फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Srinagar: Mubarak Gul maintains a mysterious silence;

श्रीनगर: मुबारक गुल ने साधी रहस्यमयी चुप्पी, लामबंद 25 असंतुष्ट विधायकों की कल होगी आलाकमान से दो-टूक बात

Thu, 05 Nov 2026 03:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 05 Nov 2026 03:21 AM IST
सार

वरिष्ठ नेता मुबारक गुल की रहस्यमय चुप्पी और असंतुष्ट 25 विधायकों की लामबंदी ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

विज्ञापन
Srinagar: Mubarak Gul maintains a mysterious silence;
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - फोटो : एजेंसी

विस्तार

उमर सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) में पनपा असंतोष अब खुले विद्रोह की दहलीज पर पहुंच गया है। वरिष्ठ नेता मुबारक गुल की रहस्यमय चुप्पी और असंतुष्ट 25 विधायकों की लामबंदी ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष बड़ी चुनौती पेश कर दी है। गुल बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, इसी बीच 11 विधायक नजीर अहमद खान गुरेजी के श्रीनगर स्थित आवास पर एकत्र हुए। लामबंद विधायकों ने अब अपने 10 सूत्रीय मुद्दों को लेकर शुक्रवार को नेकां आलाकमान से दो-टूक बातचीत करने का निर्णय लिया है। फिलहाल सभी की निगाहें दिल्ली में मौजूद पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर टिकी हैं। उनके लौटने के बाद बागी खेमे से बातचीत कर डैमेज कंट्रोल किए जाने की संभावना है।

विज्ञापन


पार्टी नेतृत्व से तनातनी और मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के कारण मुबारक गुल बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। ऐन वक्त पर उन्होंने इसे टालते हुए नेतृत्व के साथ अनबन पर चुप्पी साध ली। हालांकि, अपने आवास पर जुटे भारी समर्थकों के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कोई भी कदम जल्दबाजी में नहीं उठाएंगे।
विज्ञापन


गुल ने कहा, जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात और 1975 से यानी पिछले 50 वर्षों से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े मेरे कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए मैं आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस टालता हूं। आज मैं कोई खुलासा नहीं करूंगा, सब कुछ अपने मुकर्रर वक्त पर होगा। मेरे पास देने के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं है, मेरे साथी जैसा तय करेंगे, उसी रास्ते पर चलूंगा। मैं एक फाइटर हूं और अपनी लड़ाई जारी रखूंगा। गुल के इस कदम को हाल ही में उमर अब्दुल्ला सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद उभरी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उमर से मिलेंगे या फारूक से...अभी तय नहीं
बगावती तेवर दिखा रहे असंतुष्ट विधायकों का समूह शुक्रवार सुबह श्रीनगर में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नाराज विधायकों की यह मुलाकात पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से होगी या मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से। पार्टी के करीब दो दर्जन विधायक अपनी अनदेखी को लेकर नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं।

गुरेजी के आवास गुप्त बैठक दबाव बनाने की रणनीति
बुधवार को नेकां के 11 विधायकों ने गुरेज विधायक नजीर अहमद खान गुरेजी के तुलसी बाग स्थित आवास पर गोपनीय बैठक कर आगे की रणनीति पर मंथन किया। इस बैठक से राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है। बैठक में मौजूद रहे एक विधायक ने कहा, बैठक में विचार-विमर्श और गहन मंथन हुआ है। यह बैठक आगे की रणनीति और कार्ययोजना तय करने के लिए हुई। एक अन्य विधायक ने भी चर्चा जारी होने की बात स्वीकार की। हालांकि उन्होंने बैठक के विषय को साझा करने से इन्कार कर दिया। यह बैठक ऐसे नाजुक समय में हुई है जब पार्टी के भीतर विधायकों के एक बड़े वर्ग ने संगठन और सरकार के कामकाज को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गुरेजी के आवास पर विधायकों का इस तरह जुटना महज एक अनौपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि नेतृत्व पर दबाव बनाने की सोची-समझी रणनीति है।

संकट का हल निकालने की कोशिश करेंगे नेकां अध्यक्ष
नेकां के भीतर मचे घमासान पर दो दिन में फैसला आ सकता है। दिल्ली में मौजूद पार्टी प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला घाटी लौटकर नाराज विधायकों से बैठक कर संकट का हल निकालने की कोशिश करेंगे। सूत्रों के अनुसार, वह पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। पार्टी से असंतुष्ट विधायकों ने फारूक से हस्तक्षेप की मांग करते हुए करीब 10 सूत्रीय मांगों का पत्र भेजा है। इसमें दाछिगाम विधायक दल की बैठक के फैसलों पर अमल की मुख्य मांग शामिल है। इसमें तीन नेताओं के नाम भी हैं। इसके अलावा फारूक से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। इस बीच, पार्टी प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस एक परिवार है और आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए जल्द सुलझा लिया जाएगा।


अब तक चार गुप्त बैठकें, शुक्रवार को निर्णायक मुलाकात
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भड़की बगावत अब व्यक्तिगत नाराजगी से निकलकर संगठित रूप ले चुकी है। पिछले एक सप्ताह के भीतर श्रीनगर में असंतुष्ट विधायकों ने चार अलग-अलग गुप्त बैठकें की हैं। पहले दौर में दर्जन भर विधायकों से शुरू हुआ यह कुनबा अब बढ़कर करीब 25 विधायकों तक पहुंच चुका है। पहली बैठक कैबिनेट विस्तार के ठीक बाद 28 अक्तूबर को हुई थी। इसके बाद 31 अक्तूबर को दूसरी बैठक श्रीनगर में विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर हुई। 3 नवंबर की रात को श्रीनगर के हैदरपोरा में टंगमर्ग के विधायक फारूक अहमद शाह के आवास और अब 4 नवंबर को 11 विधायक नजीर अहमद गुरेजी के आवास पर गुप्त रूप से जुटे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed