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पुलिसकर्मियों को बिना हथियार मूवमेंट की मनाही
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श्रीनगर। श्रीनगर के बागात इलाके में सदर थाने के पास पुलिस कर्मियों पर हुए आतंकी हमले की जांच पुलिस ने तेज कर दी है। हमले के बाद कश्मीर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने पुलिस कर्मियों को बिना हथियार मूवमेंट न करने की हिदायत दी है। हमलावरों की तलाश के लिए पुलिस परंपरागत तरीकों के अलावा अत्याधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रही है। बता दें, शुक्रवार सुबह हुए इस आतंकी हमले में दो पुलिस कर्मी उस समय शहीद हो गए थे जब वह एक चाय की दुकान पर बिना हथियारों के खड़े थे।
सूत्रों के अनुसार हमले की जांच के लिए एक उच्च पुलिस अधिकारी की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया है जो हमले से पहले और उसके बाद की हर छोटी से छोटी जानकारी जुटाने के लिए ह्यूमन इंट (स्थानीय स्त्रोंतो से जानकारी लेना) का सहारा ले रही हैं। इसके अलावा जिस दिशा में आतंकी फरार हुए थे, वहां से भी हर सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। घटनास्थल के आस के इलाकों में सर्विलांस तेज कर कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। घटनास्थल के आसपास का मोबाइल नेटवर्क भी खंगाला जा रहा है ताकि कोई ऐसी कॉल रिकॉर्ड या टावर लोकेशन का पता लग सके जो जांच में अहम भूमिका निभा सके। हमले के बाद से श्रीनगर शहर में सुरक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। जवानों को भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर
हमले के बाद आईजी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में बैठक में श्रीनगर शहर में महत्वपूर्ण व्यक्तियों और सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में आईजी सीआरपीएफ श्रीनगर सेक्टर चारू सिन्हा, डीआईजी सीएकेआर पुलिस अमित कुमार, डीआजी सीआरपीएफ नार्थ और साउथ, डीआईजी एसएसबी और अन्य आला अधिकारी शामिल थे। बैठक में आतंकी हमलों का मुकाबला करने के लिए सुरक्षा उपायों पर मंथन किया गया। विशेष रूप से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए विस्तृत सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
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सभी एजेंसियों में तालमेल बढ़ाने पर जोर
आईजीपी ने श्रीनगर शहर में आतंकवादियों के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए सामान्य सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने चेकपॉइंट, नाकों, फ्लैश नाके, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अचानक कासो, ऐसी घटना के तुरंत बाद एग्जिट पॉइंट्स पर कट ऑफ पॉइंट रखना, ड्रोन चेकिंग और क्विक रिएक्शन टीमों के मौके पर पहुंचने के महत्व पर प्रकाश डाला।
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सूत्रों के अनुसार हमले की जांच के लिए एक उच्च पुलिस अधिकारी की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया है जो हमले से पहले और उसके बाद की हर छोटी से छोटी जानकारी जुटाने के लिए ह्यूमन इंट (स्थानीय स्त्रोंतो से जानकारी लेना) का सहारा ले रही हैं। इसके अलावा जिस दिशा में आतंकी फरार हुए थे, वहां से भी हर सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। घटनास्थल के आस के इलाकों में सर्विलांस तेज कर कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। घटनास्थल के आसपास का मोबाइल नेटवर्क भी खंगाला जा रहा है ताकि कोई ऐसी कॉल रिकॉर्ड या टावर लोकेशन का पता लग सके जो जांच में अहम भूमिका निभा सके। हमले के बाद से श्रीनगर शहर में सुरक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। जवानों को भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर
हमले के बाद आईजी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में बैठक में श्रीनगर शहर में महत्वपूर्ण व्यक्तियों और सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में आईजी सीआरपीएफ श्रीनगर सेक्टर चारू सिन्हा, डीआईजी सीएकेआर पुलिस अमित कुमार, डीआजी सीआरपीएफ नार्थ और साउथ, डीआईजी एसएसबी और अन्य आला अधिकारी शामिल थे। बैठक में आतंकी हमलों का मुकाबला करने के लिए सुरक्षा उपायों पर मंथन किया गया। विशेष रूप से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए विस्तृत सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
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सभी एजेंसियों में तालमेल बढ़ाने पर जोर
आईजीपी ने श्रीनगर शहर में आतंकवादियों के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए सामान्य सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने चेकपॉइंट, नाकों, फ्लैश नाके, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अचानक कासो, ऐसी घटना के तुरंत बाद एग्जिट पॉइंट्स पर कट ऑफ पॉइंट रखना, ड्रोन चेकिंग और क्विक रिएक्शन टीमों के मौके पर पहुंचने के महत्व पर प्रकाश डाला।