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श्रीनगर: भारतीय सेना किसी भी चुनौती से निपटने को तैयार- लेफ्टिनंट जनरल डीपी पांडे
Tue, 03 May 2022 03:43 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 03 May 2022 03:43 PM IST
सार
लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि ऐसे उपकरण और हथियार प्रणाली, जिनका उपयोग दुनिया भर में किया जाता है ने घाटी का रास्ता खोज लिया है। हमने इससे निपटने के अपने नियमों और प्रक्रियाओं को भी बदल दिया है।
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लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सेना की चिनार कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाली हथियार प्रणाली ने कश्मीर क्षेत्र में अपनी जगह बना ली है। यह निश्चित रूप से एक चुनौती है, लेकिन भारतीय सेना ऐसे किसी भी मुद्दे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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सेना के अनुसार, नियंत्रण रेखा के पास और कुछ मुठभेड़ों में भी अफगानिस्तान से लाए गए उपकरण बरामद किए गए हैं। सेना को कुछ नाइट विजन डिवाइस और सैटेलाइट फोन भी मिले थे। सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सैटेलाइट फोन के सबूत कश्मीर क्षेत्र में पाए गए हैं और विश्लेषण के लिए राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन को भेजे गए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा, ऐसे उपकरण और हथियार प्रणाली, जिनका उपयोग दुनिया भर में किया जाता है ने घाटी का रास्ता खोज लिया है। यह निश्चित रूप से एक चुनौती है, लेकिन हमने इससे निपटने के अपने नियमों और प्रक्रियाओं को भी बदल दिया है। ये हथियार बड़ी संख्या में नहीं हैं, लेकिन उनके संकेत पाए गए हैं और हमने उन्हें कुछ मुठभेड़ों में और कुछ को नियंत्रण रेखा पर बरामद किया है, इसलिए यह बड़ी चुनौती नहीं है। हम उस प्रणाली के आसपास काम करने में सक्षम हैं।
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सेना का यह भी कहना है कि घाटी में बहुत सारे विदेशी आतंकवादी शांत थे और वे स्थानीय आतंकवादियों को सबसे आगे रख रहे थे। जैसे-जैसे स्थानीय आतंकियों की संख्या कम होने लगती है, वैसे-वैसे विदेशी आतंकवादी भी बेनकाब होते जा रहे हैं। आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बाहर आने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जीओसी ने कहा, ये विदेशी आतंकवादी छुपे थे। वे स्थानीय आतंकवादियों को आतंकी गतिविधियों का चेहरा बना रहे थे।
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सेना का कहना है कि सीमा पार से आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की केवल एक कोशिश की गई है, लेकिन इसे नाकाम कर दिया गया। एलओसी पर सुरक्षा ग्रिड को फुलप्रूफ बनाया गया है। हाल ही में श्रीनगर में मारे गए दो विदेशी आतंकवादियों से वैध आधार कार्ड मिलने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह वास्तव में एक चुनौती है, लेकिन इससे निपट लेंगे।
उन्होंने कहा कि जोश टॉक्स नामक कार्यक्रम का उद्देश्य कश्मीरी युवाओं की प्रतिभा को उजागर करना था, जिनके पास दुनिया को बताने के लिए महान कहानियां हैं। जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा, इन कहानियों को दुनिया को बताने की जरूरत है क्योंकि ये लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। यह प्रक्रिया जारी रहेगी।