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जेकेसीए घोटाला: संपत्ति जब्त करने के मामले में ईडी के आदेश को फारूक ने दी चुनौती
Fri, 05 Mar 2021 08:17 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 05 Mar 2021 08:17 PM IST
सार
-जेकेसीए घोटाले में की थी ईडी ने कार्रवाई
-दिसंबर में कश्मीर और जम्मू में 11.86 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी ने की थी जब्त
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फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : बासित जरगर
विस्तार
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और स्थानीय सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उस आदेश को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में चुनौती दी है जिसमें करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य की उनकी रिहायशी और वाणिज्यिक संपत्ति को जब्त किया गया है।
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पार्टी के अन्य सांसद हसनैन मसूदी ने कहा कि 19 दिसंबर 2020 के ईडी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका बुधवार को जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय में दायर की थी। ईडी ने दिसंबर में कश्मीर और जम्मू में 11.86 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी और उसने आरोप लगाया था कि जब्त संपत्ति जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन से संबंधित घोटाले में अपराध से अर्जित की गई है। ईडी द्वारा जब्त संपत्ति या तो पैतृक थीं या कथित जेकेसीए घोटाले से पहले ली गई थीं। ईडी की कार्रवाई को छह माह के भीतर किसी सक्षम अदालत में चुनौती दी जा सकती थी।
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ईडी ने आरोप लगाया है कि फारूक ने वर्ष 2001-2011 तक जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के अध्यक्ष के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मिले पैसे को प्रायोजित तरीके से लूटने के लिए खेल निकाय में नियुक्तियां कीं ।अब्दुल्ला ने ईडी के फैसले को उनके मौलिक अधिकारों का लगातार उल्लंघन बताया था। 85 वर्षीय नेकां अध्यक्ष से ईडी ने श्रीनगर में अंतिम बार अक्तूबर 2020 में पूछताछ की थी।
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इन संपत्तियों को किया गया जब्त
ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में श्रीनगर के गुपकार रोड, टंगमर्ग के कटिपोरा तहसील और जम्मू के बठिंडी की आवासीय संपत्तियों के अलावा श्रीनगर की पॉश रेजीडेंसी रोड पर एक व्यावसायिक इमारत तथा प्रदेश में चार स्थानां पर भूखंड भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन संपत्तियों की बुक वैल्यू 11.86 करोड़ रुपये है, लेकिन उनके बाजार मूल्य का अनुमान लगभग 60-70 करोड़ रुपये है।