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लक्ष्य पूरा करने में विफल रहने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई : एसएसपी
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अपराध समीक्षा बैठक के दौरान एसएसपी श्रीनगर। स्रोत पुलिस
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- यूएपीए, एनडीपीएस एक्ट और सामान्य अपराध श्रेणियों के तहत दर्ज एफआईआर में जांच और अभियोजन की गुणवत्ता को बढ़ाने पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एसएसपी डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती ने सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में जिला पुलिस श्रीनगर की अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान एसएसपी ने कहा कि हासिल की गई प्रगति की समीक्षा अगली बैठकों में की जाएगी। जो अधिकारी अपने लक्ष्य पूरे करने में विफल रहेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान यूएपीए, एनडीपीएस एक्ट और सामान्य अपराध श्रेणियों के तहत दर्ज एफआईआर में जांच और अभियोजन की गुणवत्ता को बढ़ाने पर चर्चा की गई।
इस बैठक में सभी जोनल एसपी, एसपी मुख्यालय, डीएसपी मुख्यालय, एसडीपीओ, डीएसपी डार, सभी एसएचओ, पुलिस चौकियों के प्रभारियों और जिला पुलिस कार्यालय के प्रभारियों ने भाग लिया। प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआत में जिला श्रीनगर में अपराध की समग्र स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई जिसमें दोषसिद्धि दर में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया। सभी जोन, उप-मंडलों और पुलिस स्टेशनों में प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई।
चर्चा के मुख्य क्षेत्रों में सामान्य अपराध, पोक्सो मामले, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, हत्या के मामले, चोरी और सेंधमारी, एनडीपीएस और यूएपीए मामले, फरारों और उद्घोषित अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई, निवारक उपाय, शिकायत निवारण, संगठित अपराध और न्याय साक्ष्य का कार्यान्वयन शामिल थे।
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बैठक के दौरान लंबित और बैकलॉग मामलों के निपटारे में तेजी लाना, पेशेवर और बारीकी से जांच करके यूएपीए और एनडीपीएस मामलों में जांच को मजबूत करना, कानूनी प्रावधानों और एसओपी का कड़ाई से पालन करके दोषसिद्धि दर को बढ़ाना और अपराधों से प्राप्त अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों की पहचान करना, उन्हें जब्त करना और संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने पर विशेष जोर दिया गया।
एसएसपी ने नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध सघन कार्रवाई पर जोर दिया और अधिकारियों को एनडीपीएस के हॉटस्पॉट को व्यवस्थित तरीके से खत्म करने का निर्देश दिया। जांच अधिकारियों को सभी एनडीपीएस और यूएपीए मामलों में आगे और पीछे के संबंधों की पड़ताल करने और अवैध कमाई का पता लगाने के लिए वित्तीय जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया जिसे 9 अप्रैल, 2026 को तीन महीने की अवधि के लिए शुरू किया गया था। एसएसपी ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने और जनता को जागरूक करने में सामुदायिक नेताओं तथा इमामों को शामिल करने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के बीच समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जिसमें कानून के अनुसार पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य सरकारी दस्तावेजों को रद्द करने का प्रावधान भी शामिल है। कुछ यूएपीए और एनडीपीएस मामलों में बरी होने या आरोपमुक्त किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई और अधिकारियों को जांच में रह गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एसएचओ को निर्देश दिया गया कि वे जांच अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करें, ताकि जांच कौशल को बेहतर बनाया जा सके और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एसएसपी डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती ने सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में जिला पुलिस श्रीनगर की अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान एसएसपी ने कहा कि हासिल की गई प्रगति की समीक्षा अगली बैठकों में की जाएगी। जो अधिकारी अपने लक्ष्य पूरे करने में विफल रहेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान यूएपीए, एनडीपीएस एक्ट और सामान्य अपराध श्रेणियों के तहत दर्ज एफआईआर में जांच और अभियोजन की गुणवत्ता को बढ़ाने पर चर्चा की गई।
इस बैठक में सभी जोनल एसपी, एसपी मुख्यालय, डीएसपी मुख्यालय, एसडीपीओ, डीएसपी डार, सभी एसएचओ, पुलिस चौकियों के प्रभारियों और जिला पुलिस कार्यालय के प्रभारियों ने भाग लिया। प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआत में जिला श्रीनगर में अपराध की समग्र स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई जिसमें दोषसिद्धि दर में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया। सभी जोन, उप-मंडलों और पुलिस स्टेशनों में प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई।
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चर्चा के मुख्य क्षेत्रों में सामान्य अपराध, पोक्सो मामले, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, हत्या के मामले, चोरी और सेंधमारी, एनडीपीएस और यूएपीए मामले, फरारों और उद्घोषित अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई, निवारक उपाय, शिकायत निवारण, संगठित अपराध और न्याय साक्ष्य का कार्यान्वयन शामिल थे।
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बैठक के दौरान लंबित और बैकलॉग मामलों के निपटारे में तेजी लाना, पेशेवर और बारीकी से जांच करके यूएपीए और एनडीपीएस मामलों में जांच को मजबूत करना, कानूनी प्रावधानों और एसओपी का कड़ाई से पालन करके दोषसिद्धि दर को बढ़ाना और अपराधों से प्राप्त अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों की पहचान करना, उन्हें जब्त करना और संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने पर विशेष जोर दिया गया।
एसएसपी ने नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध सघन कार्रवाई पर जोर दिया और अधिकारियों को एनडीपीएस के हॉटस्पॉट को व्यवस्थित तरीके से खत्म करने का निर्देश दिया। जांच अधिकारियों को सभी एनडीपीएस और यूएपीए मामलों में आगे और पीछे के संबंधों की पड़ताल करने और अवैध कमाई का पता लगाने के लिए वित्तीय जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया जिसे 9 अप्रैल, 2026 को तीन महीने की अवधि के लिए शुरू किया गया था। एसएसपी ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने और जनता को जागरूक करने में सामुदायिक नेताओं तथा इमामों को शामिल करने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के बीच समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जिसमें कानून के अनुसार पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य सरकारी दस्तावेजों को रद्द करने का प्रावधान भी शामिल है। कुछ यूएपीए और एनडीपीएस मामलों में बरी होने या आरोपमुक्त किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई और अधिकारियों को जांच में रह गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एसएचओ को निर्देश दिया गया कि वे जांच अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करें, ताकि जांच कौशल को बेहतर बनाया जा सके और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।