{"_id":"6a4d60af4cc21e32210c2870","slug":"srinagar-cm-umar-abdullah-civil-secretiat-srinagar-news-c-10-1-jam1027-955683-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- मुख्यमंत्री ने जेकेओईसीएल को पुनर्जीवित और क्रियाशील करने के रोडमैप की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कुशल बनाने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम ने जम्मू-कश्मीर ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेकेओईसीएल) को पुनर्जीवित और क्रियाशील करने के रोडमैप की समीक्षा की।
सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करना है जो जम्मू-कश्मीर के हुनरमंद युवाओं को सीधे विदेशी नौकरी के अवसरों से जोड़ सके। इस दौरान जेकेओईसीएल को सरकार की नोडल भर्ती एजेंसी के रूप में पुनर्जीवित करने की प्रस्तावित रणनीति की गहन समीक्षा की गई ताकि युवाओं को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से विदेश में रोजगार मिल सके।
चर्चा में डिजिटल ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट पोर्टल बनाने, लाइसेंस प्राप्त भर्ती एजेंसियों के साथ साझेदारी करने, विदेशी भाषाओं और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रमों की शुरुआत करने, तथा विदेश जाने से पहले ओरिएंटेशन और पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता प्रदान करने जैसी योजनाएं शामिल हैं। यह ढांचा विदेश मंत्रालय, प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेशन और भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी तरह कानूनी और पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।
विज्ञापन
इन प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को विदेश भेजना नहीं है बल्कि उन्हें एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल के रूप में तैयार करना है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हमें केवल लोगों को विदेश नहीं भेजना है, हमें वहां कुशल और हुनरमंद लोगों को भेजना है। हमारा पूरा ध्यान कौशल विकास पर होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इस योजना को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के सफल तौर-तरीकों को अपनाने का भी आह्वान किया, जिन्होंने विदेश में रोजगार की सुविधा देने वाले सफल संस्थागत ढांचे स्थापित किए हैं।
उमर अब्दुल्ला ने निर्देश दिया कि आगामी औद्योगिक नीति में ऐसे कौशल विकास और प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना का प्रावधान होना चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय कार्यबल की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा मिले।
इस बैठक में शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) शैलेंद्र कुमार, विदेश मंत्रालय के चंडीगढ़ स्थित प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेशन यशू दीप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कुशल बनाने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम ने जम्मू-कश्मीर ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेकेओईसीएल) को पुनर्जीवित और क्रियाशील करने के रोडमैप की समीक्षा की।
सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करना है जो जम्मू-कश्मीर के हुनरमंद युवाओं को सीधे विदेशी नौकरी के अवसरों से जोड़ सके। इस दौरान जेकेओईसीएल को सरकार की नोडल भर्ती एजेंसी के रूप में पुनर्जीवित करने की प्रस्तावित रणनीति की गहन समीक्षा की गई ताकि युवाओं को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से विदेश में रोजगार मिल सके।
विज्ञापन
चर्चा में डिजिटल ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट पोर्टल बनाने, लाइसेंस प्राप्त भर्ती एजेंसियों के साथ साझेदारी करने, विदेशी भाषाओं और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रमों की शुरुआत करने, तथा विदेश जाने से पहले ओरिएंटेशन और पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता प्रदान करने जैसी योजनाएं शामिल हैं। यह ढांचा विदेश मंत्रालय, प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेशन और भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी तरह कानूनी और पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।
विज्ञापन
इन प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को विदेश भेजना नहीं है बल्कि उन्हें एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल के रूप में तैयार करना है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हमें केवल लोगों को विदेश नहीं भेजना है, हमें वहां कुशल और हुनरमंद लोगों को भेजना है। हमारा पूरा ध्यान कौशल विकास पर होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इस योजना को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के सफल तौर-तरीकों को अपनाने का भी आह्वान किया, जिन्होंने विदेश में रोजगार की सुविधा देने वाले सफल संस्थागत ढांचे स्थापित किए हैं।
उमर अब्दुल्ला ने निर्देश दिया कि आगामी औद्योगिक नीति में ऐसे कौशल विकास और प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना का प्रावधान होना चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय कार्यबल की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा मिले।
इस बैठक में शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) शैलेंद्र कुमार, विदेश मंत्रालय के चंडीगढ़ स्थित प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेशन यशू दीप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।