{"_id":"682121f303a121b88b00ff55","slug":"srinagar-sia-raids-20-locations-linked-to-terror-conspiracy-in-south-kashmir-2025-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar : आतंकी साजिश से जुड़े 20 ठिकानों पर दक्षिण कश्मीर में एसआईए के छापे, ओजीडब्ल्यू पर पैनी नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar : आतंकी साजिश से जुड़े 20 ठिकानों पर दक्षिण कश्मीर में एसआईए के छापे, ओजीडब्ल्यू पर पैनी नजर
Mon, 12 May 2025 03:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 12 May 2025 03:47 AM IST
सार
ये कार्रवाई ऐसे समय पर की गई है जब आतंकियों के सहयोगियों और ओवरग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
Raid Demo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्य जांच एजेंसी (एसआईए), कश्मीर ने रविवार को आतंकी साजिश के मामले में दक्षिण कश्मीर में 20 स्थानों पर छापा मारा। ये कार्रवाई ऐसे समय पर की गई है जब आतंकियों के सहयोगियों और ओवरग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
ये लोग कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित आकाओं के लिए माध्यम के रूप में काम कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी निगरानी से पता चला है कि क्षेत्र में कई स्लीपर सेल सीधे सीमापार आतंकी आकाओं के संपर्क में हैं।
विज्ञापन
ये स्लीपर सेल व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर भारतीय सुरक्षा बलों और प्रमुख प्रतिष्ठानों से संबंधित संवेदनशील और रणनीतिक जानकारी भेजते पाए गए।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के कमांडरों के इशारे पर ये लोग ऑनलाइन कट्टरपंथी दुष्प्रचार में भी शामिल थे। अधिकारियों का मानना है कि इनकी गतिविधियां देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता के लिए खतरा हैं तथा इनका उद्देश्य सार्वजनिक अव्यवस्था और सांप्रदायिक घृणा को भड़काना है।
आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद, कई हिरासत में....
छापे सीआई/एसआईए कश्मीर की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार मारे गए। छापों के दौरान महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए तथा कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला कि आतंकवादी साजिशों को अंजाम देने और भारत विरोधी बयानों को बढ़ावा देने के लिए एक सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।