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महिलाओं को सोलर ड्रायर यूनिट से मिला स्वरोजगार
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उधमपुर। जिले की ग्रामीण महिलाएं सोलर ड्रायर यूनिट स्थापित कर स्वरोजगार पा कर रही हैं। इसमें बागवानी विभाग पूरा सहयोग कर रहा है। महिलाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर ड्रायर यूनिट स्थापित करके दिया जा रहा है। यह स्वरोजगार महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ कर मिल रहा है।
बागवानी विभाग स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को सोलर ड्रायर यूनिट प्रदान कर रहा है। सोलर ड्रायर एक सरल लेकिन उच्च प्रभाव वाली तकनीक है। इससे सूखी सब्जियों, फलों, साग, जड़ी-बूटियों को एक वर्ष से अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इनको सुखाने के साथ मूल उत्पाद के सभी पोषण गुण, रंग और स्वाद को बरकरार रखा जाता है। सब्जियों और फलों की बर्बादी को रोकने के उद्देश्य से सोलर ड्रायर यूनिट से इनको सुखाने की शुरुआत की है।
स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को जोड़ा गया। मौजूदा समय में ब्लॉक चिनैनी, रामनगर और डुडु-बसंतगढ़ के स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर बागवानी विभाग की मदद से ये सोलर ड्रायर यूनिटों को स्थापित किया गया है। वर्तमान में उधमपुर सेल्फ हेल्प ग्रुप के 130 सदस्य सब्जियों, फलों जैसे विभिन्न उत्पादों को सोलर ड्रायर यूनिट से सुरक्षित रख रहे हैं। फलों के साथ लाल मिर्च, धनिया, टमाटर, मशरूम और अन्य सब्जियों को भी सुखा कर महिलाएं अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।
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लाभार्थी सुषमा रानी ने बताया कि वह अपने और अपने परिवार के भरण-पोषण को लेकर काफी चिंतित थीं। तब वह उम्मीद योजना के जरिए स्वयं सहायता समूह का हिस्सा बनीं। उन्होंने सोलर ड्रायर यूनिट को एक उद्यम के रूप में अपनाने का फैसला किया। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया गया और बागवानी विभाग ने सहायता की। सुषमा ने शुरू में एक सोलर ड्रायर यूनिट और अचार इकाई की स्थापना की। समय के साथ उन्होंने गिनती बढ़ाई, जिससे उन्हें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर बेचने के लिए पर्याप्त अचार और सोलर ड्रायर उत्पाद मिल रहे हैं।
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बागवानी विभाग स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को सोलर ड्रायर यूनिट प्रदान कर रहा है। सोलर ड्रायर एक सरल लेकिन उच्च प्रभाव वाली तकनीक है। इससे सूखी सब्जियों, फलों, साग, जड़ी-बूटियों को एक वर्ष से अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इनको सुखाने के साथ मूल उत्पाद के सभी पोषण गुण, रंग और स्वाद को बरकरार रखा जाता है। सब्जियों और फलों की बर्बादी को रोकने के उद्देश्य से सोलर ड्रायर यूनिट से इनको सुखाने की शुरुआत की है।
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स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को जोड़ा गया। मौजूदा समय में ब्लॉक चिनैनी, रामनगर और डुडु-बसंतगढ़ के स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर बागवानी विभाग की मदद से ये सोलर ड्रायर यूनिटों को स्थापित किया गया है। वर्तमान में उधमपुर सेल्फ हेल्प ग्रुप के 130 सदस्य सब्जियों, फलों जैसे विभिन्न उत्पादों को सोलर ड्रायर यूनिट से सुरक्षित रख रहे हैं। फलों के साथ लाल मिर्च, धनिया, टमाटर, मशरूम और अन्य सब्जियों को भी सुखा कर महिलाएं अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।
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लाभार्थी सुषमा रानी ने बताया कि वह अपने और अपने परिवार के भरण-पोषण को लेकर काफी चिंतित थीं। तब वह उम्मीद योजना के जरिए स्वयं सहायता समूह का हिस्सा बनीं। उन्होंने सोलर ड्रायर यूनिट को एक उद्यम के रूप में अपनाने का फैसला किया। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया गया और बागवानी विभाग ने सहायता की। सुषमा ने शुरू में एक सोलर ड्रायर यूनिट और अचार इकाई की स्थापना की। समय के साथ उन्होंने गिनती बढ़ाई, जिससे उन्हें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर बेचने के लिए पर्याप्त अचार और सोलर ड्रायर उत्पाद मिल रहे हैं।

उधमपुर में सोलर ड्रायर यूनिट में सुखाए जा रहे फल- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर में सोलर ड्रायर यूनिट में सुखाने के बाद बेचने के लिए पैक किए गए फल- फोटो : UDHAMPUR