फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   petition filed in Srinagar court to open case against terrorist Bitta Karate next hearing on April 16

कश्मीर फाइल्स: आतंकी बिट्टा कराटे के खिलाफ केस खोलने की मांग, श्रीनगर में याचिका दायर, अगली सुनवाई 16 अप्रैल को

Wed, 30 Mar 2022 01:30 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 30 Mar 2022 01:30 PM IST
सार

आतंकी बिट्टा कराटे के खिलाफ फिर से केस खोले जाने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की गई है। बुधवार को श्रीनगर की एक कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई।

विज्ञापन
petition filed in Srinagar court to open case against terrorist Bitta Karate next hearing on April 16
फाइल फोटो: बिट्टा कराटे। - फोटो : india today

विस्तार

जम्मू कश्मीर में कश्मीर पंडितों एवं अन्य लोगों की हत्या का आरोपी बिट्टा कराटे के खिलाफ फिर से केस खुल सकते हैं। बुधवार को बिट्टा के खिलाफ केस खोले जाने की मांग को लेकर लगाई गई एक याचिका पर श्रीनगर के एक कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने याचिकाकर्ता पीड़ित सतीश टिक्कू के परिवार को याचिका की हार्ड कॉपी दाखिल करने के लिए कहा। मामले में 16 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी।

विज्ञापन


बिट्टा कराटे खूंखार आतंकी रहा है। कश्मीरी पंडितों के नरसंहार में शामिल रहे इस आतंकी का असली नाम जावेद अहमद डार है। 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म में आतंकी बिट्टा की हैवानियत और लोगों को भड़काने वाला इंटरव्यू दिखाया गया है। उसने इंटरव्यू में बेखौफ होकर कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की बात कबूली है। वह बताता है कि उसने करीब 20 लोगों को मौत के घाट उतारा। इसमें कश्मीर पंडित और मुसलमान भी शामिल हैं। वह बताता है कि उसने सबसे पहले सतीश कुमार टिक्कू को मारा, जोकि कश्मीरी पंडित परिवार से ताल्लुक रखता था। आतंकी बिट्टा वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है।
विज्ञापन


बिट्टा कराटे को लेकर पूर्व डीजीपी ने किया था खुलासा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कुछ दिन पहले कहा था कि आतंकी बिट्टा कराटे ने पुलिस की पूछताछ में 20 के करीब लोगों की हत्या की बात कबूली थी, लेकिन पुलिस के सामने यह किया गया कबूलनामा कोर्ट में मंजूर नहीं किया जाता। बाद में उसके खिलाफ किसी ने कोई गवाही नहीं दी। उन्होंने कहा था कि कश्मीर में आतंकवाद के लिए पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा प्रशिक्षित 70 आतंकियों के पहले ग्रुप को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसका किसी को पता नहीं था। उस वक्त राजनीतिक दबाव के चलते इन आतंकियों को रिहा करने का आदेश दिया गया। बाद में इन्हीं आतंकियों में से कई कश्मीर में आतंकी तंजीमों के सरगना बन गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed