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Srinagar News: घाटी में तीसरे दिन भी बारिश, गुरेज-तुलेल में बादल फटने से भारी नुकसान
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बांदीपोरा के गुरेज में बादल फटने से हुआ नुकसान। वीडियो ग्रैब
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- घरों और दुकानों में भरा पानी, सुकनाग नाले का पानी उफान पर, बीरवाह डायवर्जन पर यातायात रोका
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। घाटी में तीसरे दिन मंगलवार को भी बारिश के बाद शहरी इलाकों में लोगों को जलभराव से जूझना पड़ा। गुरेज-तुलेल में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बडगाम के सुकनाग नाले का पानी उफान पर है जिससे बीरवाह डायवर्जन पर यातायात रोकना पड़ा है। बारिश ने घाटी को गर्मी से तो राहत दिलाई लेकिन जलभराव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है और एडवाइजरी जारी की है।
मंगलवार को श्रीनगर में सुबह हल्की तो दोपहर में तेज बारिश शुरू हुई जो शाम तक चलती रही। बारिश के बाद शहर की सड़कों के अलावा निचले क्षेत्रों की गलियों और घरों में भी पानी भर गया। गुनी खान सहित बाजारों की कई दुकानों में भी पानी घुस गया जिससे काफी नुकसान हुआ है।
बांदीपोरा की गुरेज घाटी में चार जगहों पर बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। डीसी इंदु कंवल चिब ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। डीसी के अनुसार एक बादल फटने की घटना चोरवान में और तीन घटनाएं तुलैल में हुईं। कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा, बीएसएनएल के टावर प्रभावित हुए। सड़क संपर्क बाधित हुआ, बादल फटने से भूस्खलन और अचानक बाढ़ भी आई, जिससे दो सड़कें बंद हो गईं। इनमें से एक सड़क को बहाल कर दिया गया है, जबकि दूसरी पर काम जारी है।
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डीसी ने बताया कि बीआरओ, पीएमजीएसवाई, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग और अन्य एजेंसियां राहत और बहाली का काम कर रही हैं। नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने किशनगंगा नदी क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू कर दिया है। इसके तहत नदी के किनारे खतरनाक जगहों पर लगे टेंट हटा दिए गए हैं मौसम विभाग द्वारा अलर्ट जारी होते ही पर्यटकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
डीसी ने पर्यटकों से अपील की कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें। टूर ऑपरेटरों, कैंप मालिकों और पर्यटकों को सलाह दी गई कि खराब मौसम के दौरान एडवांस बुकिंग से बचें, क्योंकि जरूरत पड़ने पर पर्यटन स्थलों को खाली कराया जाएगा। डीसी ने कहा कि प्रशासन पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मौसम सामान्य होने तक लोगों से खतरनाक इलाकों से दूर रहने और अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की गई है।
वहीं बडगाम के में भारी बारिश की वजह से सुकनाग नाले का पानी उफान पर है, जिससे बडगाम में बीरवाह डायवर्जन पानी में डूब गया है। अधिकारियों के अनुसार बडगाम के बीरवाह में सुखनाग नाला 2014 की बाढ़ के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बह रहा है और पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी का बढ़ता स्तर अरवाह, वारीहामा, अरिपंथन, मखामा और कनिहामा जैसे निचले इलाकों को प्रभावित कर सकता है और अंत में नरबल तक पहुंच सकता है। नाले के किनारे रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें और स्थिति पर नजर रखें। वहीं बीरवाह डायवर्जन पर ट्रैफिक की आवाजाही रोक दी गई है।
करनाह प्रशासन ने भूस्खलन के बाद बहाल की कोना-गाबरा सड़क
कुपवाड़ा। सब डिविजन प्रशासन करनाह ने भारी बारिश के कारण रात भर में कोना-गाबरा क्षेत्र में हुए भूस्खलन पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और प्रभावित सड़क को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू किया। भारी बारिश के चलते कोना-गाबरा-चिरकुंजी सड़क के कई जगहों पर मलबा जमा होने के चलते आवाजाही बाधित हो गई थी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत मशीनरी तैनात की और मलबा हटाकर सड़क को साफ करने का काम शुरू किया। एसडीएम ने पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी), जल शक्ति, पीडीडी, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित स्थानों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने स्थानीय लोगों से बातचीत भी की। लोगों ने प्रशासन को उन संवेदनशील स्थानों के बारे में बताया जहां जमा मलबे को हटाना जरूरी है ताकि पानी भरने और संभावित बाढ़ का खतरा कम हो सके। राजस्व और कृषि विभाग की टीमों ने खराब मौसम से हुई किसी भी क्षति का आकलन करने के लिए क्षेत्र का दौरा भी किया। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, गैर-जरूरी यात्रा से बचें और मौसम खराब रहने तक नालों और नदियों के पास न जाएं। प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर फील्ड कर्मचारियों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारी और मशीनरी पहले से तैयार रखे गए हैं। संवाद
सबसे ज्यादा बारिश कटड़ा में 245.6 मिमी दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिन में सबसे ज्यादा बारिश कटड़ा में 245.6 मिमी, पुंछ में 204.5 मिमी, राजोरी में 186.2 मिमी, रियासी में 184.5 मिमी, उधमपुर में 155.2 मिमी दर्ज की गई है। वहीं पिछले 24 घंटे में (सुबह 8:30 बजे तक) कश्मीर संभाग के पुलवामा जिले के अवंतिपोरा में सबसे ज्यादा 33.0 मिमी बारिश हुई है।
इसके अलावा श्रीनगर में 9.1 मिमी, काजीगुंड में 12.4 मिमी, पहलगाम में 4.8 मिमी, कुपवाड़ा में 4.8 मिमी, कोकरनाग में 9.2 मिमी, गुलमर्ग में 29.4 मिमी, पांपोर में 25.5 मिमी, पुलवामा में 7.3 मिमी, बडगाम में 12.0 मिमी, गांदरबल में 21.5 मिमी, सोनमर्ग में 15.5 मिमी, बारामुला में 15.0 मिमी, शोपियां में 8.0 मिमी, संगम में 16.0 मिमी, अशम में 5.5 मिमी, बैटकूट में 6.5 मिमी, बाबापोरा में 10.0 मिमी, टंगमर्ग में 10.2 मिमी, सोपोर में 11.0 मिमी, नौगाम हंदवाड़ा में 10.4 मिमी, लोलाब में 8.4 मिमी और बुम्हामा कुपवाड़ा में 8.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
जम्मू संभाग में मंगलवार को सबसे अधिक बारिश कटड़ा में 107.1 मिमी दर्ज की गई। पुंछ में 61.5 मिमी, राजोरी में 49.0 मिमी, रियासी में 54.5 मिमी, जम्मू में 35.0 मिमी, बनिहाल में 3.3 मिमी, बटोत में 2.1 मिमी, कठुआ में 17.5 मिमी, उधमपुर में 28.2 मिमी, रामबन में 5.0 मिमी, किश्तवाड़ में 13.0 मिमी, सांबा में 34.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। घाटी में तीसरे दिन मंगलवार को भी बारिश के बाद शहरी इलाकों में लोगों को जलभराव से जूझना पड़ा। गुरेज-तुलेल में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बडगाम के सुकनाग नाले का पानी उफान पर है जिससे बीरवाह डायवर्जन पर यातायात रोकना पड़ा है। बारिश ने घाटी को गर्मी से तो राहत दिलाई लेकिन जलभराव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है और एडवाइजरी जारी की है।
मंगलवार को श्रीनगर में सुबह हल्की तो दोपहर में तेज बारिश शुरू हुई जो शाम तक चलती रही। बारिश के बाद शहर की सड़कों के अलावा निचले क्षेत्रों की गलियों और घरों में भी पानी भर गया। गुनी खान सहित बाजारों की कई दुकानों में भी पानी घुस गया जिससे काफी नुकसान हुआ है।
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बांदीपोरा की गुरेज घाटी में चार जगहों पर बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। डीसी इंदु कंवल चिब ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। डीसी के अनुसार एक बादल फटने की घटना चोरवान में और तीन घटनाएं तुलैल में हुईं। कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा, बीएसएनएल के टावर प्रभावित हुए। सड़क संपर्क बाधित हुआ, बादल फटने से भूस्खलन और अचानक बाढ़ भी आई, जिससे दो सड़कें बंद हो गईं। इनमें से एक सड़क को बहाल कर दिया गया है, जबकि दूसरी पर काम जारी है।
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डीसी ने बताया कि बीआरओ, पीएमजीएसवाई, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग और अन्य एजेंसियां राहत और बहाली का काम कर रही हैं। नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने किशनगंगा नदी क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू कर दिया है। इसके तहत नदी के किनारे खतरनाक जगहों पर लगे टेंट हटा दिए गए हैं मौसम विभाग द्वारा अलर्ट जारी होते ही पर्यटकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
