त्योहारों का रंग फीका कर सकता है केरोसिन

Udhampur Updated Tue, 22 Oct 2013 05:42 AM IST
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उधमपुर। जिले के दूरदराज ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों ग्रामीणों के लिए केरोसिन बड़ी जरूरतों में से एक है। ग्रामीणों तक केरोसिन पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार ने सीएपीडी व को-आपरेटिव सोसाइटी को दी है। इनकी तरफ से खोले गए 246 केरोसिन के डिपो ग्रामीणों के लिए पर्याप्त नहीं है। पिछले कुछ दिनों से त्योहारों के मौसम में जरूरत के अनुसार केरोसिन की सप्लाई न मिलने के कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दीपावली से पहले केरोसिन की सप्लाई नहीं मिली, तो अपने घरों को दीपक की रोशनी से जगमग करने में काफी परेशान होंगे।
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जिला उधमपुर की आबादी करीब छह लाख है। जिले की आधी से ज्यादा आबादी दूरदराज ग्रामीण इलाकों में रहती है। इनकी दिनचर्या में ईंधन के लिए केरोसिन सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि केरोसिन मिलने के बाद ही इनके घरों के चूल्हे जलते हैं। पहले यह ग्रामीण जंगलों से लकड़ियां काट कर गुजारा कर लेते थे, लेकिन वन विभाग की सख्ती के चलते इनके लिए यह काफी मुश्किल हो चुका है। इन ग्रामीणों तक सस्ती केरोसिन की सप्लाई पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार ने सीएपीडी व डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव को सौंपी है, जो कि वर्षों से यह कार्य कर रहे हैं, लेकिन करोसिन डिपो की संख्या कम होने के कारण ग्रामीणों को केरोसिन लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नवरात्र से त्योहारों का मौसम शुरू होने के बाद इन डिपो में जरूरत के अनुसार केरोसिन की सप्लाई नहीं पहुंचाई जा रही है।
इसके कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। दीपावली से पहले केरोसिन न मिलने से इसकी परेशानी दोगुनी हो जाएगी। जिले के शहर व दूर दराज ग्रामीण इलाकों में सीएपीडी के कुल 154 केरोसिन के डिपो चल रहे हैं, जबकि को-आपरेटिव सोसाइटी के 92 केरोसिन के डिपो चल रहे हैं। जिले की आबादी के हिसाब से डिपो की संख्या काफी है और इसी कारण ग्रामीणों को करोसिन हासिल करने के लिए हर बार काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी त्योहारों के मौसम व बर्फबारी के दौरान होती है, क्योंकि त्योहारों के दावतों के लिए सामग्री बनाने के लिए केरोसिन की सख्त जरूरत पड़ती है। वहीं बर्फ पड़ने के बाद ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है और ग्रामीण पूरी तरह से केरोसिन पर ही निर्भर होते हैं। ग्रामीण कई बार डिपो की संख्या बढ़ाने की मांग को सीएपीडी के अधिकारियों के सामने रख चुके हैं।
सीएपीडी के एडी रमेश चंद्र भगत ने कहा कि विभाग को एलाटमेंट देरी से मिलने के कारण ही केरोसिन की सप्लाई समय नहीं पहुंचाई गई है। दीपावली से पहले ग्रामीणों तक केरोसिन की सप्लाई पहुंचने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। वहीं अगर कोई अपने इलाके में करोसिन का डिपो खोलना चाहता है तो वह उनके साथ संपर्क कर सकता है।
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