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Srinagar News: कश्मीर में बर्फ की कमी के कारण सर्दी में सूखा रामबिआरा नाला
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सूखा पड़ा शोपियां का रामबिआरा नाला। संवाद
शोपियां। दक्षिण कश्मीर में सर्दियों के बदलते पैटर्न से बर्फबारी में कमी आई है। रामबिआरा नाला जो एक मुख्य मौसमी धारा है, लगभग सूख गया है। इस घटना ने निवासियों, किसानों और विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पानी की कमी और घाटी में असामान्य रूप से बर्फ रहित सर्दी से पर्यावरण पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।
आसपास की पहाड़ियों से बर्फबारी के बाद बर्फ पिघलने से सर्दियों के महीनों में अपने तेज बहाव के लिए मशहूर रामबिआरा नाला अब एक पतली धारा में बदल गया है। इसके चट्टानी तल का बड़ा हिस्सा खुला पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया। हम सर्दियों में नाले को ओवरफ्लो होते देखने के आदी हैं। इस साल तो ऐसा लग ही नहीं रहा कि सर्दी का मौसम चल रहा है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बर्फबारी की कमी के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। बर्फ एक प्राकृतिक जल भंडार के रूप में काम करती है जो वसंत और गर्मियों के दौरान नदियों, झरनों और भूजल को धीरे-धीरे भरती है। इसकी अनुपस्थिति में आने वाले महीनों में पीने, सिंचाई और पनबिजली उत्पादन के लिए पानी की उपलब्धता में तेजी से गिरावट आ सकती है। संवाद
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आसपास की पहाड़ियों से बर्फबारी के बाद बर्फ पिघलने से सर्दियों के महीनों में अपने तेज बहाव के लिए मशहूर रामबिआरा नाला अब एक पतली धारा में बदल गया है। इसके चट्टानी तल का बड़ा हिस्सा खुला पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया। हम सर्दियों में नाले को ओवरफ्लो होते देखने के आदी हैं। इस साल तो ऐसा लग ही नहीं रहा कि सर्दी का मौसम चल रहा है।
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विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बर्फबारी की कमी के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। बर्फ एक प्राकृतिक जल भंडार के रूप में काम करती है जो वसंत और गर्मियों के दौरान नदियों, झरनों और भूजल को धीरे-धीरे भरती है। इसकी अनुपस्थिति में आने वाले महीनों में पीने, सिंचाई और पनबिजली उत्पादन के लिए पानी की उपलब्धता में तेजी से गिरावट आ सकती है। संवाद
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