{"_id":"6ab19473dd5d90c135048b4c","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-udh1012-140815-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: डोडा में कॉन्ट्रेक्च्यूअल शिक्षकों का प्रदर्शन, ‘समान काम के लिए समान वेतन’ की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: डोडा में कॉन्ट्रेक्च्यूअल शिक्षकों का प्रदर्शन, ‘समान काम के लिए समान वेतन’ की मांग
विज्ञापन
डोडा। राजकीय डिग्री कॉलेज डोडा में संविदा आधार पर कार्यरत फैकल्टी सदस्यों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने ‘समान काम के लिए समान वेतन’ की मांग उठाते हुए पारिश्रमिक और सेवा शर्तों में सुधार की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे फैकल्टी सदस्यों में डॉक्टर जमील ने कहा कि वे नियमित शिक्षकों की तरह ही शिक्षण कार्य और अन्य अकादमिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं लेकिन संविदा व्यवस्था के कारण उन्हें तुलनात्मक रूप से कम पारिश्रमिक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों पर अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
कॉन्ट्रेक्च्यूअल शिक्षकों डॉक्टर इरफ़ान अहमद वाणी ने कहा कि वह तीन वर्ष से जीडीसी डोडा में कार्यरत है। सरकार और संबंधित अधिकारियों को कॉन्ट्रेक्च्यूअल शिक्षकों और उनकी सेवाओं और कार्य की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए वेतन में समानता, बेहतर सेवा शर्तों और अन्य लंबित मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। जम्मू-कश्मीर में संविदा एवं अकादमिक व्यवस्था के तहत कार्यरत शिक्षकों की ओर से समय-समय पर पारिश्रमिक, नौकरी की सुरक्षा, नियमितीकरण और समान सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। जीडीसी डोडा के प्रदर्शनकारी फैकल्टी सदस्यों ने भी इन मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शन कर रहे फैकल्टी सदस्यों में डॉक्टर जमील ने कहा कि वे नियमित शिक्षकों की तरह ही शिक्षण कार्य और अन्य अकादमिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं लेकिन संविदा व्यवस्था के कारण उन्हें तुलनात्मक रूप से कम पारिश्रमिक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों पर अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
विज्ञापन
कॉन्ट्रेक्च्यूअल शिक्षकों डॉक्टर इरफ़ान अहमद वाणी ने कहा कि वह तीन वर्ष से जीडीसी डोडा में कार्यरत है। सरकार और संबंधित अधिकारियों को कॉन्ट्रेक्च्यूअल शिक्षकों और उनकी सेवाओं और कार्य की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए वेतन में समानता, बेहतर सेवा शर्तों और अन्य लंबित मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। जम्मू-कश्मीर में संविदा एवं अकादमिक व्यवस्था के तहत कार्यरत शिक्षकों की ओर से समय-समय पर पारिश्रमिक, नौकरी की सुरक्षा, नियमितीकरण और समान सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। जीडीसी डोडा के प्रदर्शनकारी फैकल्टी सदस्यों ने भी इन मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन