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श्रीनगर: सचिवालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा और चरखा स्थापित, LG बोले- स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक है चरखा

Mon, 02 Oct 2023 01:45 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Mon, 02 Oct 2023 01:45 PM IST
सार

उपराज्यपाल ने कहा कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई में चरखे को महात्मा गांधी ने एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि चरखा स्वदेशी आंदोलन, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक है।

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lg manoj sinha unveils statue of Mahatma Gandhi and Charkha installation at Civil Secretariat Srinagar
एलजी मनोज सिन्हा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के नागरिक सचिवालय में उनकी प्रतिमा और चरखा स्थापना का अनावरण किया। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि बापू के आदर्श पूरी मानवता के लिए हैं।

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साथ ही उपराज्यपाल ने कहा कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई में चरखे को महात्मा गांधी ने एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि चरखा स्वदेशी आंदोलन, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक है।
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आगे उपराज्यपाल ने कहा, 'महात्मा गांधी का हमेशा मानना था कि चरखे की परिधि का संदेश उसकी मूर्त परिधि से कहीं अधिक व्यापक है। चरखे का लक्ष्य मानव जाति की सेवा करना, दूसरों को नुकसान पहुंचाए बिना जीना, अमीर और गरीब, पूंजी और श्रम के बीच एक अविभाज्य बंधन बनाना है।'
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lg manoj sinha unveils statue of Mahatma Gandhi and Charkha installation at Civil Secretariat Srinagar
चरखा स्थापित करते हुए उपराज्यपाल - फोटो : बासित जरगर

उपराज्यपाल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अधिकारी गांधी जी के विचारों और आदर्शों से प्रेरित होकर समाज में प्रत्येक नागरिक की गरिमा, समानता, सामाजिक न्याय के साथ ही विकसित व आत्मनिर्भर जम्मू कश्मीर के लिए समर्पित रूप से काम करना जारी रखेंगे।

उपराज्यपाल ने गांवों को सामाजिक-आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने और ग्रामीण आबादी के जीवन में बदलाव लाने के लिए यूटी प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आय के विभिन्न स्रोतों की उपलब्धता के कारण आज जम्मू कश्मीर के गांवों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। नए उद्यमी गांवों से अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं। उपराज्यपाल ने कहा, बुनियादी सुविधाओं के मामले में गांव और शहर के बीच का अंतर मिट रहा है।

जम्मू-कश्मीर ने 2021-22 में केवीआईसी की मदद से गांवों में 21,640 विनिर्माण और सेवा इकाइयां स्थापित कीं, जिससे 1.73 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में 10,628 से अधिक नई इकाइयां स्थापित की गई थीं।

उपराज्यपाल ने महात्मा गांधी और चरखे की मूर्ति की स्थापना के लिए जम्मू-कश्मीर खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड को बधाई दी। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयास का भी आह्वान किया।

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