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हाईकमान से बात कर कांग्रेस पीएजीडी में शामिल होने का फैसला लेगी : मीर
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस पार्टी केंद्रीय नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श के बाद ही पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) में शामिल होने का फैसला लेगी। यह बात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कही। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 36वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए मीर ने कहा कि पूर्ववर्ती राज्य के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का एक साझा मंच होना जरूरी है। बता दें, मीर ने पिछले साल 4 अगस्त को गुपकार घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।
गुपकार गठबंधन की हाल ही में हुई दो बैठकों में शामिल न होने पर के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब गठबंधन की पहली बैठक 15 अक्तूबर को हुई तो वह ठीक महसूस नहीं कर रहे थेे। 24 अक्तूबर को हुई दूसरी बैठक से तीन घंटे पहले उन्हें सूचना दी गई थी, तब वह श्रीनगर में नहीं थे।
मीर ने कहा कि मैंने गठबंधन के नेताओं को 10 नवंबर के बाद बैठक करने को कहा था क्योंकि हमें कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बात करनी थी, जो बिहार चुनाव में व्यस्त है, लेकिन वे आगे बढ़ गए। उन्होंने कहा, जब गुपकार गठबंधन की अगली बैठक होगी, तब वह पार्टी के कश्मीर नीति नियोजन समूह के साथ बात करूं गा और शीर्ष नेतृत्व जो भी तय करेगा, उसका पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल सरकार द्वारा पांच अगस्त को लिए गए निर्णय पर गुपकर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सभी लोगों की चिंताएं एक समान हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के लिए संघर्ष करने के दौरान प्रयोग की जाने वाली भाषा के स्तर में अंतर हो सकता है लेकिन मुख्य चिंताएं वही हैं। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के झंडे वाले बयान पर उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक लड़ाई है।
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गुपकार गठबंधन की हाल ही में हुई दो बैठकों में शामिल न होने पर के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब गठबंधन की पहली बैठक 15 अक्तूबर को हुई तो वह ठीक महसूस नहीं कर रहे थेे। 24 अक्तूबर को हुई दूसरी बैठक से तीन घंटे पहले उन्हें सूचना दी गई थी, तब वह श्रीनगर में नहीं थे।
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मीर ने कहा कि मैंने गठबंधन के नेताओं को 10 नवंबर के बाद बैठक करने को कहा था क्योंकि हमें कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बात करनी थी, जो बिहार चुनाव में व्यस्त है, लेकिन वे आगे बढ़ गए। उन्होंने कहा, जब गुपकार गठबंधन की अगली बैठक होगी, तब वह पार्टी के कश्मीर नीति नियोजन समूह के साथ बात करूं गा और शीर्ष नेतृत्व जो भी तय करेगा, उसका पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल सरकार द्वारा पांच अगस्त को लिए गए निर्णय पर गुपकर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सभी लोगों की चिंताएं एक समान हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के लिए संघर्ष करने के दौरान प्रयोग की जाने वाली भाषा के स्तर में अंतर हो सकता है लेकिन मुख्य चिंताएं वही हैं। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के झंडे वाले बयान पर उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक लड़ाई है।
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