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नेशनल एचीवमेंट सर्वे को लेकर फील्ड इन्वेस्टिगेटरों को दी विस्तृत जानकारी
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नेशनल एजीवमेंट के सर्वे को लेकर उधमपुर में प्रशिक्षण हासिल करते सरकारी शिक्षक
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से नेशनल अचीवमेंट सर्वे को लेकर बुधवार को फील्ड इंवेस्टिगेटरों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें क्षेत्र अन्वेषकों को अपने-अपने इलाकों में सर्वेक्षण करने के तौर तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के सहायक संयोजक रशपाल सिंह ने कहा कि केंद्रीय बोर्ड की निगरानी में चलाया जा रहा यह सर्वेक्षण कार्यक्रम पूरे जम्मू कश्मीर में आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत तैनात किए गए क्षेत्र अन्वेषक अपने-अपने इलाकों में तीसरी, 5वीं, 8वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों की विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान सीखने के परिणाम की जानकारी जुटाएंगे। ताकि, पता लगाया जा सके कि विद्यार्थी केवल स्कूलों में हाजिरी तक ही सीमित हैं, अथवा वह जरूरी शिक्षा को सीख भी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन एंड ट्रेनिंग (डाइट) के प्रधानाचार्य केसी खजूरिया और पूर्व प्रधान सिकंदर लाल इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी हैं। सीईओ अरविन कुमार कौल की निगरानी में इस पूरे कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। यह किसी बच्चे या संस्था का परिणाम नहीं, बल्कि इससे पूरे जिले का सिर्फ एक रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने इस सर्वेक्षण के लिए तैनात फील्ड अन्वेषकों को जरूरी जानकारी प्रदान की। 12 नवंबर से ये लोग अपने अपने क्षेत्रों में सर्वेक्षण का काम शुरू कर देंगे।
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कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के सहायक संयोजक रशपाल सिंह ने कहा कि केंद्रीय बोर्ड की निगरानी में चलाया जा रहा यह सर्वेक्षण कार्यक्रम पूरे जम्मू कश्मीर में आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत तैनात किए गए क्षेत्र अन्वेषक अपने-अपने इलाकों में तीसरी, 5वीं, 8वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों की विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान सीखने के परिणाम की जानकारी जुटाएंगे। ताकि, पता लगाया जा सके कि विद्यार्थी केवल स्कूलों में हाजिरी तक ही सीमित हैं, अथवा वह जरूरी शिक्षा को सीख भी रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जिले में डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन एंड ट्रेनिंग (डाइट) के प्रधानाचार्य केसी खजूरिया और पूर्व प्रधान सिकंदर लाल इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी हैं। सीईओ अरविन कुमार कौल की निगरानी में इस पूरे कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। यह किसी बच्चे या संस्था का परिणाम नहीं, बल्कि इससे पूरे जिले का सिर्फ एक रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने इस सर्वेक्षण के लिए तैनात फील्ड अन्वेषकों को जरूरी जानकारी प्रदान की। 12 नवंबर से ये लोग अपने अपने क्षेत्रों में सर्वेक्षण का काम शुरू कर देंगे।
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