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नवरेह 2022: अपनी माटी से जुड़ने के लिए पंडित पहुंचने लगे घाटी, मां शारिका मंदिर में होगा पूजन
Fri, 01 Apr 2022 01:01 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 01 Apr 2022 01:01 PM IST
सार
कश्मीरी पंडित दो अप्रैल को नवरेह यानी नए साल का जश्न मनाने के लिए घाटी पहुंचना शुरू हो गए हैं। श्रीनगर में ज्येष्ठा माता मंदिर में इन पंडितों को ठहराने का प्रबंध किया गया है।
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Navreh
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अपनी माटी से जुड़ने और द कश्मीर फाइल्स को लेकर उठे हंगामे के बीच कश्मीरी पंडित नवरेह यानी नए साल का जश्न दो अप्रैल को मनाने के लिए घाटी पहुंचना शुरू हो गए हैं। दिल्ली, बेंगलुरु तथा जम्मू से पंडितों का जत्था वीरवार को श्रीनगर पहुंचा। जम्मू से दो बसों में सवार होकर पंडित समुदाय के लोग कश्मीर गए।
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श्रीनगर में डाउनटाउन इलाके के लाल चौक स्थित यात्री निवास तथा राजभवन के पास ज्येष्ठा माता मंदिर में इन पंडितों को ठहराने का प्रबंध किया गया है। जम्मू से बस से जाने वालों में सभी आयु वर्ग के लोग शामिल रहे। जेके पीस फोरम की ओर से श्रीनगर में आयोजित नवरेह कार्यक्रम में देशभर से कश्मीरी पंडितों को बुलाया गया है। नवरात्र के पहले दिन दो अप्रैल को पंडित समुदाय के लोग हरि पर्वत पर स्थित मां शारिका मंदिर में पूजन-अर्चना के साथ ही पंडितों की घर वापसी की कामना करेंगे।
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इसके साथ ही शेर-ए-कश्मीर पार्क (पोलो व्यू के पास) में नवरेह मिलन कार्यक्रम होगा। फोरम के चेयरमैन सतीश महालदार ने बताया कि कार्यक्रम के लिए पंडितों का घाटी पहुंचना शुरू हो गया है। भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी व शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी शामिल होंगे। सर्वधर्म से जुड़े इस कार्यक्रम के जरिये पंडितों की वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही 30 साल के विस्थापन के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से नई पीढ़ी को अवगत कराने और दहशत में घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर लोगों के लिए सम्मान, सुरक्षा व आत्म सम्मान की भावना जगाने का प्रयास किया जाएगा।
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