{"_id":"61b3bc5459521713c55449cc","slug":"agitaion-udhampur-news-jmu2495848188","type":"story","status":"publish","title_hn":"किल वेस्ट सुई में जमा हजारों टन गंदगी से परेशान क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद की कार्ययोजना पर उठाए सवाल,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किल वेस्ट सुई में जमा हजारों टन गंदगी से परेशान क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद की कार्ययोजना पर उठाए सवाल,
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। शहर के साथ लगते सुई इलाके में बनाए गए किल वेस्ट प्लांट परिसर में जमा हजारों टन गंदगी से परेशान लोगों ने अब नगर परिषद की नई कार्ययोजना पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि बीते लगभग चार माह से किल वेस्ट प्लांट बंद पडा है। इसके बावजूद शहर से हर रोज निकलने वाला सैकड़ो टन कचरा यहां लाकर डाला जा रहा है। इसके कारण यहां हजारों टन गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं।
इससे आसपास रहने वाले लोगों का प्रदूषण व दुर्गंध के कारण जीना मुहाल हो गया है। प्राकृतिक जलाशयों का जल भी पूरी तरह से दूषित हो गया है, घरों के अंदर-बाहर भी हर समय कचरा उड़ता रहता है। लोगों का खाना बनाना व खाना तक मुश्किल हो गया है। इससे कई तरह की बीमारियां होने का डर पैदा हो गया है। जबकि नगर परिषद इस कचरे का निस्तारण करने के नाम पर अब इलाके में एक ओर नया प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी में हैं, लेकिन अगर वह भी पुराने की तरह ही बंद हो गया तब तो पूरा इलाका कचरे के बोझ तले दब कर रह जाएगा और लोगों को सांस लेने तक के लिए साफ हवा नहीं मिल पाएगी। इसलिए उनकी मांग है कि जब तक पुराने कचरे का निस्तारण नहीं किया जाता, वह नगर परिषद की किसी भी नई योजना को इलाके में सिरे नहीं चढ़ने देंगे।
वहीं इस मामले को लेकर शुक्रवार को इलाके के एक शिष्टमंडल ने सरपंच वीना कुमारी के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इलाके में जमा हुए कचरे को जल्द से जल्द हटाने की मांग उठाते हुए नगर परिषद की ओर से कचरा निस्तारण को लेकर बनाई गई योजना के बारें में जानकारी हासिल की। इसके साथ ही शिष्टमंडल के सदस्यों ने कहा कि जब तक पुराने कचरे को इलाके से पूरी तरह नहीं हटा दिया जाएगा, वह नया प्रोजेक्ट नहीं लगने देंगे।
विज्ञापन
------
इस पूरे मामले को लेकर लगातार काम कर रहे हैं, लगातार संबंधित इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा भी लिया जा रहा है। वर्तमान में हजारों टन कचरा जमा होने से पेश आ रही परेशानी को नगर परिषद भी भलीभांति समझ रहा है। इस समस्या के विकल्प के तौर पर 60 लाख का नया प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है। इसमें रोजाना जमा होने वाले कचरे का निस्तारण करने की क्षमता होगी। इसलिए सुई वासियों से नगर परिषद की अपील है कि इस प्रोजेक्ट के काम में रुकावट न डालें, क्योंकि बिना इसके वह कचरे की समस्या को दूर करने के लिए उनकी कोई सहायता नहीं कर पाएंगे।
-अमित चौधरी, सीईओ
विज्ञापन
इससे आसपास रहने वाले लोगों का प्रदूषण व दुर्गंध के कारण जीना मुहाल हो गया है। प्राकृतिक जलाशयों का जल भी पूरी तरह से दूषित हो गया है, घरों के अंदर-बाहर भी हर समय कचरा उड़ता रहता है। लोगों का खाना बनाना व खाना तक मुश्किल हो गया है। इससे कई तरह की बीमारियां होने का डर पैदा हो गया है। जबकि नगर परिषद इस कचरे का निस्तारण करने के नाम पर अब इलाके में एक ओर नया प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी में हैं, लेकिन अगर वह भी पुराने की तरह ही बंद हो गया तब तो पूरा इलाका कचरे के बोझ तले दब कर रह जाएगा और लोगों को सांस लेने तक के लिए साफ हवा नहीं मिल पाएगी। इसलिए उनकी मांग है कि जब तक पुराने कचरे का निस्तारण नहीं किया जाता, वह नगर परिषद की किसी भी नई योजना को इलाके में सिरे नहीं चढ़ने देंगे।
विज्ञापन
वहीं इस मामले को लेकर शुक्रवार को इलाके के एक शिष्टमंडल ने सरपंच वीना कुमारी के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इलाके में जमा हुए कचरे को जल्द से जल्द हटाने की मांग उठाते हुए नगर परिषद की ओर से कचरा निस्तारण को लेकर बनाई गई योजना के बारें में जानकारी हासिल की। इसके साथ ही शिष्टमंडल के सदस्यों ने कहा कि जब तक पुराने कचरे को इलाके से पूरी तरह नहीं हटा दिया जाएगा, वह नया प्रोजेक्ट नहीं लगने देंगे।
विज्ञापन
------
इस पूरे मामले को लेकर लगातार काम कर रहे हैं, लगातार संबंधित इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा भी लिया जा रहा है। वर्तमान में हजारों टन कचरा जमा होने से पेश आ रही परेशानी को नगर परिषद भी भलीभांति समझ रहा है। इस समस्या के विकल्प के तौर पर 60 लाख का नया प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है। इसमें रोजाना जमा होने वाले कचरे का निस्तारण करने की क्षमता होगी। इसलिए सुई वासियों से नगर परिषद की अपील है कि इस प्रोजेक्ट के काम में रुकावट न डालें, क्योंकि बिना इसके वह कचरे की समस्या को दूर करने के लिए उनकी कोई सहायता नहीं कर पाएंगे।
-अमित चौधरी, सीईओ