उधमपुर। जम्मू कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल 2022 के विरोध में बुधवार को सरकारी महिला कॉलेज की छात्राओं ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले बाजू पर काली पट्टियां बांधकर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से यूनिवर्सिटी का कामकाज प्रभावित होगा और इससे छात्र व छात्राओं की परेशानी बढ़ेगी, इसलिए जल्द से जल्द इसको वापस लिया जाए।
दोपहर के समय छात्राओं ने कॉलेज के गेट के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सोनिका सिंह, वैष्णो देवी व अन्य छात्राओं ने कहा कि सरकार ने इस बिल को लाकर छात्राओं के साथ ही यूनिवर्सिटी के अध्यापकों को भी परेशानी में डाल दिया है। सरकार के इस निर्णय से यूनिवर्सिटी में राजनीतिक माहौल बन जाएगा। अगर जेकेएसएसपी अध्यापकों की नियुक्ति करने लगा तो इससे कामकाज बुरी तरह से प्रभावित होगा। वाइस चांसलर के पद को भी समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी मांग है कि इस पद के अधिकार वापस दिए जाएं। सरकार के इस निर्णय से पीएचडी करने वालों के लिए परेशानी पैदा हो जाएगी क्योंकि उनकेे बिल के अनुसार कम नंबर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बिल को तैयार करते समय सरकार ने शिक्षाविदों को विश्वास में नहीं लिया है। सरकार ने यूनिवर्सिटी के स्वायत्तता में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया है। छात्राओं ने कहा कि सरकार को समझना चाहिए कि छात्र शक्ति राष्ट्र शक्ति है और कोई भी बिल तैयार करने से पहले छात्र के भविष्य के बारे में सोच लेना चाहिए। अगर सरकार ने जल्द काला कानून वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में सभी छात्राएं सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगी।