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Srinagar News: 45वीं आईएसीआर वार्षिक बैठक व कैंसर अनुसंधान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगी केयू
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- एमोरी यूनिवर्सिटी तथा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसे विश्व-प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) का जैव रसायन विभाग, इंडियन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च (आईएसीआर) की 45वीं वार्षिक बैठक के साथ-साथ कैंसर अनुसंधान में प्रगति: खोज, उपचार और चुनौतियां'''' विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है। यह आयोजन 10 से 13 अप्रैल तक विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर स्थित दीक्षांत समारोह परिसर में होगा।
इस चार-दिवसीय कार्यक्रम में पूरे भारत और विदेशों से अग्रणी वैज्ञानिक, चिकित्सक और शोधकर्ता शामिल होंगे। इनमें एम्स, आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी जैसे संस्थानों के प्रतिभागी और मायो क्लिनिक, एमोरी यूनिवर्सिटी तथा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसे विश्व-प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस सम्मेलन को कैंसर अनुसंधान के पूरे दायरे को शामिल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जिसमें रोग के तंत्र को समझने से लेकर चिकित्सीय उपायों की खोज करने और नैदानिक तथा वास्तविक दुनिया के संदर्भों में उभरती चुनौतियों का समाधान करने तक सब कुछ शामिल है।
केयू की कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने कहा कि इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सभा की मेजबानी करना, अनुसंधान और अकादमिक आदान-प्रदान के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं को दूर करने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह स्थानीय अनुसंधान प्रयासों को कैंसर अध्ययन के क्षेत्र में वैश्विक वैज्ञानिक विकास से जोड़ने का एक अवसर है। उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन से अकादमिक सहयोग को मजबूती मिलने, अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा मिलने और युवा विद्वानों को कैंसर विज्ञान के क्षेत्र में सबसे आगे काम कर रहे विशेषज्ञों के साथ सीधे बातचीत करने का अवसर मिलने की उम्मीद है जिससे उन्हें सार्थक अनुभव प्राप्त होगा।
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इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेषज्ञों द्वारा मुख्य भाषण और पूर्ण सत्र होंगे। इसके साथ ही, कैंसर इम्यूनोथेरेपी, सीएआर-टी सेल थेरेपी, जीनोमिक्स, डीएनए मरम्मत, ट्यूमर माइक्रो एनवायरनमेंट और कीमो रेजिस्टेंस जैसे क्षेत्रों को कवर करने वाले विषय-आधारित वैज्ञानिक सत्र भी आयोजित किए जाएँगे। एआई-आधारित निदान और ट्रांसलेशनल अनुसंधान जैसे उभरते क्षेत्र भी चर्चा का मुख्य केंद्र होंगे, जो जैव चिकित्सा विज्ञान के लगातार बदलते परिदृश्य को दर्शाते हैं।
चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कोशिका चक्र विनियमन, सिग्नल ट्रांसडक्शन, उबिक्विटिन जीव विज्ञान और प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी पर भी सत्र शामिल होंगे। विशेष रूप से आयोजित मौखिक और पोस्टर प्रस्तुति सत्र, शोध विद्वानों और छात्रों को अपने काम को प्रस्तुत करने तथा अपने साथियों और वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ अकादमिक चर्चा में शामिल होने का अवसर प्रदान करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) का जैव रसायन विभाग, इंडियन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च (आईएसीआर) की 45वीं वार्षिक बैठक के साथ-साथ कैंसर अनुसंधान में प्रगति: खोज, उपचार और चुनौतियां'''' विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है। यह आयोजन 10 से 13 अप्रैल तक विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर स्थित दीक्षांत समारोह परिसर में होगा।
इस चार-दिवसीय कार्यक्रम में पूरे भारत और विदेशों से अग्रणी वैज्ञानिक, चिकित्सक और शोधकर्ता शामिल होंगे। इनमें एम्स, आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी जैसे संस्थानों के प्रतिभागी और मायो क्लिनिक, एमोरी यूनिवर्सिटी तथा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसे विश्व-प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस सम्मेलन को कैंसर अनुसंधान के पूरे दायरे को शामिल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जिसमें रोग के तंत्र को समझने से लेकर चिकित्सीय उपायों की खोज करने और नैदानिक तथा वास्तविक दुनिया के संदर्भों में उभरती चुनौतियों का समाधान करने तक सब कुछ शामिल है।
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केयू की कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने कहा कि इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सभा की मेजबानी करना, अनुसंधान और अकादमिक आदान-प्रदान के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं को दूर करने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह स्थानीय अनुसंधान प्रयासों को कैंसर अध्ययन के क्षेत्र में वैश्विक वैज्ञानिक विकास से जोड़ने का एक अवसर है। उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन से अकादमिक सहयोग को मजबूती मिलने, अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा मिलने और युवा विद्वानों को कैंसर विज्ञान के क्षेत्र में सबसे आगे काम कर रहे विशेषज्ञों के साथ सीधे बातचीत करने का अवसर मिलने की उम्मीद है जिससे उन्हें सार्थक अनुभव प्राप्त होगा।
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इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेषज्ञों द्वारा मुख्य भाषण और पूर्ण सत्र होंगे। इसके साथ ही, कैंसर इम्यूनोथेरेपी, सीएआर-टी सेल थेरेपी, जीनोमिक्स, डीएनए मरम्मत, ट्यूमर माइक्रो एनवायरनमेंट और कीमो रेजिस्टेंस जैसे क्षेत्रों को कवर करने वाले विषय-आधारित वैज्ञानिक सत्र भी आयोजित किए जाएँगे। एआई-आधारित निदान और ट्रांसलेशनल अनुसंधान जैसे उभरते क्षेत्र भी चर्चा का मुख्य केंद्र होंगे, जो जैव चिकित्सा विज्ञान के लगातार बदलते परिदृश्य को दर्शाते हैं।
चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कोशिका चक्र विनियमन, सिग्नल ट्रांसडक्शन, उबिक्विटिन जीव विज्ञान और प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी पर भी सत्र शामिल होंगे। विशेष रूप से आयोजित मौखिक और पोस्टर प्रस्तुति सत्र, शोध विद्वानों और छात्रों को अपने काम को प्रस्तुत करने तथा अपने साथियों और वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ अकादमिक चर्चा में शामिल होने का अवसर प्रदान करेंगे।