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घाटी में आतंकी घटनाओं में आई गिरावट, 2020 शांतिपूर्वक वर्ष रहा : बीएस राजू
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श्रीनगर। घाटी में सेना की कमान संभालने वाले चिनार कोर (15 कोर) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा है कि कश्मीर में वर्ष 2020 शांतिपूर्वक वर्षों में से एक रहा है। हिंसा के सभी मापदंडों में भारी गिरावट देखने को मिली है। यह कोरोना महामारी की वजह से नहीं है, बल्कि लोगों की इच्छाशक्ति का परिणाम है। लोग नहीं चाहते हैं कि हिंसा का दुष्चक्र जारी रहे। वर्ष 2021 से भी अच्छी उम्मीदें हैं।
अगले कुछ दिनों में डीजीएम का कार्यभार संभालने जा रहे राजू ने पत्रकारों से कहा कि वर्ष 2020 सबसे शांतिपूर्ण वर्षों में से एक रहा है। घाटी में स्थिति काफी सामान्य बनी हुई है। हिंसा के सभी मापदंडों पत्थरबाजी, प्रदर्शन या बंद सभी में कमी देखने को मिली है। घाटी में छिटपुट आतंकी घटनाओं को स्वीकारते हुए कहा कि कुछ ऐसे शरारती तत्व हैं जो यहां शांति बहाली नहीं देखना चाहते हैं इसलिए वह हिंसा को बढ़ावा देते हैं। 17 फरवरी को श्रीनगर के दुर्गानाग इलाके में कृष्णा ढाबे के मालिक आकाश मेहरा पर आतंकी हमले पर कहा कि इस हमले का मकसद केवल उस दिन घाटी पहुंचे यूरोपीय देशों के राजनायिकों के प्रतिनिधिमंडल को यह संदेश देना था कि यहां स्थिति शांतिपूर्वक नहीं है, कुछ भी सामान्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ स्तर पर सीजफायर समझौते पर कहा कि यह दोनों देशों के बीच एक बेहतर प्रयास है, लेकिन असली जिम्मेदारी इसे सफल बनाने की है। पाकिस्तान के लगातार सीजफायर उल्लंघन से सीमावर्ती लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। उम्मीद है कि अब लोगों को राहत मिलेगी।
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मैगनेट वाली स्टिकी बम की बरामदगी चिंता का विषय
सांबा में स्टिकी बम की बरामदगी पर कहा कि कश्मीर में अभी तक ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ है, लेकिन जम्मू में इसकी बरामदगी की रिपोर्ट जरूर हमारे लिए चिंता का विषय है और एक चुनौती भी। इससे निपटने के लिए उपाए किए जाएंगे। 14 फरवरी को सांबा सेक्टर में बीएसएफ ने आईबी पर ड्रॉप किया गया हथियारों का जखीरा पकड़ा था। इसमें इनबिल्ट मैगनेट वाली 14 आईईडी (स्टिकी बॉम्ब) बरामद हुई थी। सूत्रों के अनुसार ऐसी आईईडी कश्मीर भी भेजी जा चुकी हैं। ऐसी तकनीक अफगानिस्तान और इराक में इस्तेमाल की जाती रही है।
नए आतंकी संगठनों से फर्क नहीं, आतंकी तो आतंकी ही है
जीओसी ने कहा कि सेना ने पिछले साल उत्तरी कश्मीर से अपने जवानों की संख्या में कुछ कमी की है और यह ऐसी प्रक्रिया है जो समय समय पर चलती रहती है। नए-नए आतंकी संगठनों के सामने आने पर कहा कि उनके लिए एक आतंकी एक आतंकी ही है, चाहे वह किसी भी संगठन का क्यों न हो। आतंकवाद में स्थानीय युवाओं की भर्ती रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है। एलओसी पर आतंकियों द्वारा घुसपैठ की कोशिश भी एक चुनौती है, लेकिन हम उससे निपटने के लिए तैयार हैं। हम चाहेंगे कि एलओसी के करीब स्थिति नियंत्रण में और शांत रहे।
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अगले कुछ दिनों में डीजीएम का कार्यभार संभालने जा रहे राजू ने पत्रकारों से कहा कि वर्ष 2020 सबसे शांतिपूर्ण वर्षों में से एक रहा है। घाटी में स्थिति काफी सामान्य बनी हुई है। हिंसा के सभी मापदंडों पत्थरबाजी, प्रदर्शन या बंद सभी में कमी देखने को मिली है। घाटी में छिटपुट आतंकी घटनाओं को स्वीकारते हुए कहा कि कुछ ऐसे शरारती तत्व हैं जो यहां शांति बहाली नहीं देखना चाहते हैं इसलिए वह हिंसा को बढ़ावा देते हैं। 17 फरवरी को श्रीनगर के दुर्गानाग इलाके में कृष्णा ढाबे के मालिक आकाश मेहरा पर आतंकी हमले पर कहा कि इस हमले का मकसद केवल उस दिन घाटी पहुंचे यूरोपीय देशों के राजनायिकों के प्रतिनिधिमंडल को यह संदेश देना था कि यहां स्थिति शांतिपूर्वक नहीं है, कुछ भी सामान्य नहीं है।
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उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ स्तर पर सीजफायर समझौते पर कहा कि यह दोनों देशों के बीच एक बेहतर प्रयास है, लेकिन असली जिम्मेदारी इसे सफल बनाने की है। पाकिस्तान के लगातार सीजफायर उल्लंघन से सीमावर्ती लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। उम्मीद है कि अब लोगों को राहत मिलेगी।
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मैगनेट वाली स्टिकी बम की बरामदगी चिंता का विषय
सांबा में स्टिकी बम की बरामदगी पर कहा कि कश्मीर में अभी तक ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ है, लेकिन जम्मू में इसकी बरामदगी की रिपोर्ट जरूर हमारे लिए चिंता का विषय है और एक चुनौती भी। इससे निपटने के लिए उपाए किए जाएंगे। 14 फरवरी को सांबा सेक्टर में बीएसएफ ने आईबी पर ड्रॉप किया गया हथियारों का जखीरा पकड़ा था। इसमें इनबिल्ट मैगनेट वाली 14 आईईडी (स्टिकी बॉम्ब) बरामद हुई थी। सूत्रों के अनुसार ऐसी आईईडी कश्मीर भी भेजी जा चुकी हैं। ऐसी तकनीक अफगानिस्तान और इराक में इस्तेमाल की जाती रही है।
नए आतंकी संगठनों से फर्क नहीं, आतंकी तो आतंकी ही है
जीओसी ने कहा कि सेना ने पिछले साल उत्तरी कश्मीर से अपने जवानों की संख्या में कुछ कमी की है और यह ऐसी प्रक्रिया है जो समय समय पर चलती रहती है। नए-नए आतंकी संगठनों के सामने आने पर कहा कि उनके लिए एक आतंकी एक आतंकी ही है, चाहे वह किसी भी संगठन का क्यों न हो। आतंकवाद में स्थानीय युवाओं की भर्ती रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है। एलओसी पर आतंकियों द्वारा घुसपैठ की कोशिश भी एक चुनौती है, लेकिन हम उससे निपटने के लिए तैयार हैं। हम चाहेंगे कि एलओसी के करीब स्थिति नियंत्रण में और शांत रहे।