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Srinagar: मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर हो रही हेराफेरी, पीएजीडी ने उठाए सवाल
Sun, 16 Oct 2022 02:47 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 16 Oct 2022 02:47 PM IST
सार
एमवाई तारिगामी ने परिसीमन के नाम पर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर हेराफरी की कोशिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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Srinagar PAGD
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर जम्मू-कश्मीर में हेराफेरी हो रही है, जिससे लोग और राजनीतिक दल चिंतित हैं। यह आरोप गुपकर गठबंधन (पीएजीडी) ने प्रेसवार्ता में लगाया है। साथ ही लोगों और राजनीतिक दलों से इसके विरोध में आवाज उठाने की अपील की है।
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पीएजीडी के प्रवक्ता और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एमवाई तारिगामी ने केंद्र शासित प्रदेश के बाहर के नए मतदाताओं के पंजीकरण की सुविधा पर जम्मू प्रशासन के अब वापस लिए जा चुके आदेश का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन के नाम पर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर हेराफरी की कोशिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले मुख्य चुनाव अधिकारी ने 25 लाख नए मतदाता जोड़ने और गैर स्थानीय लोगों को भी मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकने की बात कही थी, लेकिन बाद में इसे नकार दिया गया था। अब उसके बाद उपायुक्त जम्मू ने इस संबंध में आदेश जारी किया था, जिसे भी वापस ले लिया गया। उन्होंने लोगों और निर्वाचन आयोग से आदेश को पढ़ने और इसके निहितार्थों को समझने की अपील की। साथ ही लोगों और राजनीतिक दलों से आवाज उठाने का आह्वान किया।
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मौजूदा स्थिति की अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में की समीक्षा
तारिगामी ने कहा कि पीएजीडी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्तमान राजनीतिक स्थिति की समीक्षा की गई। चूंकि हमारे अधिकारों पर हमला किया गया था और उन्हें हटा दिया गया था। स्थिति दयनीय है और यहां तक कि सांस लेना भी मुश्किल कर दिया गया है। केंद्र ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को रद कर दबाने का प्रयास किया है। हालांकि गठबंधन प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोग अपने अधिकारों के लिए एकजुट होंगे।