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मानसर में ऑइकॉनिक वीक फेस्टिवल का हुआ आगाज
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मानसर में आइकॉनिक वीक फेस्टिवल का हुआ समापन
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। मानसर में बुधवार को ऑइकॉनिक वीक फेस्टिवल की शुरूआत की गई। जिसका औपचारिक उद्घाटन मानसर झील के किनारे डीडीसी उपाध्यक्ष जूही मन्हास पठानिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में गजल की एक आकर्षक जुगल बंदी, गीत प्रतियोगिताएं, डोगरा व्यंजन स्टाल, स्थानीय और बॉलीवुड कलाकारों द्वारा लाइव प्रदर्शन और एक नौका विहार उत्सव के अलावा, एक सुंदर सांस्कृतिक शाम, डोगरी, पहाड़ी, पंजाबी और गोजरी संस्कृति के साथ-साथ स्थानीय लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसमें मुख्य रूप से स्थानीय कलाकर रिंकू मानसर वाला, सोनाली डोगरा, सूरज डोगरा, सुष्मिता बनर्जी, राकेश मल्होत्रा और अन्य लोगों द्वारा रचित और गाए गए गीतों से माहौल और भी अधिक जीवंत हो गया। झील की रोशनी ने भी दर्शकों के दिलों को छू लेने वाला नजारा और एक बेहतरीन आभा दी।
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इस अवसर पर जूही मन्हास पठानिया ने प्राचीन मानसर झील को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग, एसएमडीए और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मानसर और सुरिनसर के तट पर बसी सभ्यता को डोगरा कहा जाता था। डोगरा शब्द संस्कृत के दो शब्दों दुई (दो) ग्रटा (बड़े गड्ढे) से मिलकर बना है। उन्होंने बसोहली, बनी, बिलावर, मजालता, पंचैरी, उधमपुर में धार रोड पर तीर्थ स्थलों और सुरम्य स्थलों पर अत्याधुनिक सुविधाओं को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए एक समर्पित पर्यटक सर्किट को विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने सभी लोकप्रिय मंदिरों में शामिल श्री पिंगला माता, श्री चौंतरा माता और श्री मराडा माता, सुकराला माता और बालसुंदरी माता, रामनगर में श्री नरसिंह जी मंदिरों, मजालता के आप शंभू मंदिरों आदि को धार्मिक पर्यटन स्थलों के तौर पर विकसित करने की भी अपील की। उन्होंने पर्यटन विभाग को एक कदम आगे बढ़ने और क्षेत्र में पर्यटन विकास और प्रचार को चैनलाइज करने पर जोर दिया, जो न केवल पर्यटन गतिविधि को बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।
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इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में गजल की एक आकर्षक जुगल बंदी, गीत प्रतियोगिताएं, डोगरा व्यंजन स्टाल, स्थानीय और बॉलीवुड कलाकारों द्वारा लाइव प्रदर्शन और एक नौका विहार उत्सव के अलावा, एक सुंदर सांस्कृतिक शाम, डोगरी, पहाड़ी, पंजाबी और गोजरी संस्कृति के साथ-साथ स्थानीय लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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इसमें मुख्य रूप से स्थानीय कलाकर रिंकू मानसर वाला, सोनाली डोगरा, सूरज डोगरा, सुष्मिता बनर्जी, राकेश मल्होत्रा और अन्य लोगों द्वारा रचित और गाए गए गीतों से माहौल और भी अधिक जीवंत हो गया। झील की रोशनी ने भी दर्शकों के दिलों को छू लेने वाला नजारा और एक बेहतरीन आभा दी।
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इस अवसर पर जूही मन्हास पठानिया ने प्राचीन मानसर झील को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग, एसएमडीए और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मानसर और सुरिनसर के तट पर बसी सभ्यता को डोगरा कहा जाता था। डोगरा शब्द संस्कृत के दो शब्दों दुई (दो) ग्रटा (बड़े गड्ढे) से मिलकर बना है। उन्होंने बसोहली, बनी, बिलावर, मजालता, पंचैरी, उधमपुर में धार रोड पर तीर्थ स्थलों और सुरम्य स्थलों पर अत्याधुनिक सुविधाओं को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए एक समर्पित पर्यटक सर्किट को विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने सभी लोकप्रिय मंदिरों में शामिल श्री पिंगला माता, श्री चौंतरा माता और श्री मराडा माता, सुकराला माता और बालसुंदरी माता, रामनगर में श्री नरसिंह जी मंदिरों, मजालता के आप शंभू मंदिरों आदि को धार्मिक पर्यटन स्थलों के तौर पर विकसित करने की भी अपील की। उन्होंने पर्यटन विभाग को एक कदम आगे बढ़ने और क्षेत्र में पर्यटन विकास और प्रचार को चैनलाइज करने पर जोर दिया, जो न केवल पर्यटन गतिविधि को बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।

मानसर में आइकॉनिक वीक फेस्टिवल का हुआ समापन, दीप प्रज्जवलित करती डीडीसी उपाध्यक्ष जुही पठानिया, ?- फोटो : UDHAMPUR