महीनों में गर्मियों की छुट्टियों और गर्मी के वजह से कारोबार ठप रहता है। खासकर बरसात की वजह से भी मंदा पड़ जाता है। लेकिन मौजदा वर्ष में इन महीनों में काम ठप हो गया है, ऐसे में अगले दो महीनों में ओर भी मंदी का सामना करना पड़ सकता है।
-दिक्षांत बुच्चा, व्यापारी
कोई खास तेजी देखने को नहीं मिल रही
शादियों का दौर भी चल रहा है, ऐसे में कारोबार की काफी उम्मीद रहती है लेकिन इस बार कोई खास तेजी देखने को नहीं मिल रही है। जबकि शादियों के दिनों में सौने-चांदी के जेवरों का काफ अधिक होता है। पिछले वर्ष के मुकाबले कारोबार पर काफी मार पड़ रही है।
- जोगिंद्र वर्मा, प्रधान स्वर्णकार संघ
माल की सप्लाई पर्याप्त रूप से नहीं हो पा रही
माल की सप्लाई पर्याप्त रूप से नहीं हो पा रही जिससे माल की शार्टेज तो ही रही है परंतु मौसम की मार ने भी कारोबार की कमर तोड़ दी है। अगर पारा इसी तरह चढ़ता रहा तो अगले तीन महीने कारोबार काफी भारी पड़ सकते हैं। - शांति गुप्ता, व्यापारी