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Srinagar: कई इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां, इंटरनेट ठप, मुहर्रम जुलूस को प्रतिबंधित मार्ग से नहीं निकालने
Sun, 07 Aug 2022 08:46 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 07 Aug 2022 08:46 PM IST
सार
लालचौक, इसके आसपास के इलाकों और डाउन टाउन में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
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Srinagar
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
शिया समुदाय के लोगों को मुहर्रम के आठवें दिन रविवार को श्रीनगर शहर में प्रतिबंधित मार्ग से जुलूस निकलने से रोकने के लिए प्रशासन ने इन इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू कर दीं। शहर के कई इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लोगों की आवाजाही तथा उनके एकत्रित होने पर पाबंदियां लगा दी गईं। कुछ अन्य इलाकों में भी जुलूस निकालने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने उसे नाकाम कर दिया।
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लालचौक, इसके आसपास के इलाकों और डाउन टाउन में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। जिन इलाकों में पाबंदियां लगाई गई हैं, वहां दुकानें तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं जबकि सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद हैं।
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श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिला प्रशासन ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए गुरु बाजार में बुचवाड़ा और अबी गुजर से जदीबल मार्गों की ओर मुहर्रम से संबंधित जुलूस नहीं निकालने देने का फैसला किया है। पूर्व में हुई हिंसा की घटना का हवाला देते हुए कहा कि जनहित तथा नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कानून एवं व्यवस्था की स्थिति सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
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शांतिपूर्ण रूप से मुहर्रम का जुलूस निकालने के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले ही उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने आगाह किया कि किसी तरह के उल्लंघन की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां कानून के तहत इस मामले पर संज्ञान लेंगी।
1990 के बाद से इन मार्गों पर है प्रतिबंध
मुहर्रम के आठवें दिन पारंपरिक जुलूस इन इलाकों से गुजरता था, लेकिन 1990 में आतंकवाद के सिर उठाने के बाद से इन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। शिया समुदाय 10 दिन तक मोहर्रम का शोक मनाता है।