पाकिस्तान संघर्षविराम उल्लंघन करता है तो भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेंगे: जीओसी वज्र डिवीजन
भारत-पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर एलओसी पर सीजफायर समझौते के ठीक दो दिन बाद सेना ने कहा कि उनके द्वारा इस समझौते का पूर्ण रूप से जमीनी स्तर पर पालन किया जा रहा है। उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान भी इस समझौते को जमीनी स्तर पर बरकरार रखेगा।
वज्र डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल वीबीएम कृष्णन ने कहा कि भारतीय सेना पूरा सैयम बरतेगी। पाकिस्तान द्वारा सीजफायर के उलंघन करने पर भी जितना हो सकेगा जवाबी कार्रवाई नहीं करेंगे। कहा कि इस समझौते से एलओसी से सटे करीब 300 गांव के लोग राहत की सांस लेंगे।
उत्तरी कश्मीर में तैनात सेना के एक कमांडर ने शनिवार को एक बार फिर से दोनों देशों के डीजीएमओ द्वारा सीजफायर को लेकर किये गए समझौते का स्वागत किया। श्रीनगर से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित सेना की वज्र डिवीजन के मुख्यालय में अमर उजाला से बातचीत में जीओसी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि पाकिस्तान भी इस समझौते को जमीनी स्तर पर बरकरार रखेगा। सीजफायर समझौते के तहत जो भी सेना की फायरिंग रेंज एलओसी के करीब हैं वहां पर फायरिंग प्रैक्टिस भी रोक दी गई है।
सेना की वज्र डिवीजन के तहत कुपवाड़ा जिले का तंगधार सेक्टर, केरन सेक्टर, मछिल सेक्टर और बांदीपोरा जिले का गुरेज सेक्टर का इलाका आता है। यह समझौता एलओसी से सटे गावों में शांति, सुरक्षा और विकास का दौर लाएगा।
कुछ वर्षों में आतंकवाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा: जीओसी
कृष्णन ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिशों पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर इस कदम की वजह से एलओसी पर शांति का माहौल दोनों देशों के बीच विश्वास पैदा करता है तो यह शांति बहाली के लिए पहले कदम के तौर पर माना जाएगा। लेकिन पूरी तरह से शांति बहाली के लिए एक लम्बा सफर तय करना बाकी है।
जीओसी ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि आने वाले कुछ वर्षों में आतंकवाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। कहा कि इस समझौते के बाद से एलओसी अभी तक बिलकुल शांत है, कोई भी सीजफायर का उलंघन नहीं हुआ है। लेकिन अभी भी ताजा इनपुट्स के अनुसार सीमा पार लॉन्चिंग पैड्स पर आतंकियों की मौजूदगी है जिसे ध्यान में रखते हुए सेना हाई अलर्ट पर है और पूरी तरह से किसी भी घुसपैठ की कोशिश को विफल बनाने के लिए सक्षम भी है।