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सैरगाह रोड पर लगे बैसाखी मेले में झूले न होने से निराश हुए बच्चे
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उधमपुर। नगर के सैरगाह रोड पर करीब दो वर्ष बाद बैसाखी मेले का आयोजन हुआ। हालांकि, यह मेला हर वर्ष देविका तट पर लगता था। लेकिन, देविका तट के सौंदर्यीकरण को बरकरार रखने के लिए प्रशासन ने इस बार इसे सैरगाह रोड पर लगाने की अनुमति दी।
सैरगाह रोड पर जगह कम होने के कारण हर बार मेले का मुख्य आकर्षण रहने वाले झूले, सर्कस, आदि यहां नहीं लग पाए। जबकि, प्राचीन मेला स्थल पर केवल सरकारी विभागों ने जन कल्याण के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी देने के लिए 10 स्टॉल लगाए थे। इसके अलावा मेले से संबंधित किसी भी गतिविधि के लिए यहां रोक थी। सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। सैरगाह रोड के दोनों प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई थी।
मेले के दौरान सजने वाली सभी दुकानों को इस बार सैरगाह रोड पर लगाने की अनुमति दी गई थी, जहां खेलने खाने की विभिन्न वस्तुओं की ब्रिकी हो रही थी। मेले में सुबह से ही लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था। मेले का आधिकारिक उद्घाटन दोपहर तीन बजे मेला स्थल पर पहुंचीं जिला विकास आयुक्त इंदु कंवल चिब ने एक छोटी बच्ची से करवाया। इससे पहले उन्होंने देविका तट पर लगाए विभिन्न सरकारी स्टॉलों का अवलोकन किया।
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उन्होंने विभाग के अधिकारियों को स्टॉलों पर मेले में आने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति अधिक से अधिक जागरूक करने को कहा। इस अवसर पर सूचना विभाग ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया, जिसका मेले में आने वाले लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। मेले में लोग सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। सुबह आठ बजे तक देविका स्थल पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने मां देविका की पूजा की। दोपहर 12 बजे तक मेले में लोगों की भीड़ उमड़ी। मेले में बच्चे खेलने और खाने का सामान खरीद रहे थे, लेकिन झूलों व सर्कस न होने के कारण उन्हें निराशा हुई।
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देविका तट की सुंदरता रही मुख्य आकर्षण
मेले में आए लोगों में देविका तट की सुंदरता मुख्य आकर्षण रही। प्रशासन ने इस तट का कायाकल्प देविका परियोजना के तहत करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से किया है। सैरगाह रोड पर मेले में घूमने के बाद लोग देविका तट पर बनी प्रतिमाओं के साथ फोटो लेने में व्यस्त रहे। देविका तट पर बनी भगवान शिव की विशाल प्रतिमा के अलावा डोगरी लोक संस्कृति को दर्शातीं महिलाओं, बच्चों व पुरुषों की प्रतिमाओं के साथ बच्चों से लेकर महिलाएं और युवा भी सेल्फी लेते नजर आए। इससे देविका तट के प्राचीन मेला स्थल पर भी लोगों की काफी भीड़ लगी रही। शाम को देविका आरती का भी आयोजन किया गया।
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सैरगाह रोड पर जगह कम होने के कारण हर बार मेले का मुख्य आकर्षण रहने वाले झूले, सर्कस, आदि यहां नहीं लग पाए। जबकि, प्राचीन मेला स्थल पर केवल सरकारी विभागों ने जन कल्याण के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी देने के लिए 10 स्टॉल लगाए थे। इसके अलावा मेले से संबंधित किसी भी गतिविधि के लिए यहां रोक थी। सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। सैरगाह रोड के दोनों प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई थी।
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मेले के दौरान सजने वाली सभी दुकानों को इस बार सैरगाह रोड पर लगाने की अनुमति दी गई थी, जहां खेलने खाने की विभिन्न वस्तुओं की ब्रिकी हो रही थी। मेले में सुबह से ही लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था। मेले का आधिकारिक उद्घाटन दोपहर तीन बजे मेला स्थल पर पहुंचीं जिला विकास आयुक्त इंदु कंवल चिब ने एक छोटी बच्ची से करवाया। इससे पहले उन्होंने देविका तट पर लगाए विभिन्न सरकारी स्टॉलों का अवलोकन किया।
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उन्होंने विभाग के अधिकारियों को स्टॉलों पर मेले में आने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति अधिक से अधिक जागरूक करने को कहा। इस अवसर पर सूचना विभाग ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया, जिसका मेले में आने वाले लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। मेले में लोग सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। सुबह आठ बजे तक देविका स्थल पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने मां देविका की पूजा की। दोपहर 12 बजे तक मेले में लोगों की भीड़ उमड़ी। मेले में बच्चे खेलने और खाने का सामान खरीद रहे थे, लेकिन झूलों व सर्कस न होने के कारण उन्हें निराशा हुई।
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देविका तट की सुंदरता रही मुख्य आकर्षण
मेले में आए लोगों में देविका तट की सुंदरता मुख्य आकर्षण रही। प्रशासन ने इस तट का कायाकल्प देविका परियोजना के तहत करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से किया है। सैरगाह रोड पर मेले में घूमने के बाद लोग देविका तट पर बनी प्रतिमाओं के साथ फोटो लेने में व्यस्त रहे। देविका तट पर बनी भगवान शिव की विशाल प्रतिमा के अलावा डोगरी लोक संस्कृति को दर्शातीं महिलाओं, बच्चों व पुरुषों की प्रतिमाओं के साथ बच्चों से लेकर महिलाएं और युवा भी सेल्फी लेते नजर आए। इससे देविका तट के प्राचीन मेला स्थल पर भी लोगों की काफी भीड़ लगी रही। शाम को देविका आरती का भी आयोजन किया गया।

उधमपुर- मेले के दौरान देविका तट पर बने सेल्फी प्वाईंट पर प्रतिमाओं के साथ फोटो खिंचवाते बच्चे व अ?- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: देविका की ओर जाने वाले लोगों की चेकिंग करते पुलिसकर्मी.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: वैशाखी के उपलक्ष पर देविका तट पर लगा लोगों का तांता.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: सेरगा रोड पर मेले में खरीदारी करते हुए लोग.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: सेरगा रोड पर मेले में खरीदारी करते हुए लोग.- फोटो : UDHAMPUR