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Srinagar News: कुलगाम में प्रदूषण और अवैध खनन के खिलाफ मछुआरों ने किया प्रदर्शन
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कुलगाम में प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग। संवाद
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- सिविल सोसायटी और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का मिला साथ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुलगाम। पर्यावरण संरक्षण को लेकर गहरी चिंता जताते हुए रविवार को कुलगाम के पहलू क्षेत्र में नाला वेशो के तट पर स्थानीय मछुआरों, सिविल सोसायटी के सदस्यों और जलवायु कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस महत्वपूर्ण जलस्रोत को और अधिक क्षरण से बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
वेशो नाले को बचाओ के बैनर तले हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने नाले में हो रहे कचरा डंपिंग और अवैध खनन से उत्पन्न गंभीर खतरों को उजागर किया। उनका कहना था कि लगातार हो रहे प्रदूषण ने नाले के पारिस्थितिकी तंत्र को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है जिससे जलीय जीवन खतरे में पड़ गया है। सैकड़ों मछुआरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने न तो अवैध खनन पर रोक लगाई और न ही जलस्रोत में ठोस कचरा फेंके जाने को रोका। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छ और जीवनदायिनी रहा नाला वेशो अब धीरे-धीरे कूड़ाघर में तब्दील होता जा रहा है जिसके पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर दीर्घकालिक दुष्परिणाम हो सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुलगाम। पर्यावरण संरक्षण को लेकर गहरी चिंता जताते हुए रविवार को कुलगाम के पहलू क्षेत्र में नाला वेशो के तट पर स्थानीय मछुआरों, सिविल सोसायटी के सदस्यों और जलवायु कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस महत्वपूर्ण जलस्रोत को और अधिक क्षरण से बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
वेशो नाले को बचाओ के बैनर तले हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने नाले में हो रहे कचरा डंपिंग और अवैध खनन से उत्पन्न गंभीर खतरों को उजागर किया। उनका कहना था कि लगातार हो रहे प्रदूषण ने नाले के पारिस्थितिकी तंत्र को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है जिससे जलीय जीवन खतरे में पड़ गया है। सैकड़ों मछुआरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।
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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने न तो अवैध खनन पर रोक लगाई और न ही जलस्रोत में ठोस कचरा फेंके जाने को रोका। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छ और जीवनदायिनी रहा नाला वेशो अब धीरे-धीरे कूड़ाघर में तब्दील होता जा रहा है जिसके पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर दीर्घकालिक दुष्परिणाम हो सकते हैं।
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