जम्मू-कश्मीर में आतंकी: श्रीनगर में पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी सुरक्षाबलों के लिए नई चुनौती
श्रीनगर में पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी सुरक्षाबलों के लिए नई चुनौती। दक्षिण से उत्तरी कश्मीर या फिर उत्तरी कश्मीर से दक्षिण कश्मीर मूवमेंट करने वाले आतंकी इसका इस्तेमाल करते थे।
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ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में पिछले कु छ समय से पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी ने एक बार फिर से सुरक्षाबलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हाल ही में हुई मुठभेड़ की घटनाओं से साफ है कि अब पाकिस्तानी आतंकी श्रीनगर का भी रुख कर रहे हैं। ऐसे में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इन पाकिस्तानी आतंकियों के खात्मे के लिए एक विशेष कार्यप्रणाली (मोडस ऑपरेंडी) तैयार की है आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक श्रीनगर जो 2020 की शुरुआत तक बड़े पैमाने पर आतंकवाद से मुक्त था।
इस साल कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के केंद्र के रूप में उभरा है। आंकड़ों के अनुसार श्रीनगर में मई से दिसंबर 2020 तक 9 मुठभेड़ों में 20 आतंकी मारे गए, लेकिन वर्ष 2021 में जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में शहर और उसके आसपास लगभग 21 मुठभेड़ और गोलीबारी की घटनाएं हुईं, जिसमें अब तक 7 पुलिसकर्मियों, 15 आतंकवादियों और 13 नागरिकों सहित 35 लोग मारे गए। सूत्रों के मुताबिक श्रीनगर अक्सर एक ट्रांजिट रूट की तरह रहता था।
दक्षिण से उत्तरी कश्मीर या फिर उत्तरी कश्मीर से दक्षिण कश्मीर मूवमेंट करने वाले आतंकी इसका इस्तेमाल करते थे। या फिर कभी आतंकी इलाज या किसी और काम के लिए श्रीनगर आया करते थे, लेकिन इस वर्ष माना जा रहा है कि पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ करने में कुछ हद तक कामयाब हुए हैं और श्रीनगर में हाल ही में हुईं कुछ मुठभेड़ इस बात की पुष्टि करती हैं कि श्रीनगर में आतंकियों की मौजूदगी है जोकि एक चिंता का विषय है। आईजीपी कश्मीर रेंज विजय कुमार भी कह चुके हैं कि पिछले करीब एक महीने में श्रीनगर में 3 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया है।
मानवीय और तकनीकी तंत्र सक्रिय किया
इस बीच पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इन पाकिस्तानी आतंकियों के खात्मे के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक विशेष रणनीति तैयार की है। पुलिस ने मानवीय और तकनीकी तंत्र (टेक्निकल इंट) को बड़े पैमाने पर सक्रिय कर दिया है और साथ ही ओजीडब्ल्यू नेटवर्क पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। यही कारण है कि हाल ही में श्रीनगर में बड़ी कामयाबियां भी हाथ लगी हैं। अधिकारी ने बताया कि लोग भी काफी सहयोग दे रहे हैं।
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घुसपैठ की हो रहीं कोशिशें
पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ को लेकर हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान की ओर से लगातार कोशिशें की जा रही हैं। पिछले कुछ महीने में राजोरी और पुंछ सेक्टर को सक्रिय करने की कोशिश की गई। बांदीपोरा, कुपवाड़ा और बारामुला के अलावा हाल में एलओसी के करीब कुछ जगहों से घुसपैठ की कोशिशें हुई हैं जिसमें पाकिस्तान की ओर से कुछ आतंकी घुसपैठ करने में सफल हुए हैं। उनके ऊपर लगातार पुलिस नजर बनाए हुए हैं।
घाटी में 199 आतंकी सक्रिय, 90 पाकिस्तानी
इस बीच अगर इस वर्ष के कश्मीर घाटी के आंकड़ों पर नजर डालें तो अभी तक 150 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया है, जिनमें से 24 के करीब पाकिस्तानी आतंकी हैं। इस बीच प्राप्त आंकड़ों के अनुसार घाटी में करीब 199 आतंकी सक्रिय हैं जिनमें 90 के करीब पाकिस्तानी हैं। इस साल स्थानीय युवाओं की बात करें, जो आतंकी बने हैं तो वो आंकड़ा अब तक वर्ष 2020 के 178 के मुकाबले कुल 97 है जो यह दर्शाता है कि इस वर्ष कम युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता अपनाया है।