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कश्मीर विवि दीक्षांत: उपराष्ट्रपति ने स्वदेशी समाधान अपनाने पर दिया जोर, कहा- औपनिवेशिक सोच से मुक्ति जरूरी
Thu, 26 Feb 2026 03:00 PM IST
राहुल तिवारी
पीटीआई, श्रीनगर
पीटीआई, श्रीनगर
Published by: राहुल तिवारी
Updated Thu, 26 Feb 2026 03:00 PM IST
सार
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों से औपनिवेशिक मानसिकता छोड़कर स्वदेशी नवाचार और भारतीय ज्ञान, संसाधनों व जरूरतों पर आधारित समाधान पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने चिंतित या हीन होने की जरूरत न होने की बात कही।
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कश्मीर विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में शामिल हुए उपराष्ट्रपति
- फोटो : PTI
विस्तार
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को कश्मीर विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में कहा कि देश को नवाचार में वैश्विक नेता बनने के लिए अपनी औपनिवेशिक मानसिकता छोड़नी होगी। उन्होंने छात्रों से स्वदेशी नवाचार और भारतीय संसाधनों पर आधारित समाधान अपनाने का आग्रह किया।
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उपराष्ट्रपति ने कि एक स्नातक छात्र के रूप में मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि स्वदेशी नवाचार और भारतीय ज्ञान, संसाधनों व जरूरतों पर आधारित समाधान पर ध्यान दें। हमें चिंतित होने की जरूरत नहीं है, हमें हीन भावना नहीं रखनी चाहिए। सबसे पहले हमें अपनी औपनिवेशिक मानसिकता को बाहर फेंकना होगा।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को पहले से कहीं अधिक जीवंत और सहयोगी बनाया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेरी शुभकामनाएं हैं कि आप अगला बड़ा नवाचार, सतत विकास का अगला तरीका और भारत को वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने वाला अगला अध्याय लिखें। कोविड 19 महामारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सभी वैज्ञानिकों से महामारी के लिए टीका विकसित करने का आह्वान किया था।
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उन्होंने कहा कि हममें से कितनों ने उस पर विश्वास किया था। लेकिन हमने बेहतरीन वैक्सीन तैयार की और उसने पूरी मानवता के लिए बहुत अच्छा काम किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यही टीका अत्यधिक विकसित पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में भी शोध और विकसित किया गया, लेकिन वे इसे पेटेंट कराने और ऊंची कीमत पर बेचने की होड़ में लगे थे।
उन्होंने कहा कि भारतीय नवाचारों को पश्चिमी दुनिया में भी व्यापक स्वीकार्यता मिली है। पूरी दुनिया अब आपके लिए खुली है। यह आपकी पहल, रुचि, उत्साह और कड़ी मेहनत है जो आपको दुनिया के शीर्ष पर पहुंचाएगी।
राधाकृष्णन ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने 1600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के विकास और विस्तार को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन विस्तार की बात कही है, लेकिन इसे हमारे महान राज्य के पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित किए बिना आगे बढ़ाया जाना चाहिए। चिनाब नदी पर बना चिनाब रेल पुल एक अद्भुत उपलब्धि है, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है।
उपराष्ट्रपति ने युवाओं को सोशल मीडिया के उपयोग में संयम बरतने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस पर नियंत्रण जरूरी है। सोशल मीडिया आपको जीवन में अधिक सफल बनाने में मदद नहीं करेगा। हर चीज की अपनी सीमा होनी चाहिए।