{"_id":"6018468e8ebc3e08a3081dc6","slug":"budget-udhampur-news-jmu2281848181","type":"story","status":"publish","title_hn":"आम बजट से युवा असंतुष्ट, बताया निराशाजनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आम बजट से युवा असंतुष्ट, बताया निराशाजनक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। सरकार द्वारा पेश किए गए बजट से युवा वर्ग भी काफी हद तक अंसंतुष्ट नजर आया है। उनका कहना है कि बजट निराशाजनक है। उम्मीद थी कि सरकार बेरोजगारी व मंहगाई पर काबू पाने को लेकर कई नई घोषणाएं करेगी। लेकिन ऐसी इस बजट में कुछ भी नहीं था। पिछली बार की तरह ही निराशा हुई है। शिक्षा नीति को बेहतर बनाने का ध्यान रखा गया है। लेकिन पढे लिखे युवाओं को नौकरी देने को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
बजट में ऐसा कुछ भी नहीं दिखा जिससे युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद नजर आई हो। सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों को काफी निराशा हुई है। कुल मिलाकर बजट में उम्मीदों के विपरीत आया है।
-विनोद कुमार
शिक्षा नीति में सुधार लाने को लेकर कई घोषणाएं की गई हैं। लेकिन पढे लिखे युवाओं को रोजगार देने को लेकर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। पिछली बार की तरह इस बार भी निराशा हुई है।
विज्ञापन
-राहूल कौल
उम्मीद थी सरकार बेराजगारी को दूर करने को लेकर घोषणाएं करेगी। लेकिन बजट में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया है। शिक्षा नीति में सुधार लाने का ध्यान रखा गया है। लेकिन इससे बरोजगारी दूर नहीं हो पाएगी। सरकार को चिंतन करने की जरूरत है।
-पीयूष अत्री
देश के विकास के लिए बेरोजगारी व मंहगाई पर लगाम लगाना जरूरी है। लेकिन बजट में इन दोनों मुख्य समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया है, स्वरोजगार के लिए भी कोई विशेष कदम नहीं उठाए गए हैं। इससे युवाओं को निराशा हुई है।
-सुशील कुमार
विज्ञापन
बजट में ऐसा कुछ भी नहीं दिखा जिससे युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद नजर आई हो। सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों को काफी निराशा हुई है। कुल मिलाकर बजट में उम्मीदों के विपरीत आया है।
विज्ञापन
-विनोद कुमार
शिक्षा नीति में सुधार लाने को लेकर कई घोषणाएं की गई हैं। लेकिन पढे लिखे युवाओं को रोजगार देने को लेकर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। पिछली बार की तरह इस बार भी निराशा हुई है।
विज्ञापन
-राहूल कौल
उम्मीद थी सरकार बेराजगारी को दूर करने को लेकर घोषणाएं करेगी। लेकिन बजट में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया है। शिक्षा नीति में सुधार लाने का ध्यान रखा गया है। लेकिन इससे बरोजगारी दूर नहीं हो पाएगी। सरकार को चिंतन करने की जरूरत है।
-पीयूष अत्री
देश के विकास के लिए बेरोजगारी व मंहगाई पर लगाम लगाना जरूरी है। लेकिन बजट में इन दोनों मुख्य समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया है, स्वरोजगार के लिए भी कोई विशेष कदम नहीं उठाए गए हैं। इससे युवाओं को निराशा हुई है।
-सुशील कुमार