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भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण में गुणवत्ता सुनिश्चित करें : डीसी अनंतनाग
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- जिले में 97 प्रतिशत डिजिटाइज्ड जमाबंदियों का सत्यापन पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद दीन भट ने शनिवार को डाक बंगला खानाबल में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीसी), अतिरिक्त आयुक्त राजस्व (एसीआर), एसडीएम के अलावा जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
बैठक के दौरान डीसी ने पीएम गति शक्ति पोर्टल पर जमाबंदियों के सत्यापन और अपलोडिंग की तहसीलवार प्रगति का आकलन किया और अधिकारियों को भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पहल नागरिकों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी और भविष्य में भी उपयोगी रहेगी।
डीसी ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को पटवारियों के कार्यों की कड़ी निगरानी करने और डेटा की सटीकता से समझौता किए बिना प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर नायब तहसीलदार चेकर्स और तहसीलदार अप्रूवर की भूमिका निभाते हैं, इसलिए प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने में उनकी अहम जिम्मेदारी है।
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डॉ. बिलाल ने कहा कि भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और नागरिकों को जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सटीक डिजिटलीकरण से राजस्व संबंधी सेवाओं को सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद दीन भट ने शनिवार को डाक बंगला खानाबल में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीसी), अतिरिक्त आयुक्त राजस्व (एसीआर), एसडीएम के अलावा जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
बैठक के दौरान डीसी ने पीएम गति शक्ति पोर्टल पर जमाबंदियों के सत्यापन और अपलोडिंग की तहसीलवार प्रगति का आकलन किया और अधिकारियों को भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पहल नागरिकों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी और भविष्य में भी उपयोगी रहेगी।
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डीसी ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को पटवारियों के कार्यों की कड़ी निगरानी करने और डेटा की सटीकता से समझौता किए बिना प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर नायब तहसीलदार चेकर्स और तहसीलदार अप्रूवर की भूमिका निभाते हैं, इसलिए प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने में उनकी अहम जिम्मेदारी है।
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डॉ. बिलाल ने कहा कि भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और नागरिकों को जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सटीक डिजिटलीकरण से राजस्व संबंधी सेवाओं को सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।