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सम्मान: उत्तरी सेना कमांडर ने 'कुपवाड़ा की ध्वज महिला' को प्रशस्ति पत्र से किया सम्मानित
Mon, 15 Aug 2022 12:58 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 15 Aug 2022 12:58 AM IST
सार
महिलाओं ने भारतीय सेना के लिए हाथ से सिले 600 राष्ट्रीय झंडे बनाए हैं, जिसमें अशोक चक्र को खूबसूरती से हाथ से उकेरा गया है। उन्हें नियंत्रण रेखा और भारत के विभिन्न हिस्सों में फहराया जाएगा।
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Kupwara
- फोटो : सेना
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विस्तार
उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 'कुपवाड़ा की ध्वज महिला' जमीला बेगम को महिला सशक्तिकरण, कश्मीरी कला को जन-जन तक पहुंचाने और कुनन-पोशपोरा के उत्थान में योगदान के लिए शनिवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
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एक अधिकारी ने बताया कि बाबागुंड में जून 2021 में जमीला बेगम ने भारतीय सेना और जन शिक्षण संस्थान के सहयोग से ध्वज सिलाई की पहल की शुरुआत थी। कोरोना महामारी के दौरान जब लोगों के पास रोजगार के ज्यादा साधन नहीं बन पा रहे थे, तो सेना ने राष्ट्रीय ध्वज सिलने के काम के साथ महिला को जोड़ा। इससे बाबागुंड और कुनन-पोशपोरा की महिलाओं के कौशल को एक मंच मिला। धीरे-धीरे कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से महिलाओं को ध्वज बनाने के आर्डर मिलने लगे। कश्मीर में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज सिले जाने के काम ने मीडिया को भी अपनी ओर आकर्षित किया।
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अधिकारी ने बताया कि 2021 में जमीला बेगम के समर्पण और मेहनत ने कुपवाड़ा के अन्य कौशल केंद्रों को 8 हजार से अधिक राष्ट्रीय झंडे सिलने के लिए प्रेरित किया। इन महिलाओं द्वारा प्रदर्शित प्रयास और देशभक्ति की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रशंसा की थी।
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2022 में 'हर घर तिरंगा' अभियान के लिए देश भर में तिरंगे झंडे बनाए जा रहे हैं, लेकिन इन महिलाओं द्वारा बनाए गए झंडे अलग नजर आ रहे हैं। इस साल उन्होंने भारतीय सेना के लिए हाथ से सिले 600 राष्ट्रीय झंडे बनाए, जिसमें अशोक चक्र को खूबसूरती से हाथ से उकेरा गया है। उन्हें नियंत्रण रेखा और भारत के विभिन्न हिस्सों में फहराया जाएगा।
उत्तरी कमान प्रमुख ने एलओसी पर कहा - दुश्मन को दें मुंहतोड़ जवाब
सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रविवार को राजोरी में एलओसी का दौरा कर जवानों का मनोबल बढ़ाया। स्वतंत्रता दिवस से पहले राजोरी जिले में नियंत्रण रेखा से सटे अग्रिम इलाके में द्विवेदी ने जवानों से मुलाकात कर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के निर्देश दिए। उन्होंने सेना के जवानों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि वे इसी तरह से सतर्कता और ऊंचे मनोबल के साथ दुश्मन की हर साजिश को नाकाम करें।