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Srinagar News: नेकां का पीडीपी व महबूबा मुफ्ती पर तीखा हमला, बैकडोर नियुक्तियों की जांच की मांग
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- कहा, महबूबा सरकार में 237 नागरिक मारे गए, 1000 से अधिक की आंखों की रोशनी गई और 31 हजार गिरफ्तार हुए
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के मुख्य प्रवक्ता इमरान नबी डार ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और उसकी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने पीडीपी शासनकाल के दौरान आम नागरिकों पर हुए कथित अत्याचारों, युवाओं के अधिकारों के हनन और बैकडोर नियुक्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के कार्यकाल में सामने आए सभी घोटालों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इमरान नबी डार ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत कार्रवाई का सामना करने वाले एक व्यक्ति को रिहाई के बाद पीडीपी के स्थापना दिवस समारोह में बाकायदा मंच उपलब्ध कराया गया, जहां से उसने नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन पर अनर्गल हमले किए जबकि महबूबा मुफ्ती मूकदर्शक बनी रहीं।
नेकां प्रवक्ता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2015 के बाद पीडीपी साढ़े तीन साल तक सत्ता में रही। उन्होंने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 237 बेकसूर नागरिकों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि इस अवधि में 30,000 से अधिक लोग घायल हुए। लगभग 3,500 लोगों की आंखों में पैलेट या अन्य चोटें आईं। 1,025 लोगों ने अपनी एक या दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए खो दी, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे। इसी दौर में 31,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1,000 से अधिक नागरिकों पर जन सुरक्षा अधिनियम लगाया गया।
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डार ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए उस दौरान कश्मीरी महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाकर चोटी काटने की रहस्यमयी घटनाएं कराई गईं। पीडीपी सरकार ने घाटी के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बैकडोर नियुक्तियों और भाई-भतीजावाद के आरोप
इमरान नबी डार ने कहा कि पीडीपी के शासनकाल में युवाओं के अधिकारों को व्यवस्थित तरीके से कुचला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड से लेकर स्पोर्ट्स काउंसिल तक में पीडीपी से जुड़े लोगों ने बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं। योग्य, प्रतिभाशाली और हकदार उम्मीदवारों को दरकिनार कर अपने रिश्तेदारों, करीबियों और चहेतों को बैकडोर से प्रभावशाली सरकारी पदों पर बिठाया गया। नेकां प्रवक्ता ने भाजपा-पीडीपी गठबंधन के दौरान सामने आए सभी भर्ती और प्रशासनिक घोटालों की उच्चस्तरीय जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवाओं के साथ हुए अन्याय का हिसाब करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए तत्कालीन सत्ताधारियों की जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के मुख्य प्रवक्ता इमरान नबी डार ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और उसकी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने पीडीपी शासनकाल के दौरान आम नागरिकों पर हुए कथित अत्याचारों, युवाओं के अधिकारों के हनन और बैकडोर नियुक्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के कार्यकाल में सामने आए सभी घोटालों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इमरान नबी डार ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत कार्रवाई का सामना करने वाले एक व्यक्ति को रिहाई के बाद पीडीपी के स्थापना दिवस समारोह में बाकायदा मंच उपलब्ध कराया गया, जहां से उसने नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन पर अनर्गल हमले किए जबकि महबूबा मुफ्ती मूकदर्शक बनी रहीं।
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नेकां प्रवक्ता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2015 के बाद पीडीपी साढ़े तीन साल तक सत्ता में रही। उन्होंने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 237 बेकसूर नागरिकों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि इस अवधि में 30,000 से अधिक लोग घायल हुए। लगभग 3,500 लोगों की आंखों में पैलेट या अन्य चोटें आईं। 1,025 लोगों ने अपनी एक या दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए खो दी, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे। इसी दौर में 31,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1,000 से अधिक नागरिकों पर जन सुरक्षा अधिनियम लगाया गया।
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डार ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए उस दौरान कश्मीरी महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाकर चोटी काटने की रहस्यमयी घटनाएं कराई गईं। पीडीपी सरकार ने घाटी के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बैकडोर नियुक्तियों और भाई-भतीजावाद के आरोप
इमरान नबी डार ने कहा कि पीडीपी के शासनकाल में युवाओं के अधिकारों को व्यवस्थित तरीके से कुचला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड से लेकर स्पोर्ट्स काउंसिल तक में पीडीपी से जुड़े लोगों ने बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं। योग्य, प्रतिभाशाली और हकदार उम्मीदवारों को दरकिनार कर अपने रिश्तेदारों, करीबियों और चहेतों को बैकडोर से प्रभावशाली सरकारी पदों पर बिठाया गया। नेकां प्रवक्ता ने भाजपा-पीडीपी गठबंधन के दौरान सामने आए सभी भर्ती और प्रशासनिक घोटालों की उच्चस्तरीय जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवाओं के साथ हुए अन्याय का हिसाब करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए तत्कालीन सत्ताधारियों की जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।