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यात्री शेड को दुकानें बना नीलाम करेगी परिषद
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सैला तालाब मेटाडोर स्टैंड पर निर्माणाधीन यात्री शेड जहां नगर परिषद दुकानें बना कर नीलामी करेगी।
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। नगर परिषद उधमपुर ने आमदनी के चक्कर में जन सुविधाओं को दरकिनार कर यात्री शेड की जगह दुकानें बनाने की तैयारी कर ली है। सैलां तालाब मेटाडोर स्टैंड में यात्री शेड का निर्माण चल रहा था, जिसे बंद करवा दिया गया है। इसका खामियाजा रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा।
सैला तालाब मेटाडोर स्टैंड पर रोजाना सौ के करीब मेटाडोर आवागमन करती हैं, जिनमें हजारों लोग सफर करने के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन यहां पर यात्री शेड की सुविधा नहीं होने से सर्दी, गर्मी और बारिश में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। करीब 14 साल पहले 10 लाख रुपये की लागत से यात्री स्टैंड का निर्माण शुरू किया गया। लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से कार्य को बंद कर दिया गया, जो आज भी अधूरा है। लेकिन अब नगर परिषद ने निर्माणाधीन स्टैंड की जगह तीन दुकानें बना कर लोगों की समस्याओं को और बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे यात्री शेड की राह देख रहे लोगों की उम्मीदों को झटका लगेगा।
सैला तालाब मेटाडोर स्टैंड पर यात्री शेड का निर्माण तो नहीं हो पाया है अपितु नगर परिषद ने इस स्थान पर तीन दुकानों के निर्माण का फैसला किया है। इसी के साथ ही लोगों की सुविधा को दरकिनार करते हुए लाखों रुपये की आमदनी का जरिया खोजा है। वहीं, दुकानों की बोली लगाने के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। प्रत्येक दुकान की बोली 25 लाख रुपये से शुरू होगी और रिजर्व राशि का भुगतान करने के बाद व्यक्ति को दुकान का हर माह तीन हजार रुपये किराया देना होगा।
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ज्ञापन सौंपने के बाद भी टस से मस नहीं
यात्री शेड का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग को लेकर शहरवासियों ने कई बार नगर परिषद के सीईओ व अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे, लेकिन किसी ने भी इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाया। करीब 14 वर्ष पहले नगर परिषद ने सैला तालाब मेटाडोर स्टैंड पर यात्री शेड का निर्माण कार्य शुरू किया था। इसको नाम तो यात्री शेड का दिया गया था, लेकिन इसके लिए 10 लाख रुपये से इमारत तैयार की जाने लगी थी। मगर बीच में ही काम को बंद कर दिया गया। अधूरा ढांचा नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
यात्री शेड नहीं होने पर रोजाना परेशान होते हैं यात्री
सैला तालाब में यात्री शेड की सुविधा न होने के कारण हर रोज यात्री परेशान होते हैं। गर्मी के मौसम में यात्रियों को धूप से बचने के लिए स्थान नहीं मिलता है। वहीं जब बारिश होती है तो यात्री भीगने से बचने के लिए दुकानों के अंदर शरण लेते हैं। सैला तालाब मेटाडोर से हर रोज 100 से अधिक मेटाडोर विभिन्न रूटों पर आवाजाही करती हैं।
यात्रियों के लिए अलग से यात्री शेड बनाने की योजना है। दुकानों का निर्माण कार्य ढांचे को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए किया जा रहा है। इससे नगर परिषद को राजस्व भी मिलेगा। यह निर्णय सभी पार्षदों ने मिलकर प्रस्ताव पारित कर लिया है।
-डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, चेयरमैन, नगर परिषद
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सैला तालाब मेटाडोर स्टैंड पर रोजाना सौ के करीब मेटाडोर आवागमन करती हैं, जिनमें हजारों लोग सफर करने के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन यहां पर यात्री शेड की सुविधा नहीं होने से सर्दी, गर्मी और बारिश में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। करीब 14 साल पहले 10 लाख रुपये की लागत से यात्री स्टैंड का निर्माण शुरू किया गया। लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से कार्य को बंद कर दिया गया, जो आज भी अधूरा है। लेकिन अब नगर परिषद ने निर्माणाधीन स्टैंड की जगह तीन दुकानें बना कर लोगों की समस्याओं को और बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे यात्री शेड की राह देख रहे लोगों की उम्मीदों को झटका लगेगा।
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सैला तालाब मेटाडोर स्टैंड पर यात्री शेड का निर्माण तो नहीं हो पाया है अपितु नगर परिषद ने इस स्थान पर तीन दुकानों के निर्माण का फैसला किया है। इसी के साथ ही लोगों की सुविधा को दरकिनार करते हुए लाखों रुपये की आमदनी का जरिया खोजा है। वहीं, दुकानों की बोली लगाने के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। प्रत्येक दुकान की बोली 25 लाख रुपये से शुरू होगी और रिजर्व राशि का भुगतान करने के बाद व्यक्ति को दुकान का हर माह तीन हजार रुपये किराया देना होगा।
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ज्ञापन सौंपने के बाद भी टस से मस नहीं
यात्री शेड का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग को लेकर शहरवासियों ने कई बार नगर परिषद के सीईओ व अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे, लेकिन किसी ने भी इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाया। करीब 14 वर्ष पहले नगर परिषद ने सैला तालाब मेटाडोर स्टैंड पर यात्री शेड का निर्माण कार्य शुरू किया था। इसको नाम तो यात्री शेड का दिया गया था, लेकिन इसके लिए 10 लाख रुपये से इमारत तैयार की जाने लगी थी। मगर बीच में ही काम को बंद कर दिया गया। अधूरा ढांचा नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
यात्री शेड नहीं होने पर रोजाना परेशान होते हैं यात्री
सैला तालाब में यात्री शेड की सुविधा न होने के कारण हर रोज यात्री परेशान होते हैं। गर्मी के मौसम में यात्रियों को धूप से बचने के लिए स्थान नहीं मिलता है। वहीं जब बारिश होती है तो यात्री भीगने से बचने के लिए दुकानों के अंदर शरण लेते हैं। सैला तालाब मेटाडोर से हर रोज 100 से अधिक मेटाडोर विभिन्न रूटों पर आवाजाही करती हैं।
यात्रियों के लिए अलग से यात्री शेड बनाने की योजना है। दुकानों का निर्माण कार्य ढांचे को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए किया जा रहा है। इससे नगर परिषद को राजस्व भी मिलेगा। यह निर्णय सभी पार्षदों ने मिलकर प्रस्ताव पारित कर लिया है।
-डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, चेयरमैन, नगर परिषद