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Udhampur News: दो माह में लकड़ी माफिया पर भद्रवाह में 52 मामले दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। भद्रवाह में वन विभाग ने लकड़ी की तस्करी और अवैध कटाई के खिलाफ पिछले दो महीने में 52 वन अपराध के मामले दर्ज किए हैं और अनधिकृत वृक्ष कटाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 22 अवैध यांत्रिक कटर जब्त किए हैं।
भद्रवाह डिवीजन के नीरू और चिराला रेंज वन में किए गए कई अभियानों के दौरान मशीनरी के अलावा, अवैध रूप से तस्करी की गई देवदार की लकड़ी के दर्जनों टुकड़े भी बरामद किए गए। इन उच्च मूल्य वाली लकड़ी के लट्ठों को कथित तौर पर वन नियमों का उल्लंघन करते हुए ले जाया जा रहा था। भद्रवाह के प्रभागीय वन अधिकारी देविंदर कुमार ने कहा कि हमारी टीमें न केवल दिन के दौरान, बल्कि पूरी रात भी हाई अलर्ट पर रहती हैं। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए संवेदनशील वन क्षेत्रों में लगातार दिन-रात गश्त की गई। इसके अलावा अवैध लकड़ी की आवाजाही को रोकने के लिए ज्ञात तस्करी मार्गों पर अस्थायी नाके स्थापित किए हैं।
पहले तस्कर कुल्हाड़ी जैसे साधारण औजारों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब वे यांत्रिक कटर का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे मिनटों में पेड़ काटे जा सकते हैं। इससे हमारे वन क्षेत्र को गंभीर खतरा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डोडा जिले में यांत्रिक कटर की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने
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कुमार ने बताया कि पिछले दो महीनों में ही वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 52 वन अपराध मामले दर्ज किए गए हैं। अवैध रूप से इस्तेमाल किए जा रहे 22 यांत्रिक कटर और तस्करी के लिए ले जाए जा रहे देवदार की लकड़ी के दर्जनों टुकड़े जब्त किए गए।
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उधमपुर। भद्रवाह में वन विभाग ने लकड़ी की तस्करी और अवैध कटाई के खिलाफ पिछले दो महीने में 52 वन अपराध के मामले दर्ज किए हैं और अनधिकृत वृक्ष कटाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 22 अवैध यांत्रिक कटर जब्त किए हैं।
भद्रवाह डिवीजन के नीरू और चिराला रेंज वन में किए गए कई अभियानों के दौरान मशीनरी के अलावा, अवैध रूप से तस्करी की गई देवदार की लकड़ी के दर्जनों टुकड़े भी बरामद किए गए। इन उच्च मूल्य वाली लकड़ी के लट्ठों को कथित तौर पर वन नियमों का उल्लंघन करते हुए ले जाया जा रहा था। भद्रवाह के प्रभागीय वन अधिकारी देविंदर कुमार ने कहा कि हमारी टीमें न केवल दिन के दौरान, बल्कि पूरी रात भी हाई अलर्ट पर रहती हैं। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए संवेदनशील वन क्षेत्रों में लगातार दिन-रात गश्त की गई। इसके अलावा अवैध लकड़ी की आवाजाही को रोकने के लिए ज्ञात तस्करी मार्गों पर अस्थायी नाके स्थापित किए हैं।
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पहले तस्कर कुल्हाड़ी जैसे साधारण औजारों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब वे यांत्रिक कटर का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे मिनटों में पेड़ काटे जा सकते हैं। इससे हमारे वन क्षेत्र को गंभीर खतरा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डोडा जिले में यांत्रिक कटर की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने
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कुमार ने बताया कि पिछले दो महीनों में ही वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 52 वन अपराध मामले दर्ज किए गए हैं। अवैध रूप से इस्तेमाल किए जा रहे 22 यांत्रिक कटर और तस्करी के लिए ले जाए जा रहे देवदार की लकड़ी के दर्जनों टुकड़े जब्त किए गए।