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भारतीय विद्या मंदिर स्कूल में हवन यज्ञ का आयोजन कर मनाया गया वसंत पंचमी का पर्व
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उधमपुर: भारतीय विद्या मंदिर स्कूल में बसंत पंचमी के उपलक्ष पर हवन करते स्कूल के स्टाफ. बसंत नाच
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। भारतीय विद्या मंदिर स्कूल नैनसू में बसंत पंचमी का पर्व धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर स्कूल में हवन यज्ञ का आयोजन हुआ।
प्रधानाचार्य रेणू शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा समिति जम्मू कश्मीर के मार्गदर्शक एवं भारतीय विद्या मंदिर स्कूल के प्रभारी अरुण कुमार मुख्यातिथि थे। कार्यक्रम की शुरूआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के बाद सरस्वती वंदना से हुई। अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
वहीं, दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों व अन्य वक्ताओं ने कहा कि इस दिन विद्या की देवी सरस्वती का जन्म हुआ था। इसी दिन देवी सरस्वती ने अवतरित होकर अपनी वीणा का मधुर नाद किया था, जिससे संसार के समस्त प्राणियों को वाणी प्राप्त हुई। इसी दिन वीर हकीकत जी ने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था। इसी दिन त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने शबरी को मोक्ष प्रदान किया था।
बसंत ऋतु लोगों का मनचाहा मौसम है। इसका स्वागत करने के लिए माघ महीने के पांचवें दिन भगवान विष्णु और कामदेव की पूजा होती है। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या ने कहा कि हर साल विद्यालय में बसंत पंचमी पर हवन का आयोजन किया जाता है। इस बसंत पंचमी भगवान से प्रार्थना की गई कि सभी स्वस्थ रहें, और कोरोना महामारी जल्दी से समाप्त हो जाए।
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प्रधानाचार्य रेणू शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा समिति जम्मू कश्मीर के मार्गदर्शक एवं भारतीय विद्या मंदिर स्कूल के प्रभारी अरुण कुमार मुख्यातिथि थे। कार्यक्रम की शुरूआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के बाद सरस्वती वंदना से हुई। अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
वहीं, दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों व अन्य वक्ताओं ने कहा कि इस दिन विद्या की देवी सरस्वती का जन्म हुआ था। इसी दिन देवी सरस्वती ने अवतरित होकर अपनी वीणा का मधुर नाद किया था, जिससे संसार के समस्त प्राणियों को वाणी प्राप्त हुई। इसी दिन वीर हकीकत जी ने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था। इसी दिन त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने शबरी को मोक्ष प्रदान किया था।
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बसंत ऋतु लोगों का मनचाहा मौसम है। इसका स्वागत करने के लिए माघ महीने के पांचवें दिन भगवान विष्णु और कामदेव की पूजा होती है। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या ने कहा कि हर साल विद्यालय में बसंत पंचमी पर हवन का आयोजन किया जाता है। इस बसंत पंचमी भगवान से प्रार्थना की गई कि सभी स्वस्थ रहें, और कोरोना महामारी जल्दी से समाप्त हो जाए।
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