डीसी ने पर्यटकों से अपील की कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें। टूर ऑपरेटरों, कैंप मालिकों और पर्यटकों को सलाह दी गई कि खराब मौसम के दौरान एडवांस बुकिंग से बचें, क्योंकि जरूरत पड़ने पर पर्यटन स्थलों को खाली कराया जाएगा। डीसी ने कहा कि प्रशासन पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मौसम सामान्य होने तक लोगों से खतरनाक इलाकों से दूर रहने और अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की गई है।
वहीं बडगाम के में भारी बारिश की वजह से सुकनाग नाले का पानी उफान पर है, जिससे बडगाम में बीरवाह डायवर्जन पानी में डूब गया है। अधिकारियों के अनुसार बडगाम के बीरवाह में सुखनाग नाला 2014 की बाढ़ के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बह रहा है और पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी का बढ़ता स्तर अरवाह, वारीहामा, अरिपंथन, मखामा और कनिहामा जैसे निचले इलाकों को प्रभावित कर सकता है और अंत में नरबल तक पहुंच सकता है। नाले के किनारे रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें और स्थिति पर नजर रखें। वहीं बीरवाह डायवर्जन पर ट्रैफिक की आवाजाही रोक दी गई है।
करनाह प्रशासन ने भूस्खलन के बाद बहाल की कोना-गाबरा सड़क
कुपवाड़ा। सब डिविजन प्रशासन करनाह ने भारी बारिश के कारण रात भर में कोना-गाबरा क्षेत्र में हुए भूस्खलन पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और प्रभावित सड़क को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू किया। भारी बारिश के चलते कोना-गाबरा-चिरकुंजी सड़क के कई जगहों पर मलबा जमा होने के चलते आवाजाही बाधित हो गई थी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत मशीनरी तैनात की और मलबा हटाकर सड़क को साफ करने का काम शुरू किया। एसडीएम ने पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी), जल शक्ति, पीडीडी, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित स्थानों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने स्थानीय लोगों से बातचीत भी की। लोगों ने प्रशासन को उन संवेदनशील स्थानों के बारे में बताया जहां जमा मलबे को हटाना जरूरी है ताकि पानी भरने और संभावित बाढ़ का खतरा कम हो सके। राजस्व और कृषि विभाग की टीमों ने खराब मौसम से हुई किसी भी क्षति का आकलन करने के लिए क्षेत्र का दौरा भी किया। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, गैर-जरूरी यात्रा से बचें और मौसम खराब रहने तक नालों और नदियों के पास न जाएं। प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर फील्ड कर्मचारियों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारी और मशीनरी पहले से तैयार रखे गए हैं। संवाद
सबसे ज्यादा बारिश कटड़ा में 245.6 मिमी दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिन में सबसे ज्यादा बारिश कटड़ा में 245.6 मिमी, पुंछ में 204.5 मिमी, राजोरी में 186.2 मिमी, रियासी में 184.5 मिमी, उधमपुर में 155.2 मिमी दर्ज की गई है। वहीं पिछले 24 घंटे में (सुबह 8:30 बजे तक) कश्मीर संभाग के पुलवामा जिले के अवंतिपोरा में सबसे ज्यादा 33.0 मिमी बारिश हुई है।
इसके अलावा श्रीनगर में 9.1 मिमी, काजीगुंड में 12.4 मिमी, पहलगाम में 4.8 मिमी, कुपवाड़ा में 4.8 मिमी, कोकरनाग में 9.2 मिमी, गुलमर्ग में 29.4 मिमी, पांपोर में 25.5 मिमी, पुलवामा में 7.3 मिमी, बडगाम में 12.0 मिमी, गांदरबल में 21.5 मिमी, सोनमर्ग में 15.5 मिमी, बारामुला में 15.0 मिमी, शोपियां में 8.0 मिमी, संगम में 16.0 मिमी, अशम में 5.5 मिमी, बैटकूट में 6.5 मिमी, बाबापोरा में 10.0 मिमी, टंगमर्ग में 10.2 मिमी, सोपोर में 11.0 मिमी, नौगाम हंदवाड़ा में 10.4 मिमी, लोलाब में 8.4 मिमी और बुम्हामा कुपवाड़ा में 8.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
जम्मू संभाग में मंगलवार को सबसे अधिक बारिश कटड़ा में 107.1 मिमी दर्ज की गई। पुंछ में 61.5 मिमी, राजोरी में 49.0 मिमी, रियासी में 54.5 मिमी, जम्मू में 35.0 मिमी, बनिहाल में 3.3 मिमी, बटोत में 2.1 मिमी, कठुआ में 17.5 मिमी, उधमपुर में 28.2 मिमी, रामबन में 5.0 मिमी, किश्तवाड़ में 13.0 मिमी, सांबा में 34.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।

बांदीपोरा के गुरेज में बादल फटने से हुआ नुकसान। वीडियो ग्रैब

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