{"_id":"667600b1850bffefff0d13f4","slug":"accident-in-udhampur-udhampur-news-c-202-1-sjam1015-112196-2024-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: मंडी में तीन दिन में हुई 7359655 रुपये की कोकून बिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: मंडी में तीन दिन में हुई 7359655 रुपये की कोकून बिकी
विज्ञापन
-खरीददारी के लिए स्थानीयों के साथ बाहरी राज्यों से भी पहुंचे हैं कारोबारी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सेरीकल्चर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट उधमपुर की ओर से सेरीकल्चर कार्यालय में चल रही कोकून मंडी में तीसरे दिन शुक्रवार को कुल 182 पालकों ने 6968.250 किलोग्राम कोकून बेची, जिसकी कीमत 27,81,464 रुपये है। शुक्रवार को दर्ज की गई उच्चतम बोली 1500 रुपये और औसत दर 1197 रुपये रही। तीन दिन में अब तक कुल 18699.750 किलोग्राम कोकून बेची गई हैं और इससे कीट पालकों ने 7359655.25 रुपये की राशि अर्जित की है।
वहीं पिछले साल के मुकाबले इस बार बढ़िया दाम मिलने से कोकून उत्पादक काफी खुश हैं। उनका कहना है कि इस बार सरकार ने कोकून के औसत रेट 800 रुपए किलो निर्धारित कर बड़ी राहत दी है। पहले कई बार कोकून का मिनिमम रेट 480 तक मिलता था जिससे काफी निराशा होती थी, लेकिन अब 800 रुपए प्रति किलो रेट फिक्स होने से काफी राहत मिली है। वीरवार की मंडी का उच्चतम रेट 1600 रुपए गया था जबकि पहले 14 से 15 सौ तक ही जाता था। इस बार भी पहले दिन में कोकून का अधिकतम दाम 1450 रुपये प्रति किलो रहा था लेकिन दूसरे दिन इसमें उछाल आया और अब तीसरे दिन भी रेट बढि़या ही मिला है।
करीब 25 दिन तक चलने वाली इस मंडी में जिला के विभिन्न इलाकों के कीट पालक कोकून बेचेंगे। मंडी में कोकून खरीदने के लिए श्रीनगर के अलावा प्रदेश के बाहरी राज्यों में पश्चिम बंगाल और कर्नाटक से कई व्यापारी पहुंचे हैं।
विज्ञापन
बाहरी राज्यों से आए कारोबारियों का कहना है कि वह हर साल उधमपुर और जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में आयोजित होने वाली कोकून मंडियों में भाग लेते हैं। उधमपुर में कोकून का उत्पादन ज्यादा होता है और माल भी अधिक मिलता है जबकि उनके राज्यों में भी व्यापक स्तर पर कोकून उत्पादन होता है लेकिन वहां इससे जुडी इंडस्ट्रीज अधिक होने के कारण माल कम पड़ जाता है। इंडस्ट्रीज में माल की कमी को पूरा करने के लिए वह देश के अन्य राज्यों की तरह ही जम्मू कश्मीर में आयोजित होने वाली मंडियों में पहुंचकर कोकून की खरीददारी करते हैं। इस कोकून से रेशम का कपड़ा तैयार होता है जिससे कई तरह के परिधान बनाए जाते हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सेरीकल्चर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट उधमपुर की ओर से सेरीकल्चर कार्यालय में चल रही कोकून मंडी में तीसरे दिन शुक्रवार को कुल 182 पालकों ने 6968.250 किलोग्राम कोकून बेची, जिसकी कीमत 27,81,464 रुपये है। शुक्रवार को दर्ज की गई उच्चतम बोली 1500 रुपये और औसत दर 1197 रुपये रही। तीन दिन में अब तक कुल 18699.750 किलोग्राम कोकून बेची गई हैं और इससे कीट पालकों ने 7359655.25 रुपये की राशि अर्जित की है।
वहीं पिछले साल के मुकाबले इस बार बढ़िया दाम मिलने से कोकून उत्पादक काफी खुश हैं। उनका कहना है कि इस बार सरकार ने कोकून के औसत रेट 800 रुपए किलो निर्धारित कर बड़ी राहत दी है। पहले कई बार कोकून का मिनिमम रेट 480 तक मिलता था जिससे काफी निराशा होती थी, लेकिन अब 800 रुपए प्रति किलो रेट फिक्स होने से काफी राहत मिली है। वीरवार की मंडी का उच्चतम रेट 1600 रुपए गया था जबकि पहले 14 से 15 सौ तक ही जाता था। इस बार भी पहले दिन में कोकून का अधिकतम दाम 1450 रुपये प्रति किलो रहा था लेकिन दूसरे दिन इसमें उछाल आया और अब तीसरे दिन भी रेट बढि़या ही मिला है।
विज्ञापन
करीब 25 दिन तक चलने वाली इस मंडी में जिला के विभिन्न इलाकों के कीट पालक कोकून बेचेंगे। मंडी में कोकून खरीदने के लिए श्रीनगर के अलावा प्रदेश के बाहरी राज्यों में पश्चिम बंगाल और कर्नाटक से कई व्यापारी पहुंचे हैं।
विज्ञापन
बाहरी राज्यों से आए कारोबारियों का कहना है कि वह हर साल उधमपुर और जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में आयोजित होने वाली कोकून मंडियों में भाग लेते हैं। उधमपुर में कोकून का उत्पादन ज्यादा होता है और माल भी अधिक मिलता है जबकि उनके राज्यों में भी व्यापक स्तर पर कोकून उत्पादन होता है लेकिन वहां इससे जुडी इंडस्ट्रीज अधिक होने के कारण माल कम पड़ जाता है। इंडस्ट्रीज में माल की कमी को पूरा करने के लिए वह देश के अन्य राज्यों की तरह ही जम्मू कश्मीर में आयोजित होने वाली मंडियों में पहुंचकर कोकून की खरीददारी करते हैं। इस कोकून से रेशम का कपड़ा तैयार होता है जिससे कई तरह के परिधान बनाए जाते हैं।