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Srinagar: 'मस्जिदों का वेरिफिकेशन धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए हो रहा, डर की कोई जरूरत नहीं', दरख्शां

Sun, 18 Jan 2026 12:22 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: निकिता गुप्ता Updated Sun, 18 Jan 2026 12:22 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने कहा कि मस्जिदों, इमामों और खतीबों का वेरिफिकेशन पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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Mosques are being verified to protect religious properties.
जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन दरख्शां अंद्राबी - फोटो : ANI

विस्तार

जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने कहा कि इमामों, खतीबों और मस्जिदों का वेरिफिकेशन पूरी तरह से प्रशासनिक है। इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा करना है। उन्होंने इसके पीछे किसी भी राजनीतिक मकसद को खारिज कर दिया।

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उन्होंने कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश में धार्मिक संपत्तियों की लंबी अवधि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक पूरी तरह से प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने मौलवियों और मस्जिद समितियों से प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की। डॉ. अंद्राबी ने कहा कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया को कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग बेवजह राजनीतिक रंगत दे रहे हैं। डर या भ्रम की कोई जरूरत नहीं है। यह कवायद हमारी धार्मिक और सामुदायिक संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए है न कि किसी को निशाना बनाने के लिए।
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अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की ओर से लांच किए गए उम्मीद पोर्टल के तहत वक्फ संपत्तियों को पंजीकृत करने में शीर्ष केंद्र शासित प्रदेशों में से जम्मू और कश्मीर एक के रूप में उभरा है। हमने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किया। अगर मस्जिदें वक्फ संपत्तियों का हिस्सा हैं तो वे पहले से ही पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं।

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दस्तावेजीकरण व वेरिफिकेशन जरूरी: डाॅ. अंद्राबी
डॉ. अंद्राबी ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य के विवादों से बचने के लिए दस्तावेजीकरण और वेरिफिकेशन जरूरी है। जिस तरह जमीन के मालिकाना हक के लिए रिकॉर्ड की जरूरत होती है उसी तरह धार्मिक स्थलों को भी अपनी सुरक्षा के लिए प्रमाणीकरण की जरूरत होती है। इमामों, मौलवियों और मस्जिद प्रबंधन को घबराना नहीं चाहिए। चेयरपर्सन ने कहा कि यह पहल जम्मू और कश्मीर के भले के लिए है और इसे गलत तरीके से पेश या राजनीतिक रंगत न दी जाए।

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