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Srinagar News: झेलम पर तैरता दिखेगा रेस्त्रां, पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण
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श्रीनगर स्थित झेलम नदी में फ्लोटिंग रेस्त्रां को बनाते कारीगर। संवाद
- फोटो : 1
- पानी के बीच दिन-रात जुटे कारीगर, ऐतिहासिक जलमार्गों को पुनर्जीवित करने के बीच बड़ी पहल
बासित जरगर
श्रीनगर। कश्मीर में ऐतिहासिक जलमार्गों को पुनर्जीवित करने की परियोजना के बीच ऐतिहासिक झेलम नदी में फ्लोटिंग रेस्त्रां तैयार किया जा रहा है। जल्द ही पर्यटन और सैलानियों के लिए एक नया आकर्षण तैयार हो जाएगा।
नदी की शांत लहरों के बीच कुशल कारीगरों की एक टीम दिन-रात मेहनत कर इस तैरते ढांचे के निर्माण और फिनिशिंग के काम में जुटी हुई है। इस प्रोजेक्ट पर बढ़ई, वेल्डर, पेंटर और अन्य तकनीकी श्रमिक लगातार काम कर रहे हैं। लोहे के भारी-भरकम ढांचों को वेल्ड करने और काटने से लेकर लकड़ी के पारंपरिक पैनल लगाने तथा आंतरिक साज-सज्जा को सजाने का काम तेजी से चल रहा है।
तैरते प्लेटफॉर्म पर काम करने की अपनी चुनौतियां हैं जहां पानी के बीच संतुलन साधते हुए निर्माण सामग्री और औजारों को संभालना पड़ता है। शांत झेलम के तट पर औजारों की गूंज और वेल्डिंग से निकलती चिंगारियां एक बदलते श्रीनगर की गवाही दे रही हैं।
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झेलम नदी हमेशा से श्रीनगर के इतिहास, संस्कृति और जनजीवन का केंद्र रही है। इसके दोनों किनारों पर ऐतिहासिक पुल, सदियों पुराने पारंपरिक कश्मीरी मकान और ऐतिहासिक धरोहरें मौजूद हैं। अब तक श्रीनगर का पर्यटन मुख्य रूप से डल झील, हाउसबोट, मुगल गार्डन और बर्फीले पहाड़ों तक सीमित रहा है। ऐसे में झेलम की लहरों पर तैरता यह रेस्टोरेंट शहर के पर्यटन और मनोरंजन के दायरे को एक नया आयाम देगा।
खान-पान के साथ शहर की खूबसूरती का संगम
परियोजना के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों और घाटी में आने वाले सैलानियों को एक अलग अनुभव मिलेगा। लोग नदी के बीच बैठकर कश्मीरी व्यंजनों का स्वाद चखते हुए ऐतिहासिक शहर और नदी के विहंगम दृश्यों को निहार सकेंगे। हालांकि, सैलानियों के लिए दरवाजे खुलने से पहले इन मेहनतकश मजदूरों और कारीगरों को कई चरणों का काम पूरा करना है। पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहे ये कामगार धीरे-धीरे एक सामान्य निर्माण स्थल को श्रीनगर के एक नए और जीवंत लैंडमार्क में तब्दील कर रहे हैं। संवाद
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बासित जरगर
श्रीनगर। कश्मीर में ऐतिहासिक जलमार्गों को पुनर्जीवित करने की परियोजना के बीच ऐतिहासिक झेलम नदी में फ्लोटिंग रेस्त्रां तैयार किया जा रहा है। जल्द ही पर्यटन और सैलानियों के लिए एक नया आकर्षण तैयार हो जाएगा।
नदी की शांत लहरों के बीच कुशल कारीगरों की एक टीम दिन-रात मेहनत कर इस तैरते ढांचे के निर्माण और फिनिशिंग के काम में जुटी हुई है। इस प्रोजेक्ट पर बढ़ई, वेल्डर, पेंटर और अन्य तकनीकी श्रमिक लगातार काम कर रहे हैं। लोहे के भारी-भरकम ढांचों को वेल्ड करने और काटने से लेकर लकड़ी के पारंपरिक पैनल लगाने तथा आंतरिक साज-सज्जा को सजाने का काम तेजी से चल रहा है।
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तैरते प्लेटफॉर्म पर काम करने की अपनी चुनौतियां हैं जहां पानी के बीच संतुलन साधते हुए निर्माण सामग्री और औजारों को संभालना पड़ता है। शांत झेलम के तट पर औजारों की गूंज और वेल्डिंग से निकलती चिंगारियां एक बदलते श्रीनगर की गवाही दे रही हैं।
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झेलम नदी हमेशा से श्रीनगर के इतिहास, संस्कृति और जनजीवन का केंद्र रही है। इसके दोनों किनारों पर ऐतिहासिक पुल, सदियों पुराने पारंपरिक कश्मीरी मकान और ऐतिहासिक धरोहरें मौजूद हैं। अब तक श्रीनगर का पर्यटन मुख्य रूप से डल झील, हाउसबोट, मुगल गार्डन और बर्फीले पहाड़ों तक सीमित रहा है। ऐसे में झेलम की लहरों पर तैरता यह रेस्टोरेंट शहर के पर्यटन और मनोरंजन के दायरे को एक नया आयाम देगा।
खान-पान के साथ शहर की खूबसूरती का संगम
परियोजना के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों और घाटी में आने वाले सैलानियों को एक अलग अनुभव मिलेगा। लोग नदी के बीच बैठकर कश्मीरी व्यंजनों का स्वाद चखते हुए ऐतिहासिक शहर और नदी के विहंगम दृश्यों को निहार सकेंगे। हालांकि, सैलानियों के लिए दरवाजे खुलने से पहले इन मेहनतकश मजदूरों और कारीगरों को कई चरणों का काम पूरा करना है। पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहे ये कामगार धीरे-धीरे एक सामान्य निर्माण स्थल को श्रीनगर के एक नए और जीवंत लैंडमार्क में तब्दील कर रहे हैं। संवाद