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Srinagar News: श्रीनगर में कई जगह लगी आग, बटमालू में दो घर जले
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श्रीनगर के बटमालू में आग बुझाते दमकलकर्मी। संवाद
- बॉटनिकल गार्डन के जंगल व डल झील किनारे सहित पांच स्थानों पर दौड़ीं दमकल गाड़ियां
- अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी से टले बड़े हादसे, शहरभर के सभी प्रभावित इलाकों में आग पर पूरी तरह पाया गया काबू
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राजधानी श्रीनगर में वीरवार का दिन अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और भागदौड़ भरा साबित हुआ। दोपहर से लेकर देर शाम तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में आग लगने की ताबड़तोड़ पांच घटनाएं सामने आईं। बटमालू में दो घर जलने की सूचना है।
घनी रिहायशी बस्तियों से लेकर संवेदनशील वन क्षेत्रों, डल झील के किनारे और रेलवे ट्रैक तक फैली इन आग की घटनाओं ने पूरे प्रशासनिक अमले को अलर्ट पर ला खड़ा किया। हालांकि, दमकल कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया, मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी पांचों स्थानों पर आग पर समय रहते पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिससे शहर में एक बहुत बड़ी तबाही टल गई।
वीरवार शाम के समय सबसे गंभीर घटना शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके बटमालू की न्यू कॉलोनी में पेश आई। यहां अचानक भड़की आग ने दो मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। लकड़ी के पारंपरिक ढांचों के कारण लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नजदीकी फायर स्टेशनों से कई दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। संकरी गलियों के बावजूद दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला और स्थानीय युवाओं व पुलिस की मदद से पानी की बौछारें शुरू कीं। जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए लपटों को आसपास की अन्य इमारतों तक फैलने से रोक लिया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। हादसे में दोनों रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
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बॉटनिकल गार्डन : वन क्षेत्र में भड़की आग
वीरवार दोपहर में प्रसिद्ध बॉटनिकल गार्डन के निकटवर्ती वन क्षेत्र में आग लगने से हड़कंप मच गया। दोपहर ठीक 3:52 बजे आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को वन क्षेत्र में लपटें उठने की सूचना मिली। कॉल मिलते ही ब्रेन कमांड स्टेशन की टीम ने गजब की तत्परता दिखाई और महज एक मिनट के भीतर फायर टेंडर मौके के लिए रवाना हो गया। जंगल में गिरे सूखे पत्तों और हवा के चलते आग तेजी से फैलने की आशंका थी। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए मुख्यालय ने तुरंत अग्निशमन स्टेशन गाव कदल से अतिरिक्त दमकल गाड़ियों और जवानों की टीम मौके पर रवाना की। जवानों ने आधुनिक उपकरणों और पानी की मदद से जंगलों की तरफ बढ़ती आग की घेराबंदी की और बहुमूल्य प्राकृतिक वन संपदा को जलने से बचा लिया।
बादशाही बाग : कबाड़ के विशाल ढेर में लगी आग पर पाया नियंत्रण
शाम ढलते ही शहर के बादशाही बाग इलाके से आग लगने की खबर आई। यहां खुले मैदान में पड़े कबाड़ के एक बड़े ढेर में अचानक आग लग गई। प्लास्टिक और ज्वलनशील कचरा होने की वजह से घना काला धुआं आसमान में फैलने लगा। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेजी से पानी का छिड़काव किया और कुछ ही देर में आग को पूरी तरह ठंडा कर दिया।
नौगाम : रेलवे ट्रैक के पास बुझाई आग
बादशाही बाग में स्थिति सामान्य कर लौट रही फायर स्टेशन नौगाम की टीम अभी रास्ते में ही थी कि उन्हें नौगाम में रेलवे लाइन के पास आग की दूसरी आपातकालीन सूचना मिली। जवानों ने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ियों का रुख रेलवे ट्रैक की तरफ मोड़ दिया। यहां पटरियों के किनारे फैली जलीय घास और सूखी झाड़ियों में आग तेजी से सुलग रही थी, जिससे रेलवे संपत्ति को खतरा हो सकता था। दमकल कर्मियों ने मुस्तैदी से लपटों को बुझाकर ट्रैक के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित किया।
डल झील : होटल ओबेरॉय के समीप सूखी घास में लगी आग
दिन की पांचवीं घटना विश्व प्रसिद्ध डल झील के तटवर्ती इलाके में सामने आई। यहां बुलेवार्ड रोड स्थित ग्रैंड पैलेस/होटल ओबेरॉय के समीप डल झील के किनारे सूखी जलीय घास में अचानक आग भड़क उठी। झील के किनारे पर्यटन क्षेत्र होने के कारण दमकल विभाग ने तुरंत नजदीकी स्टेशन से यूनिट भेजकर आग को बुझाया और स्थिति को बिगड़ने से रोक लिया। अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की कि शहर के सभी पांचों स्थलों पर आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और कहीं भी स्थिति चिंताजनक नहीं है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि पतझड़ के इस शुष्क मौसम में सूखी पत्तियों, कचरे या घास के पास बीड़ी-सिगरेट या खुली चिंगारी फेंकने से बचें। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग सभी घटनाओं में आग लगने के तकनीकी कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुटे हैं।
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- अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी से टले बड़े हादसे, शहरभर के सभी प्रभावित इलाकों में आग पर पूरी तरह पाया गया काबू
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राजधानी श्रीनगर में वीरवार का दिन अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और भागदौड़ भरा साबित हुआ। दोपहर से लेकर देर शाम तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में आग लगने की ताबड़तोड़ पांच घटनाएं सामने आईं। बटमालू में दो घर जलने की सूचना है।
घनी रिहायशी बस्तियों से लेकर संवेदनशील वन क्षेत्रों, डल झील के किनारे और रेलवे ट्रैक तक फैली इन आग की घटनाओं ने पूरे प्रशासनिक अमले को अलर्ट पर ला खड़ा किया। हालांकि, दमकल कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया, मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी पांचों स्थानों पर आग पर समय रहते पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिससे शहर में एक बहुत बड़ी तबाही टल गई।
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वीरवार शाम के समय सबसे गंभीर घटना शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके बटमालू की न्यू कॉलोनी में पेश आई। यहां अचानक भड़की आग ने दो मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। लकड़ी के पारंपरिक ढांचों के कारण लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नजदीकी फायर स्टेशनों से कई दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। संकरी गलियों के बावजूद दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला और स्थानीय युवाओं व पुलिस की मदद से पानी की बौछारें शुरू कीं। जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए लपटों को आसपास की अन्य इमारतों तक फैलने से रोक लिया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। हादसे में दोनों रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
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बॉटनिकल गार्डन : वन क्षेत्र में भड़की आग
वीरवार दोपहर में प्रसिद्ध बॉटनिकल गार्डन के निकटवर्ती वन क्षेत्र में आग लगने से हड़कंप मच गया। दोपहर ठीक 3:52 बजे आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को वन क्षेत्र में लपटें उठने की सूचना मिली। कॉल मिलते ही ब्रेन कमांड स्टेशन की टीम ने गजब की तत्परता दिखाई और महज एक मिनट के भीतर फायर टेंडर मौके के लिए रवाना हो गया। जंगल में गिरे सूखे पत्तों और हवा के चलते आग तेजी से फैलने की आशंका थी। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए मुख्यालय ने तुरंत अग्निशमन स्टेशन गाव कदल से अतिरिक्त दमकल गाड़ियों और जवानों की टीम मौके पर रवाना की। जवानों ने आधुनिक उपकरणों और पानी की मदद से जंगलों की तरफ बढ़ती आग की घेराबंदी की और बहुमूल्य प्राकृतिक वन संपदा को जलने से बचा लिया।
बादशाही बाग : कबाड़ के विशाल ढेर में लगी आग पर पाया नियंत्रण
शाम ढलते ही शहर के बादशाही बाग इलाके से आग लगने की खबर आई। यहां खुले मैदान में पड़े कबाड़ के एक बड़े ढेर में अचानक आग लग गई। प्लास्टिक और ज्वलनशील कचरा होने की वजह से घना काला धुआं आसमान में फैलने लगा। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेजी से पानी का छिड़काव किया और कुछ ही देर में आग को पूरी तरह ठंडा कर दिया।
नौगाम : रेलवे ट्रैक के पास बुझाई आग
बादशाही बाग में स्थिति सामान्य कर लौट रही फायर स्टेशन नौगाम की टीम अभी रास्ते में ही थी कि उन्हें नौगाम में रेलवे लाइन के पास आग की दूसरी आपातकालीन सूचना मिली। जवानों ने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ियों का रुख रेलवे ट्रैक की तरफ मोड़ दिया। यहां पटरियों के किनारे फैली जलीय घास और सूखी झाड़ियों में आग तेजी से सुलग रही थी, जिससे रेलवे संपत्ति को खतरा हो सकता था। दमकल कर्मियों ने मुस्तैदी से लपटों को बुझाकर ट्रैक के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित किया।
डल झील : होटल ओबेरॉय के समीप सूखी घास में लगी आग
दिन की पांचवीं घटना विश्व प्रसिद्ध डल झील के तटवर्ती इलाके में सामने आई। यहां बुलेवार्ड रोड स्थित ग्रैंड पैलेस/होटल ओबेरॉय के समीप डल झील के किनारे सूखी जलीय घास में अचानक आग भड़क उठी। झील के किनारे पर्यटन क्षेत्र होने के कारण दमकल विभाग ने तुरंत नजदीकी स्टेशन से यूनिट भेजकर आग को बुझाया और स्थिति को बिगड़ने से रोक लिया। अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की कि शहर के सभी पांचों स्थलों पर आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और कहीं भी स्थिति चिंताजनक नहीं है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि पतझड़ के इस शुष्क मौसम में सूखी पत्तियों, कचरे या घास के पास बीड़ी-सिगरेट या खुली चिंगारी फेंकने से बचें। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग सभी घटनाओं में आग लगने के तकनीकी कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुटे हैं।